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Latehar Durga Puja 2026: लातेहार में लखनऊ के रजवाड़ा पैलेस की तर्ज पर सजा भव्य पूजा पंडाल, बर्फ की गुफा में विराजमान हुईं मां दुर्गा

लातेहार: लातेहार जिला मुख्यालय स्थित काली मंदिर पूजा समिति के द्वारा दुर्गा पूजा पंडाल का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। इस बार यहाँ आकर्षक और रंग-बिरंगी लाइटिंग के साथ लखनऊ के रजवाड़ा पैलेस (फोर्ट रजवाड़ा) के प्रारूप पर भव्य पूजा पंडाल का निर्माण कराया गया है, और इसके साथ ही माता वैष्णो देवी की तर्ज पर बर्फ की गुफा के बीच विराजमान मां दुर्गा की मनमोहक प्रतिमा श्रद्धालुओं के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।

आपको बता दें कि सार्वजनिक दुर्गा पूजा समिति काली मंदिर द्वारा पिछले 52 वर्षों से लगातार यहाँ दुर्गा पूजा का आयोजन किया जा रहा है। शुरुआत में यह पूजा काफी सादगी के साथ आरंभ की गई थी, लेकिन समय के साथ यह शहर का सबसे भव्य और ऐतिहासिक आयोजन बनता चला गया। पिछले कई वर्षों से यह पूजा समिति लातेहार जिला मुख्यालय में लोगों की आस्था और आकर्षण का सबसे बड़ा केंद्र रही है।

✨ पंडाल की विशेषता और नवरात्र के पहले दिन से पट खुलना

इस वर्ष समिति के प्रवक्ता रितेश कुमार उर्फ निक्कू ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रसिद्ध रजवाड़ा पैलेस की तर्ज पर बने इस पंडाल और बर्फ की पहाड़ियों के बीच माँ की प्रतिमा के दर्शन के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। रात के समय जब इस पर रंग-बिरंगी लाइटिंग की जाती है, तो यहाँ का नजारा बेहद अद्भुत और अलौकिक हो जाता है। समिति ने इस बार एक नई परंपरा की शुरुआत करते हुए नवरात्र के पहले दिन से ही पंडाल के पट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए हैं। इसके अलावा, प्रतिदिन संध्याकाल में भव्य आरती का आयोजन किया जाता है, जिसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालु शामिल होकर महाप्रसाद ग्रहण करते हैं।

💃 डांडिया नाइट का आयोजन और सुरक्षा के कड़े इंतजाम

समिति के एक अन्य प्रवक्ता सागर कुमार ने बताया कि चूंकि समिति इस बार अपना 50वां अधिवेशन मना रही है, इसलिए इसे बेहद खास बनाया गया है। सप्तमी के पावन अवसर पर पंडाल प्रांगण में ही विशेष रूप से डांडिया नाइट का आयोजन किया जाएगा, जहाँ गरबा नृत्य के जरिए माता की आराधना की जाएगी।

दूसरी ओर, इस भारी भीड़ और उत्सव को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा सुरक्षा के बेहद व्यापक प्रबंध किए गए हैं। पुलिस बल की ओर से 24 घंटे सुरक्षा और पेट्रोलिंग की व्यवस्था की गई है, ताकि किसी भी श्रद्धालु को असुविधा न हो। इसके अलावा पूजा समिति की तरफ से भी पंडाल के चप्पे-चप्पे पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं ताकि हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा सके।