Jamshedpur Vinay Yadav Death: हादसे के दो दिन बाद जमशेदपुर के विनय यादव ने भी तोड़ा दम, वियतनाम में एक साथ काम करते थे दोनों युवक
वियतनाम के सबसे चर्चित और खूबसूरत पर्यटन स्थलों में शुमार दा-लाट शहर में 25 सितंबर की शाम हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे ने रांची और जमशेदपुर के दो हंसते-खेलते परिवारों की खुशियां पूरी तरह उजाड़ दी हैं। दुर्घटना के दिन ही रांची के रहने वाले राजा कुमार वर्मा की घटनास्थल पर ही मौत हो गई थी, जबकि गंभीर रूप से घायल जमशेदपुर के विनय यादव ने भी 27 सितंबर को अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। अब दोनों ही पीड़ित परिवार अपने लाडलों के पार्थिव शरीर का भारत लौटने का इंतजार कर रहे हैं। वियतनाम से शवों को वापस स्वदेश लाने में अनुमानित 10 लाख रुपये से अधिक का भारी-भरकम खर्च आ रहा है, जो कि दोनों गरीब परिवारों की आर्थिक क्षमता से बाहर है।
👨👩👦 ‘पापा, सब ठीक कर देंगे…’ गरीबी से जूझते परिवार की इकलौती उम्मीद थे राजा वर्मा, मामा के सहयोग से गए थे वियतनाम
दिवंगत राजा के पिता उमेश कुमार वर्मा अपने बेटे की अचानक हुई मौत से अंदर से पूरी तरह टूट चुके हैं। सिसकते हुए उन्होंने बताया कि महज ढाई महीने पहले ही राजा घर आया था और उसने कहा था कि पापा अब घर की सारी स्थितियां ठीक कर देंगे। राजा के चचेरे भाई अमित और ममेरे भाई संजय कुमार वर्मा ने बताया कि परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद दयनीय है। राजा ने किसी तरह सरकारी स्कूल से मैट्रिक तक की पढ़ाई पूरी की थी और बहुत संघर्ष के बाद योग का प्रशिक्षण लेकर वियतनाम में काम कर रहे अपने मामा के सहयोग से वहां की ‘एडी योगा अकादमी’ में योगा टीचर की नौकरी हासिल की थी। उनके कंधों पर पूरे परिवार की जिम्मेदारी थी, जिसमें उनके पिता बिजली मिस्त्री और प्लंबर का काम करते हैं, एक छोटा बेरोजगार भाई और पढ़ाई कर रही बहन शामिल है।
🛵 एक ही कंपनी में काम करते थे राजा और विनय, तेज बारिश के बीच फिसल गई थी स्कूटी और पीछे से आई कार ने रौंदा
अमित ने जानकारी दी कि वियतनाम हादसे में जान गंवाने वाले जमशेदपुर के विनय यादव भी पेशे से योगा टीचर ही थे। विनय और राजा दोनों वियतनाम में किराए के मकान में एक साथ रहते थे और एक ही कंपनी में अपनी सेवाएं दे रहे थे। विनय को भी योग का कोर्स पूरा करने के बाद राजा के मामा के जरिए ही वियतनाम में नौकरी पाने में मदद मिली थी। हादसे के दिन दोनों शाम के समय कंपनी की स्कूटी से अपने घर लौट रहे थे, तभी तेज बारिश के कारण अचानक स्कूटी फिसल गई और अनियंत्रित होकर पीछे से आ रही एक तेज रफ्तार कार ने दोनों को अपनी चपेट में ले लिया।
🏛️ शव वापस लाने के लिए नेताओं और प्रशासन से लगाई गुहार, झारखंड माइग्रेंट सेल ने दी कार्रवाई की जानकारी
पूरा परिवार और मोहल्ले के लोग गहरे सदमे में हैं। सहायता के लिए पीड़ित परिजनों ने राज्यसभा सांसद महुआ माजी से मुलाकात की और स्थानीय विधायक सीपी सिंह भी परिवार को ढांढस बंधाने पहुंचे। इसके अलावा स्थानीय नागरिकों ने रांची के उपायुक्त (DC) मंजूनाथ भजंत्री से मिलकर पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द रांची मंगवाने की गुहार लगाई है, जिस पर डीसी ने हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया है। वहीं, झारखंड माइग्रेंट सेल की अधिकारी शिखा लकड़ा ने बताया कि राज्य सरकार के स्तर पर लगातार कूटनीतिक और प्रशासनिक प्रयास किए जा रहे हैं। भारत सरकार के विदेश मंत्रालय और वियतनाम स्थित भारतीय कौंसलेट (Consulate) से ईमेल के माध्यम से संपर्क साधा गया है, और उम्मीद जताई जा रही है कि इसी सप्ताह तक दोनों युवाओं के पार्थिव शरीर उनके पैतृक निवास स्थान पर पहुंचा दिए जाएंगे तथा सरकारी प्रावधानों के तहत उचित मुआवजा भी दिया जाएगा।