Punjab Border Security: अमृतसर-जालंधर बॉर्डर पर पुलिस और BSF का महा-सर्च ऑपरेशन, संदिग्धों पर पैनी नजर
अमृतसर/जालंधर: पंजाब के सीमावर्ती क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा राष्ट्रविरोधी व असामाजिक तत्वों की संदिग्ध गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए बॉर्डर रेंज पुलिस ने सीमा सुरक्षा बल (BSF) के साथ मिलकर एक व्यापक संयुक्त तलाशी अभियान (Joint Search Operation) चलाया।
पंजाब के पुलिस महानिदेशक (DGP) गौरव यादव के कड़े दिशा-निर्देशों के तहत शुरू किए गए इस सुरक्षा अभियान का संपूर्ण पर्यवेक्षण बॉर्डर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (IG) गुरप्रीत सिंह भुल्लर द्वारा स्वयं किया गया।
🔍 संवेदनशील गांवों और रास्तों पर सघन जांच: संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर
सर्च ऑपरेशन और सुरक्षा बलों की रणनीति:
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सीमावर्ती क्षेत्रों में नाकाबंदी: संयुक्त सुरक्षा टीमों ने भारत-पाक सीमा से सटे संवेदनशील गांवों, संपर्क मार्गों और संवेदनशील प्रतिष्ठानों के आसपास सघन तलाशी अभियान संचालित किया।
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आवाजाही पर नजर: सुरक्षा बलों ने क्षेत्र में प्रवेश करने वाले और बाहर जाने वाले व्यक्तियों, संदिग्ध वाहनों और संवेदनशील ठिकानों की गहन जांच-पड़ताल की।
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त्वरित कार्रवाई के निर्देश: आई.जी. गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने पुलिस और BSF के जवानों को निर्देश दिए कि सीमावर्ती क्षेत्रों में सतत निगरानी रखी जाए और किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिलने पर बिना किसी देरी के त्वरित कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने रेखांकित किया कि दोनों बलों के बीच उत्कृष्ट तालमेल सीमा की सुरक्षा को अभेद्य बनाता है।
🤝 असामाजिक तत्वों पर नकेल कसने का लक्ष्य: आम नागरिकों से सहयोग की अपील
सुरक्षा उपाय और जनभागीदारी:
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अभियान का मुख्य उद्देश्य: पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस संयुक्त अभियान की प्राथमिकता अवैध गतिविधियों की पहचान करना, घुसपैठ व तस्करी के संभावित खतरों को विफल करना और सीमावर्ती निवासियों में सुरक्षा की भावना को मजबूत करना है।
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नागरिकों से अपील: अभियान के दौरान स्थानीय ग्रामीणों से अपील की गई कि यदि उन्हें अपने आसपास कोई भी संदिग्ध व्यक्ति, लावारिस वस्तु अथवा अवांछित गतिविधि नजर आए, तो उसकी जानकारी अविलंब पुलिस व सुरक्षा एजेंसियों को दें।
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रात्रि गश्त में बढ़ोतरी: बॉर्डर रेंज पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संवेदनशील और रणनीतिक स्थानों पर विशेष रूप से रात के समय गश्त और नाकों की संख्या और अधिक बढ़ा दी गई है।