नई दिल्ली: मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को लेकर जारी राजनीतिक विवाद ने शनिवार को बेहद तीखा मोड़ ले लिया है। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने केरल के पूर्व मुख्य सचिव जिजी थॉमसन के एक सनसनीखेज दावे को साझा करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त पर सीधा हमला बोला।
पूर्व मुख्य सचिव जिजी थॉमसन ने आरोप लगाया कि वर्ष 2016 में आईएएस (IAS) अधिकारी रहते हुए ज्ञानेश कुमार ने उनसे संपर्क किया था और उन्हें भारतीय जनता पार्टी (BJP) के टिकट पर चुनाव लड़ने का प्रस्ताव दिया था। थॉमसन के अनुसार, उन्हें चुनाव जीतने की स्थिति में मंत्री पद दिए जाने का आश्वासन भी दिया गया था। इस दावे को लेकर विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं, वहीं भारतीय जनता पार्टी ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए निराधार बताया है।
📢 ‘बीजेपी के लिए भर्ती करने वाले को बनाया अंपायर’: राहुल गांधी का सोशल मीडिया पर तीखा वार
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कांग्रेस सांसद के आरोप:
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भर्ती और मैच-फिक्सिंग का आरोप: राहुल गांधी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए लिखा कि तत्कालीन आईएएस अधिकारी ज्ञानेश कुमार का इस्तेमाल भाजपा में लोगों की भर्ती कराने के लिए किया गया था।
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अंपायर बनाने पर तंज: राहुल गांधी ने आगे लिखा कि इसके बाद केंद्र की मोदी-शाह सरकार ने उन्हें चुनाव आयोग का मुखिया यानी अंपायर बना दिया और देश में चुनावी मैच-फिक्सिंग की कमान सौंप दी।
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सोशल पोस्ट की प्रति साझा की: राहुल गांधी ने केरल के पूर्व चीफ सेक्रेटरी जिजी थॉमसन के उस आधिकारिक बयान व पोस्ट को भी संलग्न किया, जिसमें उन्होंने भाजपा टिकट और मंत्री पद के कथित ऑफर का उल्लेख किया था।
🏛️ प्रियंका गांधी ने की ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग: कानूनी संरक्षण हटाने पर दिया जोर
विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ की मांग और प्रियंका गांधी का बयान:
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इस्तीफे पर अड़ा विपक्ष: कांग्रेस महासचिव एवं वायनाड से सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के तत्काल इस्तीफे की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि पूरा विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ उन्हें पद से हटाए जाने को लेकर पूरी तरह एकजुट है।
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जवाबदेही से बचाने का आरोप: पत्रकारों से बातचीत के दौरान प्रियंका गांधी ने कहा कि चुनाव आयुक्तों को दिया गया कानूनी संरक्षण तुरंत समाप्त किया जाना चाहिए।
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सरकार पर हमला: उन्होंने आरोप लगाया कि यह सुरक्षा कवच भाजपा सरकार द्वारा इसलिए तैयार किया गया ताकि निर्वाचन आयोग को किसी भी गलत कदम के लिए संवैधानिक जवाबदेही से बचाया जा सके।
🛡️ ‘राहुल गांधी के आरोप बेबुनियाद व दुर्भाग्यपूर्ण’: रविशंकर प्रसाद का कांग्रेस पर पलटवार
भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस के बयानों की कड़ी निंदा करते हुए कहा:
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झूठ बोलने का आरोप: रविशंकर प्रसाद ने कहा कि एक अखबार की खबर के आधार पर कांग्रेस पार्टी और विशेष रूप से राहुल गांधी चुनाव आयोग पर जिस तरह के शर्मनाक और बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं, वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने सवाल किया कि राहुल गांधी जनता के सामने लगातार झूठ क्यों बोल रहे हैं, जबकि चुनाव आयोग ने पहले ही हर पहलू पर स्थिति पूरी तरह साफ कर दी है।
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जीत और हार पर दोहरा रवैया: भाजपा नेता ने कहा कि विपक्षी दल अपनी राजनीतिक कमजोरी छुपाने के लिए संवैधानिक संस्थाओं पर हमला करते हैं। उन्होंने याद दिलाया कि जब हिमाचल प्रदेश और तेलंगाना में कांग्रेस को जीत मिली, तब उन्हें चुनाव आयोग, मतदाता सूची और ईवीएम (EVM) सब सही लग रहे थे, लेकिन हारते ही आयोग पर सवाल उठाने लगते हैं।
🔥 ‘नाकामी का ठीकरा चुनाव आयोग पर न फोड़ें’: रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस के इतिहास पर उठाए सवाल
भाजपा की ओर से राहुल गांधी पर राजनीतिक प्रहार:
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गठबंधन और चुनावी अस्तित्व: रविशंकर प्रसाद ने तंज कसते हुए पूछा कि क्या राहुल गांधी कभी विचार करते हैं कि वे तमिलनाडु से क्यों बाहर हो गए और पिछले 40 वर्षों से पश्चिम बंगाल में कांग्रेस का अस्तित्व क्यों सिमट गया? उन्होंने कहा कि आज वे दर-दर घूमकर अखिलेश यादव से गठबंधन की गुहार लगा रहे हैं, लेकिन कोई उन्हें गंभीरता से नहीं ले रहा।
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संवैधानिक संस्थाओं की भूमिका: उन्होंने कहा कि देश में कांग्रेस ने 50 वर्षों से अधिक समय तक शासन किया, क्या वह चुनाव आयोग के बिना संभव हुआ था? चाहे अखिलेश यादव मुख्यमंत्री बने हों या लालू प्रसाद यादव, सभी लोकतांत्रिक चुनाव प्रणाली से ही सत्ता में आए।
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नॉन-सीरियस नेता करार: रविशंकर प्रसाद ने दो टूक शब्दों में कहा कि राहुल गांधी एक ‘गैर-गंभीर राजनेता’ हैं और देश की जनता अब उनकी इन निराधार बातों पर कतई भरोसा नहीं करती।