मध्य प्रदेश में नापतौल की ठगी पर नकेल कसने की तैयारी, घटतौली और पेट्रोल चोरी पर लगेगा 1 लाख का जुर्माना
भोपाल (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश में नापतौल के नाम पर उपभोक्ताओं को ठगने वाले दुकानदारों और पेट्रोल पंप संचालकों के खिलाफ अब राज्य सरकार नियम और कड़े करने जा रही है।
नए प्रस्तावित नियमों के तहत यदि किसी पेट्रोल पंप पर वाहनों में कम ईंधन (पेट्रोल/डीजल) डालने की शिकायत जांच में सही पाई जाती है, तो संबंधित पेट्रोल पंप संचालक पर 1 लाख रुपये तक का भारी जुर्माना लगाया जा सकेगा। प्रदेश में बांट और माप के नाम पर होने वाली चोरी पर पूर्ण विराम लगाने के लिए राज्य सरकार विधिक माप विज्ञान अधिनियम के प्रावधानों में बड़ा संशोधन करने जा रही है।
📜 ‘मध्य प्रदेश विधिक माप विज्ञान नियम 2011’ में संशोधन का ड्राफ्ट जारी, रजिस्ट्रेशन हुआ अनिवार्य
इसके लिए ‘मध्य प्रदेश विधिक माप विज्ञान नियम 2011’ में व्यापक संशोधन का आधिकारिक ड्राफ्ट (Draft) जारी कर दिया गया है।
नए ड्राफ्ट में यह अनिवार्य प्रावधान किया गया है कि अब प्रदेश में बांट (Weights) और माप (Measures) का निर्माण करने, उनकी तकनीकी मरम्मत करने और उन्हें बाजार में बेचने के लिए नापतौल विभाग से विधिवत रजिस्ट्रेशन (पंजीयन) कराना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही नए नियमों में नापतौल विभाग के निरीक्षकों व अधिकारियों को दुकानों और फैक्ट्रियों में औचक जांच करने के विशेष प्रशासनिक अधिकार भी प्रदान किए जा रहे हैं।
📢 राज्य सरकार ने जारी किया नोटिफिकेशन, 30 दिनों के भीतर आम जनता से मांगे सुझाव
राज्य सरकार ने इस संबंध में औपचारिक गजट नोटिफिकेशन जारी कर आम नागरिकों और व्यापारियों से एक माह (30 दिन) के भीतर राय व आपत्तियां मांगी हैं।
नागरिक और कारोबारी अगले 30 दिनों के भीतर अपने सुझाव विभाग को प्रेषित कर सकते हैं। प्राप्त सुझावों के परीक्षण और आवश्यक संशोधनों के उपरांत इस नए कानून को संपूर्ण मध्य प्रदेश में लागू कर दिया जाएगा। ड्राफ्ट में आम उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा के साथ-साथ छोटे फेरीवालों व रेहड़ी-पटरी वालों को राहत का प्रावधान भी रखा गया है।
⚖️ पहली बार गलती पर सुधरने का मौका, बार-बार अपराध करने पर लगेगा 3 लाख रुपये तक का जुर्माना
संशोधन ड्राफ्ट में दंड और जुर्माने का पारदर्शी स्लैब तय किया गया है:
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अमानक बांट का उपयोग: पहली बार उल्लंघन पर केवल कारण बताओ नोटिस जारी होगा। दूसरी बार पकड़े जाने पर 5,000 रुपये तक जुर्माना और इसके बाद भी अपराध दोहराने पर 2 लाख से 3 लाख रुपये तक का भारी जुर्माना वसूला जाएगा।
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बांट या माप में अनधिकृत परिवर्तन: पहली बार अपराध पर 50,000 रुपये और दूसरी बार 1 लाख रुपये पेनल्टी लगेगी (फेरीवालों के लिए अधिकतम 50,000 रुपये)।
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मानक विहीन निर्माण: मानक अनुसार बांट या माप का निर्माण न करने पर पहली बार नोटिस और पुनरावृत्ति पर 4 लाख रुपये तक का जुर्माना होगा।
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कम तौलकर सामान देना: उपभोक्ता को कम मात्रा में सामान देने पर 10,000 रुपये से लेकर 1 लाख रुपये तक का जुर्माना होगा। छोटे विक्रेताओं व फेरीवालों के लिए यह सीमा 500 रुपये से 60,000 रुपये रखी गई है।
💳 रजिस्ट्रेशन के लिए देने होंगे ₹50 हजार से ₹1.50 लाख, नहीं पड़ेगा बार-बार रिन्यू कराने का झंझट
नियमों के अनुसार निर्माण, मरम्मत और विक्रय के लिए एकमुश्त पंजीयन शुल्क तय किया गया है:
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निर्माता (Manufacturer): बांट व माप निर्माण पंजीयन हेतु 1.50 लाख रुपये शुल्क।
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विक्रेता (Seller): विक्रय रजिस्ट्रेशन हेतु 1 लाख रुपये।
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मरम्मतकर्ता (Repairer): रिपेयरिंग पंजीयन हेतु 50,000 रुपये का शुल्क देना होगा।
राहत की बात यह है कि इस रजिस्ट्रेशन को बार-बार रिन्यू कराने की आवश्यकता नहीं होगी, हालांकि नियमों का उल्लंघन करने पर विभाग द्वारा पंजीयन तत्काल प्रभाव से निरस्त (Cancel) किया जा सकेगा।
🔍 नापतौल विभाग के अधिकारियों को मिला औचक निरीक्षण का अधिकार, दुकानों में चेक होंगे तराजू-बांट
नए संशोधित नियमों में नापतौल विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों की कार्यपालक शक्तियों में वृद्धि की गई है।
अब विभाग के अधिकृत कर्मचारी और अधिकारी किसी भी प्रतिष्ठान, दुकान, गोदाम या मैन्युफैक्चरिंग फैक्ट्री में परिसर के भीतर जाकर सीधा निरीक्षण कर सकेंगे। अधिकारी मौके पर व्यापारियों द्वारा उपयोग में लाए जा रहे तराजू, कांटे और बांटों की शुद्धता चेक कर सकेंगे तथा उससे संबंधित वैध रजिस्ट्रेशन दस्तावेज प्रस्तुत करने की मांग कर सकेंगे।