ब्रेकिंग
Nomadic Elephant 2026: पिथौरागढ़ में भारत-मंगोलिया का संयुक्त सैन्य अभ्यास, रूम इंटरवेंशन और बोख कुश... Yogi Adityanath Delhi Visit: पीएम मोदी और जेपी नड्डा से मिले सीएम योगी आदित्यनाथ, यूपी चुनाव और संगठ... सोशल मीडिया पर दिखावा पड़ा भारी: यूट्यूबर मधुमिता के घर से ₹1 करोड़ के सोने-हीरे के जेवर चोरी Delhi Festive Preparations: रामलीला, दुर्गा पूजा और छठ पर्व के लिए दिल्ली सरकार ने बनाई 3 विशेष समित... वोटर रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया हुई बेहद आसान: अब दफ्तरों के चक्कर लगाने से मिलेगी मुक्ति, घर आएंगे BLO मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर गरमाई सियासत: राहुल गांधी ने साझा किया जिजी थॉमसन का दावा UKSSSC VPDO Scam: 2016 भर्ती घोटाले में हरीश रावत से ईडी ने किए सवाल-जवाब, कांग्रेस ने बताया बदले की... Sambhal News: आचार्य प्रमोद कृष्णम को बब्बर खालसा से जुड़ी धमकी, विदेशी नंबर से ऑडियो कॉल; गृह मंत्र... Roorkee News Today: रुड़की में दोहरे हत्याकांड से सनसनी, गांव में भारी पुलिस बल तैनात; एसएसपी बोले- ... Election Commission Reforms: चुनाव आयोग में पारदर्शिता की नई पहल, SIR प्रोसेस, ECINet और अधिकारियों ...

भाजपा छोड़ने की अटकलों पर कैप्टन अमरिंदर सिंह का विराम: ‘पार्टी को सच बताना मेरा फर्ज’

चंडीगढ़: पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) छोड़ने और अपनी नाराजगी को लेकर चल रही तमाम अटकलों पर खुलकर बात की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पंजाब और यहां के सियासी हालात के बारे में वे क्या सोचते और महसूस करते हैं, यह अपनी ही पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को बताना उनका नैतिक फर्ज है। कैप्टन ने साफ किया कि उनके बयानों का यह मतलब कतई नहीं निकाला जाना चाहिए कि वे पार्टी का साथ छोड़ रहे हैं।

⏳ ‘मैं 84 साल का हूं, अभी बूढ़ा नहीं हुआ’: मोरारजी देसाई का दिया उदाहरण

किताब विमोचन के मंच से कैप्टन का बयान:

  • उम्र और अनुभव की दलील: पूर्व क्रिकेटर बिशन सिंह बेदी की स्मृति में लिखी गई पुस्तक ‘बिशन: विद लव’ के विमोचन समारोह में पहुंचे कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अपनी उम्र को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा, “मैं 84 साल का जरूर हो गया हूं, लेकिन अभी बूढ़ा नहीं हुआ हूं।”

  • मोरारजी देसाई का संदर्भ: अपनी राजनीतिक सक्रियता और ऊर्जा की तुलना करते हुए कैप्टन ने पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई का उदाहरण दिया और कहा कि मोरारजी देसाई भी 92 वर्ष की उम्र में देश के प्रधानमंत्री बने थे।

  • मुश्किल दौर का जिक्र: उन्होंने यह स्वीकार किया कि वे इस समय एक कठिन दौर से गुजर रहे हैं, हालांकि इस मुश्किल दौर की विस्तृत वजहों पर उन्होंने कोई सीधा और स्पष्ट खुलासा करने से परहेज किया।

🗣️ नए चेहरों को तरजीह मिलने पर झलका दर्द: ’60 साल राजनीति की, पर सलाह तक नहीं ली जाती’

संगठन में अनदेखी को लेकर पीड़ा:

  • वरिष्ठता की उपेक्षा का आरोप: पिछले 60 वर्षों से पंजाब की राजनीति में सक्रिय रहे कैप्टन ने नाराजगी की वजह पूछे जाने पर अपनी पीड़ा जाहिर की। उन्होंने कहा कि कुछ नेता पार्टी में हमारे काफी बाद आए हैं, जिन्हें जुड़े हुए अभी एक साल भी पूरा नहीं हुआ है, मगर उन्हें ज्यादा तवज्जो मिल रही है।

  • सलाह-मशविरे का अभाव: कैप्टन ने कहा कि हमने इतने दशकों में पंजाब की राजनीति के तमाम उतार-चढ़ाव करीब से देखे हैं, इसके बावजूद राज्य के अहम मुद्दों पर हमसे कोई सलाह-मशविरा तक नहीं किया जाता।

  • नेतृत्व को अवगत कराने का अधिकार: उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में केंद्रीय और प्रांतीय नेतृत्व को अपने विचारों, चिंताओं और भावनाओं से अवगत कराना उनका प्राथमिक कर्तव्य बन जाता है।

🛡️ पार्टी बदलने की चर्चाओं को सिरे से नकारा: ‘अकाली दल और कांग्रेस का इतिहास अलग था’

भविष्य के सियासी कदम पर स्पष्टीकरण:

  • राजनीतिक प्रासंगिकता पर सफाई: कैप्टन ने जोर देकर कहा कि उन्होंने कभी यह नहीं कहा कि भाजपा या राजनीति में अब उनकी प्रासंगिकता खत्म हो गई है। राजनीति में परिस्थितियां और पार्टियां बदलती रहती हैं।

  • अतीत का हवाला: अपने पुराने राजनीतिक सफर को याद करते हुए उन्होंने कहा कि वे लंबे समय तक कांग्रेस में रहे, लेकिन जब ‘ऑपरेशन ब्लू स्टार’ हुआ तो उन्होंने विरोध स्वरूप कांग्रेस छोड़कर शिरोमणि अकाली दल का दामन थाम लिया था, और बाद में फिर कांग्रेस में वापसी की।

  • भाजपा में ही रहेंगे: कैप्टन अमरिंदर सिंह ने दोहराया कि उनके अतीत के फैसलों का यह अर्थ कतई नहीं है कि वे अब भाजपा छोड़कर किसी अन्य दल में जाने की तैयारी कर रहे हैं। भाजपा आलाकमान को जमीनी हकीकत से रूबरू कराना केवल पार्टी हित में उठाया गया कदम है।