MP Cabinet Decisions: मध्य प्रदेश की हर विधानसभा में बनेगा ‘मुख्यमंत्री स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स’; साथ में बनेगा हेलीपैड, ₹960 करोड़ मंजूर
भोपाल। मध्य प्रदेश के सभी 230 विधानसभा क्षेत्रों में आधुनिक खेल सुविधाओं से लैस नए स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनाए जाएंगे।खास बात यह है कि इन स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के मैदान में हेलीपैड का निर्माण भी किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में इस महत्वाकांक्षी परियोजना का प्रस्तुतीकरण (Presentation) दिया गया। लगभग ₹960 करोड़ की भारी-भरकम लागत से तैयार होने वाली इस योजना को ‘मुख्यमंत्री स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स’ नाम दिया गया है। ये सभी कॉम्प्लेक्स अगले 5 वर्षों के भीतर बनकर तैयार हो जाएंगे। इसके साथ ही, कैबिनेट ने राज्य में वर्ष 2037 तक की संभावित विद्युत आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए 2800 मेगावाट बिजली खरीदने का निर्णय लिया है, जिसके लिए दो नए पावर परचेज एग्रीमेंट (PPA) किए जाएंगे।
🏟️ 10 एकड़ में आकार लेगा ‘मुख्यमंत्री स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स’: इंडोर और आउटडोर खेलों की होगी विश्वस्तरीय सुविधा
कैबिनेट में लिए गए निर्णयों की विस्तृत जानकारी देते हुए एमएसएमई मंत्री चैतन्य काश्यप ने बताया, “कैबिनेट ने प्रदेश के सभी विधानसभा क्षेत्रों में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स निर्माण के प्रस्ताव को स्वीकृति दी है। यह स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स पूरी तरह से सर्वसुविधायुक्त होगा, जिसमें इंडोर और आउटडोर दोनों प्रकार के खेलों की बेहतरीन सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। जहां भी 10 एकड़ से अधिक सरकारी भूमि उपलब्ध होगी, वहां इसका निर्माण कराया जाएगा।”
उन्होंने आगे जानकारी दी कि प्रत्येक कॉम्प्लेक्स ₹7 करोड़ की अनुमानित लागत से ब्लॉक स्तर और उसके आसपास के क्षेत्रों में निर्मित होगा। इसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण अंचल की छिपी हुई प्रतिभाओं और युवाओं को खेल जगत में आगे बढ़ाना है। हर विधानसभा क्षेत्र में इस तरह का हेलीपैड-युक्त स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनाने वाला मध्य प्रदेश देश का पहला राज्य बनेगा।
🚁 स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के मैदान में बनेगा हेलीपैड: आपातकालीन स्थिति में एयर एम्बुलेंस सेवा का मिलेगा लाभ
एमएसएमई मंत्री चैतन्य काश्यप ने स्पष्ट किया कि प्रदेश की लगभग 140 विधानसभाओं में वर्तमान में कोई उचित खेल ढांचा उपलब्ध नहीं है।
इस कमी को दूर करने के साथ-साथ, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के ग्राउंड के बीचों-बीच एक आधुनिक हेलीपैड तैयार किया जाएगा। इससे आपातकालीन परिस्थितियों में ब्लॉक स्तर तक ‘एयर एम्बुलेंस’ सेवा की निर्बाध पहुंच सुनिश्चित हो सकेगी। मंत्री ने बताया कि वर्तमान में किसी भी आपात स्थिति या वीआईपी विजिट के समय तत्काल अस्थाई हेलीपैड तैयार करना पड़ता था, लेकिन इस नई व्यवस्था से यह समस्या हमेशा के लिए हल हो जाएगी।
⚡ 2037 की जरूरतों को देखते हुए 2800 मेगावाट बिजली खरीदेगी सरकार: नए पॉवर परचेज एग्रीमेंट को मंजूरी
भविष्य की ऊर्जा जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कैबिनेट ने वर्ष 2037 तक के लिए 2800 मेगावाट बिजली क्रय करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी है।
मंत्री काश्यप के अनुसार, पावर मैनेजमेंट कंपनी की हालिया रिपोर्ट दर्शाती है कि वर्ष 2037 तक प्रदेश में औद्योगिक विकास (सेमीकंडक्टर, टेलीकॉम आदि) और तीव्र शहरीकरण के कारण लगभग 1900 मेगावाट अतिरिक्त बिजली की मांग पैदा होगी। यद्यपि मध्य प्रदेश वर्तमान में बिजली के मामले में सरप्लस राज्य है, फिर भी दूरगामी जरूरतों के लिए 1800 मेगावाट के नए अनुबंध और 900 मेगावाट के पुराने अनुबंधों को मिलाकर कुल 2800 मेगावाट का पावर परचेज एग्रीमेंट किया जा रहा है। नए ताप विद्युत गृहों के निर्माण में 6 से 7 साल का समय लगेगा, तब तक यह आवश्यकता खरीद के जरिए पूरी होगी।
🏥 इंदौर डेंटल कॉलेज में बढ़ेंगी सीटें, सुठालिया सिंचाई परियोजना के लिए ₹9061 करोड़ की मंजूरी
कैबिनेट बैठक में स्वास्थ्य और कृषि क्षेत्र से जुड़े कई अन्य महत्वपूर्ण फैसले भी लिए गए:
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इंदौर शासकीय डेंटल कॉलेज: कॉलेज में फैकल्टी/टीचर्स के पदों में बढ़ोतरी के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी गई है। इसके साथ ही अंडरग्रेजुएट (BDS) की 27 सीटें तथा पोस्टग्रेजुएट (MDS) की सीटें 35 से बढ़ाकर 44 कर दी गई हैं।
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सिंचाई परियोजनाएं: राजगढ़ जिले में पार्वती नदी पर निर्माणाधीन सुठालिया सिंचाई परियोजना सहित विभिन्न योजनाओं को सुचारू रखने के लिए ₹9,061 करोड़ के बजट को स्वीकृति दी गई। सुठालिया परियोजना में ₹1,000 करोड़ खर्च हो चुके हैं तथा ₹262 करोड़ का अतिरिक्त प्रावधान किया गया है। बांध का 80% काम पूरा हो चुका है, जिससे 400 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई हो सकेगी। इसके अलावा पार्वती लिफ्ट और नीमच-जावद परियोजनाओं के काम में भी तेजी आएगी।