ब्रेकिंग
Ladakh Pashmina at Fashion Week: चांगथांग समुदाय की मेहनत और पश्मीना की अनूठी कला, दिल्ली के 'द ताज'... Ladakh New District Sankoo: केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख को मिला एक और नया जिला, सांकू बना आठवां जिला Mahua Moitra Circuit House Case: सुप्रीम कोर्ट ने TMC सांसद महुआ मोइत्रा को दी राहत, सर्किट हाउस में... CAQM Strict Guidelines Delhi NCR: दिल्ली-NCR की प्रदूषण फैलाने वाली फैक्टरियों पर शिकंजा, 30 नवंबर त... Amit Kashyap Murder Case: मेरठ के चर्चित अमित कश्यप हत्याकांड में पत्नी और उसके प्रेमी को फांसी की स... Muzaffarnagar Priest Murder Case: बेटा होने की भविष्यवाणी गलत साबित होने पर 81 वर्षीय पुजारी की गोली... Mumbai Goregaon News: मुंबई के गोरेगांव में 18 महीने की मासूम की छठी मंजिल से गिरकर मौत, 10 साल की प... बिहार की राजनीति में हलचल, विधायक अनंत सिंह बोले- जब नीतीश कुछ नहीं थे, तब हमने पार्टी के लिए कुर्बा... Lucknow Shiva Sharma Murder Case: लखनऊ के चर्चित शिवा मर्डर केस में बड़ा खुलासा, नेपाल से वीडियो जार... Naturopathy Treatment: प्राकृतिक चिकित्सा से रोगों का निदान, बिना दवा के स्वस्थ रहने की कला

Bokaro Steel Plant Protest: बोकारो में विस्थापितों का उग्र आंदोलन, अप्रेंटिस संघ की भूख हड़ताल का सातवां दिन और प्लांट के गेट जाम

बोकारो: विस्थापित अप्रेंटिस संघ और विस्थापित परिवारों के स्थायी नियोजन की मांग को लेकर चल रहा यह आंदोलन अब काफी तेज हो गया है। अपनी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के सातवें दिन आंदोलनकारियों ने बोकारो स्टील प्लांट (BSL) के केवल मुख्य गेट को छोड़कर बाकी सभी एंट्री गेटों को पूरी तरह से बंद कर दिया है।

गेट जाम होने के कारण, अपनी ड्यूटी पर पहुँचे कई कर्मचारियों को वापस लौटना पड़ा, जबकि कुछ कर्मचारियों ने मुख्य गेट से प्लांट के अंदर प्रवेश किया। विस्थापित परिवारों की मुख्य माँग है कि उन्हें पहले की तरह चतुर्थ वर्ग (Grade-IV) के पदों पर सीधा नियोजन दिया जाए और जिन युवाओं ने अपनी अप्रेंटिसशिप की ट्रेनिंग पूरी कर ली है, उनकी तत्काल प्रभाव से स्थायी बहाली की जाए।

🤝 समझौते पर अमल न होने का आरोप, विधायक श्वेता सिंह धरने पर डटीं

आंदोलनकारियों का आरोप है कि प्रेम महतो की मृत्यु के बाद प्रशासन और प्रबंधन के साथ हुई त्रिपक्षीय बातचीत में नियोजन को लेकर सहमति बनी थी, लेकिन 16 लंबे महीने बीत जाने के बाद भी इस समझौते पर कोई अमल नहीं किया गया है। इस बीच, बोकारो की विधायक श्वेता सिंह लगातार सातवें दिन भी इस धरने पर पूरी मजबूती के साथ डटी हुई हैं। इसके अलावा स्थानीय सांसद ने भी विस्थापितों की इस जायज माँग का खुलकर समर्थन किया है।

बोकारो स्टील प्लांट (BSL) के ‘टू-टैंक गार्डन’ के पास विस्थापित अप्रेंटिस संघ का यह आमरण अनशन सातवें दिन भी जारी है। विस्थापित नौजवान संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष अरुण कुमार महतो ने कहा कि लगातार छह दिनों की भूख हड़ताल के बावजूद, न तो BSL प्रबंधन और न ही स्थानीय प्रशासन ने उनकी माँगों को लेकर कोई संवेदनशीलता दिखाई है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द कदम नहीं उठाए गए, तो विस्थापित परिवार एक निर्णायक और आर-पार की लड़ाई के लिए पूरी तरह तैयार हैं और प्लांट के कामकाज को पूरी तरह से ठप कर दिया जाएगा।

📋 आंदोलनकारियों की मुख्य माँगे और संकट

संघ की प्रमुख माँगों में निम्नलिखित बिंदु शामिल हैं:

  • 1,500 अप्रेंटिस की बहाली: जिन युवाओं ने अप्रेंटिसशिप पूरी कर ली है, उन्हें तुरंत नौकरी दी जाए।

  • पुरानी आरक्षण व्यवस्था: चतुर्थ वर्ग की नौकरियों के लिए पुरानी आरक्षण नीति को दोबारा बहाल किया जाए।

  • स्पष्ट नियोजन नीति: प्लांट के निर्माण के लिए अपनी उपजाऊ जमीन देने वाले विस्थापित परिवारों के लिए एक पारदर्शी और स्पष्ट रोजगार नीति बनाई जाए।

संघ के सक्रिय नेता सुनील कुमार ने कहा कि पिछले डेढ़ साल से उन्हें सिर्फ कोरे आश्वासन ही मिले हैं। ठेका आधारित रोजगार के बजाय आंदोलनकारी स्थायी बहाली चाहते हैं। ट्रेनिंग पूरी होने के बाद भी नियोजन न मिलने के कारण आज ये युवा और उनके परिवार गंभीर आर्थिक संकट का सामना करने को विवश हैं।