Jharkhand Voter List SIR Dispute: झारखंड में SIR प्रक्रिया को लेकर घमासान; सीजेपी चलाएगी देशव्यापी आंदोलन
रांची। वोटर लिस्ट में नामों की जांच और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया को लेकर जारी राजनीतिक गतिरोध के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है। पार्टी ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि SIR प्रक्रिया के कारण बड़ी संख्या में वैध मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से बाहर व प्रभावित हुए हैं। पार्टी ने इस मुद्दे पर अपना आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है। रांची में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सीजेपी के प्रांत प्रभारी इशांत कुमार झा ने बताया कि उनका संगठन एसआईआर प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर लगातार सवाल उठा रहा है, क्योंकि जमीन पर पात्र मतदाताओं के नाम कटने की कई शिकायतें सामने आ रही हैं।
⏱️ चुनाव आयोग को 24 घंटे की समयसीमा का अल्टीमेटम: ‘इस्तीफा न मिलने पर देशव्यापी होगा आंदोलन’
इशांत कुमार झा ने कहा कि नई दिल्ली में अभिजीत दीपके द्वारा की गई घोषणा के बाद अब झारखंड में भी संगठन की ओर से इस आंदोलन को व्यापक स्तर पर ले जाने की पूरी तैयारी कर ली गई है।
पार्टी ने मुख्य चुनाव आयुक्त से त्यागपत्र मांगने के लिए 24 घंटे की सख्त समयसीमा तय की है। प्रांत प्रभारी के अनुसार, यदि 24 घंटे के भीतर मुख्य चुनाव आयुक्त का इस्तीफा नहीं आता है, तो सीजेपी इस आंदोलन को दिल्ली के साथ-साथ झारखंड और देशभर में उग्र रूप से विस्तारित करेगी।
📜 मतदाता सूची से जुड़े सवालों पर स्पष्टीकरण की मांग: ‘लोकतांत्रिक अधिकारों के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं’
एसआईआर प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची में नामों की जांच, सत्यापन दस्तावेजों की जटिलता और पात्र मतदाताओं के नाम सूची में बनाए रखने जैसे संवेदनशील मुद्दों पर विपक्षी दलों का विरोध लगातार दर्ज किया जा रहा है।
इसी कड़ी में सीजेपी ने अपनी सख्त आपत्ति दर्ज कराते हुए चुनाव आयोग के शीर्ष पद पर बैठे अधिकारी से जवाबदेही तय करने की मांग की है। पार्टी का स्पष्ट कहना है कि मतदाता सूची लोकतांत्रिक चुनाव प्रक्रिया का सबसे महत्वपूर्ण आधार है।
🔍 लोकतांत्रिक प्रक्रिया की पारदर्शिता के लिए संघर्ष जारी रहेगा: सीजेपी ने दी आंदोलन की चेतावनी
पार्टी की ओर से जोर देकर कहा गया है कि किसी भी स्थिति में पात्र मतदाताओं के मताधिकार को प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा और शिकायतों का त्वरित समाधान आवश्यक है।
CJP ने SIR प्रक्रिया की पूरी नियमावली पर आयोग से सार्वजनिक स्पष्टता की मांग करते हुए कहा है कि जब तक मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं होती, संगठन अपने स्तर पर विरोध और आंदोलन जारी रखेगा।