Randhir Singh on SIR Issue: मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग पर भड़के भाजपा नेता रणधीर सिंह, कांग्रेस पर लगाया गुमराह करने का आरोप
देवघर: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और एसआईआर (SIR) प्रक्रिया को लेकर देश भर में सियासी घमासान मचा हुआ है। जहाँ एक तरफ विपक्ष इसका लगातार विरोध कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ भाजपा नेता विपक्ष के इस विरोध पर तीखे सवाल खड़े कर रहे हैं। इसी कड़ी में झारखंड के पूर्व मंत्री सह भाजपा नेता रणधीर सिंह ने कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर जमकर निशाना साधा है।
भाजपा नेता रणधीर सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि दिल्ली में एसआईआर के खिलाफ किया जा रहा विरोध पूरी तरह से अनुचित है। उन्होंने विपक्षी दलों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल इस संवेदनशील मुद्दे पर आम जनता को गुमराह करने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मतदाताओं की पहचान और मतदाता सूची की पारदर्शी जांच की प्रक्रिया पहले भी समय-समय पर होती रही है, लेकिन इस बार विपक्ष इस पर सिर्फ और सिर्फ नकारात्मक राजनीति कर रहा है।
🏹 संथाल परगना में आदिवासियों की घटती आबादी पर बड़ा आंदोलन करेगी बीजेपी
पूर्व मंत्री रणधीर सिंह ने आगे ऐलान किया कि भारतीय जनता पार्टी अब संथाल परगना क्षेत्र में एसआईआर से जुड़े मुद्दों और आदिवासियों की घटती आबादी को लेकर एक बड़े आंदोलन की तैयारी कर रही है। उन्होंने कहा कि गोड्डा से सांसद निशिकांत दुबे लगातार संथाल परगना में बदलती जनसांख्यिकी (Demography) और डेमोग्राफी चेंज के गंभीर मुद्दे को उठाते रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि इस क्षेत्र में मूल आदिवासियों की आबादी लगातार घट रही है, जबकि बाहर से खासकर बांग्लादेश से आए लोगों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। संथाल परगना के ऐतिहासिक और सामरिक महत्व को देखते हुए यहाँ की मूल आदिवासी आबादी के संरक्षण और आम नागरिकों को जागरूक करने के लिए बीजेपी अब छात्र संगठनों और युवाओं को साथ लेकर एक व्यापक अभियान चलाएगी।
📅 निशिकांत दुबे के नेतृत्व में तैयार होगी आंदोलन की रूपरेखा
सारठ के पूर्व विधायक रणधीर सिंह ने जानकारी दी कि इस आगामी आंदोलन की पूरी रूपरेखा सांसद निशिकांत दुबे के नेतृत्व में ही तैयार की जाएगी। इसके लिए प्रमुख छात्र नेताओं से लगातार बातचीत की जा रही है। उन्होंने कहा कि जिन-जिन क्षेत्रों में मूल निवासियों की आबादी में गिरावट का दावा किया जा रहा है, उन सभी इलाकों में विशेष अभियान चलाकर लोगों को जागरूक किया जाएगा।
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही सांसद निशिकांत दुबे ने संथाल परगना के विभिन्न छात्र नेताओं के साथ एक अहम बैठक कर घटती आदिवासी आबादी के मुद्दे पर गंभीर चर्चा की थी। अब राजनीतिक गलियारों में सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि बीजेपी का यह प्रस्तावित आंदोलन संथाल परगना की राजनीति में क्या रंग लाता है और इसका क्षेत्रीय समीकरणों पर क्या असर पड़ता है।