ब्रेकिंग
चुनाव आयोग का बड़ा फैसला: ऑनलाइन फॉर्म 6 से हटाई गई पूर्वजों से संबंधित अतिरिक्त घोषणा अक्टूबर आते ही दमघोंटू होने लगती है हवा: पॉल्यूशन बढ़ने से पहले ही दिल्ली-NCR में सिस्टम हुआ एक्टिव रबी सीजन 2027-28 के लिए 6 फसलों की MSP में बढ़ोतरी: किसानों को लागत पर मिलेगा 50% से 106% तक मुनाफा Gujarat Politics: पूर्व CM शंकर सिंह वाघेला की फिर होगी कांग्रेस में वापसी? नई पार्टी का ऐलान टाला; ... Jhalawar News: मां नेत्रहीन और पिता मूकबधिर, खेत से लापता 7 वर्षीय इकलौते बेटे का कुएं में मिला शव; ... Maharashtra Cannabis Bust: सोलापुर में गन्ने के खेत से ₹1.05 करोड़ का गांजा जब्त, 12 फीट ऊंचे 240 पौ... Bihar Flood Alert: नेपाल में बारिश से गंगा-गंडक उफान पर, सारण में तटबंध टूटने से दर्जनों गांव डूबे, ... Bareilly Cyber Crime News: बरेली में साइबर ठगों का बड़ा जाल, छह वारदातों में उड़ाए लाखों; टेलीग्राम ... UP Politics: 'नौकरी छोड़ ई-रिक्शा चलाओ' वाले बयान पर घिरे डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक, बचाव में उतरे ओपी... अखिलेश यादव संग दिखे योगी के मंत्री राकेश सचान: राज्यसभा चुनाव के बीच तस्वीर ने बढ़ाई सियासी सरगर्मी

Karnal CBI Raid: IDFC बैंक के ₹645 करोड़ घोटाले में घरौंडा अनाज मंडी पर CBI का छापा, कई आढ़ती फर्मों पर एक्शन

हरियाणा के करनाल जिले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने एक बड़े वित्तीय अपराध के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए व्यापक छापेमारी अभियान चलाया है।

यह कार्रवाई IDFC First Bank से संबंधित लगभग 645 करोड़ रुपये के बहुचर्चित कथित बैंक ऋण एवं वित्तीय हेराफेरी घोटाले के सिलसिले में की गई है।

बुधवार की सुबह सीबीआई की 4 से 5 विशेष जांच टीमों ने घरौंडा अनाज मंडी में एक साथ दबिश दी। प्राथमिक जांच और खुफिया इनपुट्स के अनुसार, घरौंडा अनाज मंडी की कई आढ़त फर्मों के तार इस 645 करोड़ रुपये के बड़े बैंक घोटाले और फंड डायवर्जन से सीधे तौर पर जुड़े होने की जानकारी सामने आई थी, जिसके बाद यह बड़ा एक्शन लिया गया।

📂 मार्केट कमेटी दफ्तर पहुंची जांच एजेंसी: आढ़त फर्मों के दस्तावेज और बहीखाते खंगाले

जांच प्रक्रिया और मिले पुख्ता साक्ष्य:

  • मार्केट कमेटी में रिकॉर्ड की जांच: सीबीआई के वरिष्ठ अधिकारी आढ़त फर्मों द्वारा किए गए पुराने खरीद-फरोख्त के रिकॉर्ड, गेट पास और लेन-देन का ब्योरा जुटाने के लिए स्थानीय मार्केट कमेटी कार्यालय भी पहुंचे।

  • दस्तावेजों की जब्ती: जांच एजेंसी ने संबंधित फर्मों के स्टॉक रजिस्टर, बिल बुक और डिजिटल एंट्रीज को अपने कब्जे में लेकर फॉरेंसिक व ऑडिट जांच शुरू कर दी है।

  • फर्जी बिलिंग और मनी लॉन्ड्रिंग: सूत्रों के हवाले से मिली पुख्ता जानकारी के अनुसार, मंडी की 3 से 4 प्रमुख फर्मों के खिलाफ बोगस बिलिंग और अवैध तरीके से बैंक फंड को ठिकाने लगाने (मनी लॉन्ड्रिंग) में सीधे तौर पर संलिप्त होने के पुख्ता सुराग और दस्तावेज बरामद हुए हैं।