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Jashpur Medical News Update: रायपुर-रांची जाने से मिलेगी मुक्ति! जशपुर में शुरू होगा आधुनिक क्रिटिकल केयर हेल्थ ब्लॉक, जानें सुविधाएं

जशपुरनगर। आदिवासी बहुल जशपुर जिले में बेहतर और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की दिशा में एक बड़ी पहल धरातल पर आकार ले चुकी है। जिले में 16.67 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया जा रहा 50 बिस्तरों (Beds) की क्षमता वाला अत्याधुनिक ‘क्रिटिकल केयर हेल्थ ब्लॉक’ (Critical Care Health Block) अब लगभग बनकर तैयार हो गया है। भवन निर्माण का मुख्य कार्य पूर्ण हो चुका है और इन दिनों बिजली वायरिंग सहित अन्य आवश्यक परिष्करण कार्यों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। अस्पताल के सुचारू संचालन के लिए आवश्यक चिकित्सकीय एवं कार्यालयीन स्टाफ की नियुक्ति और आधुनिक मशीनों की व्यवस्था की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। इस ब्लॉक के शुरू होने के बाद गंभीर मरीजों को उपचार के लिए रायपुर, रांची, राउरकेला जैसे बड़े शहरों की ओर रुख करने की मजबूरी से बड़ी राहत मिलेगी।

🏛️ ‘प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन’ के तहत निर्माण: केंद्र व राज्य सरकार का संयुक्त प्रयास

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. जी.एस. जात्रा ने बताया कि इस बहुप्रतीक्षित क्रिटिकल केयर हेल्थ ब्लॉक का निर्माण केंद्र सरकार की ‘प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन’ (PM-ABHIM) के अंतर्गत किया जा रहा है।

केंद्र और राज्य सरकार की संयुक्त वित्तीय सहभागिता से इस परियोजना के लिए 16.67 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया था। सीएमएचओ ने बताया कि भवन ढांचा पूरी तरह तैयार है। अस्पताल को जल्द से जल्द क्रियाशील बनाने के लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों, मेडिकल अफसरों और सपोर्टिंग स्टाफ के पदों की स्वीकृति हेतु राज्य शासन को औपचारिक प्रस्ताव भेजा जा चुका है। मंजूरी मिलते ही जनशक्ति और संसाधनों की पदस्थापना कर दी जाएगी।

🚨 आपातकालीन और गंभीर मरीजों के लिए विशेष व्यवस्था: नहीं चलेगी सामान्य ओपीडी

यह नवनिर्मित क्रिटिकल केयर हेल्थ ब्लॉक किसी सामान्य अस्पताल की तर्ज पर संचालित नहीं किया जाएगा।

यहाँ रोजाना की सामान्य ओपीडी (OPD) के बजाय दुर्घटनाओं में गंभीर रूप से घायल, इमरजेंसी केस और अति-गंभीर स्थिति में पहुँचने वाले मरीजों के त्वरित इलाज पर ही पूरा ध्यान केंद्रित किया जाएगा। डॉ. जात्रा के अनुसार, सड़क दुर्घटनाओं, हार्ट अटैक, ब्रेन स्ट्रोक, पैरालिसिस जैसी स्थितियों में मरीजों को तत्काल ‘गोल्डन आवर’ में विशेषज्ञ चिकित्सा उपलब्ध कराई जाएगी। अस्पताल के संचालन के लिए 6 विशेषज्ञ चिकित्सक, 10 मेडिकल ऑफिसर और करीब 60 नर्सों का अमला तैनात किया जाना प्रस्तावित है।

🩺 तीन मंजिला भवन में मिलेंगी अत्याधुनिक सुविधाएं: ICU, HDU, CT-स्कैन और MRI की होगी व्यवस्था

क्रिटिकल केयर हेल्थ ब्लॉक का यह नवनिर्मित भवन तीन मंजिला (3-Storey) है, जहाँ मरीजों की गंभीर स्थिति को ध्यान में रखते हुए विश्वस्तरीय मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जा रहा है।

अस्पताल में अत्याधुनिक मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर (OT) के साथ-साथ गहन चिकित्सा इकाई (ICU), हाई डिपेंडेंसी यूनिट (HDU), आइसोलेशन वार्ड और 24×7 इमरजेंसी सर्विस मौजूद रहेगी। इसके अतिरिक्त, मरीजों की त्वरित जांच के लिए डिजिटल एक्स-रे, सीटी स्कैन (CT-Scan) और एमआरआई (MRI) जैसी अत्याधुनिक डायग्नोस्टिक मशीनों की स्थापना की जानी है। इन सुविधाओं से मरीजों को प्रारंभिक जांच और इलाज के लिए बड़े शहरों में रेफर करने की जरूरत काफी कम हो जाएगी।

🚑 बड़े शहरों की ओर रेफर होने वाले मरीजों को मिलेगी बड़ी राहत: समय और धन दोनों की होगी बचत

जशपुर जिले की दूरस्थ भौगोलिक स्थिति और बड़े मेडिकल कॉलेजों से दूरी के कारण अब तक गंभीर मरीजों को समय पर इलाज मिलना एक बड़ी चुनौती रहा है।

सड़क हादसों में गंभीर घायलों और दिल के दौरों से पीड़ित मरीजों को अक्सर सैकड़ों किलोमीटर दूर रायपुर या पड़ोसी राज्यों (झारखंड/ओडिशा) में रेफर करना पड़ता था, जिससे रास्ते में ही कई बार मरीज की स्थिति बिगड़ने का खतरा बना रहता था। जिला स्तर पर ही क्रिटिकल केयर यूनिट शुरू होने से मरीजों को तत्काल इलाज मिल सकेगा, जिससे न केवल जान बचाई जा सकेगी, बल्कि परिजनों को बाहर जाने में होने वाले भारी-भरकम आर्थिक बोझ से भी मुक्ति मिलेगी।

📑 वर्षों पुरानी मांग हुई पूरी: जल्द शुरू होंगी चिकित्सकीय सेवाएं

जशपुर जिले में गंभीर बीमारियों के विशेषज्ञ उपचार के लिए एक समर्पित क्रिटिकल केयर सेंटर की मांग लंबे समय से उठती रही थी।

जिले की भौगोलिक परिस्थितियों और बड़े शहरों से दूरी को देखते हुए स्थानीय स्तर पर इस स्तर का अस्पताल अति-आवश्यक माना जा रहा था। अब 50 बेड के इस आधुनिक क्रिटिकल केयर हेल्थ ब्लॉक का निर्माण पूरा होने से जशपुर के स्वास्थ्य तंत्र को एक मजबूत आधार मिल गया है। प्रशासनिक और चिकित्सीय स्टाफ की तैनाती पूरी होते ही आम जनता के लिए इसकी सेवाएं विधिवत शुरू कर दी जाएंगी।