नई दिल्ली: नीट (NEET) पेपर लीक विवाद और हालिया छात्र आंदोलनों से सीख लेते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने देश की युवा पीढ़ी यानी Gen Z से संवाद स्थापित करने की अपनी रणनीति में व्यापक और बड़े बदलावों की रूपरेखा तैयार की है।
पार्टी ने परंपरागत एकतरफा भाषणों और वक्तव्यों की जगह युवाओं के साथ अधिक पारदर्शी, जीवंत और दोतरफा (Two-way) संवाद स्थापित करने का नीतिगत फैसला किया है। बीजेपी नेतृत्व का मानना है कि एक्स (X – पूर्व में ट्विटर) और फेसबुक जैसे पुराने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स अब आज की युवा पीढ़ी तक अपनी बात प्रभावी ढंग से पहुंचाने में उतने असरदार साबित नहीं हो पा रहे हैं।
इसीलिए बीजेपी अब नए दौर के युवाओं के पसंदीदा सोशल मीडिया एप्लिकेशन्स पर अपना ध्यान केंद्रित करने की योजना पर तेजी से काम कर रही है। देश के नवयुवकों से जुड़ने के लिए अब इंस्टाग्राम (Instagram), स्नैपचैट (Snapchat) और रेडिट (Reddit) जैसे आधुनिक प्लेटफॉर्म्स पर पार्टी की आधिकारिक और अनौपचारिक सक्रियता को कई गुना बढ़ाया जाएगा।
👥 हर जिले में गठित होंगी बीजेपी की विशेष ‘युवा टीमें’, रील्स और प्लेकार्ड्स से होगा संवाद
चूंकि देश के स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय स्तर के छात्र इन ऐप्स पर बहुत बड़ी संख्या में सक्रिय हैं, इसलिए पार्टी इसके लिए जमीनी स्तर पर विशेष युवा टीमों का गठन करेगी।
बीजेपी प्रत्येक जिले में युवाओं की विशेष ‘डिजिटल टीमें’ बनाएगी, क्योंकि शीर्ष नेतृत्व का स्पष्ट मानना है कि युवाओं की अपनी विशिष्ट भाषा, मीम्स और संवाद शैली को केवल युवा कार्यकर्ता ही बेहतर ढंग से समझ और प्रस्तुत कर सकते हैं।
इसके साथ ही बीजेपी अपने संवाद के तौर-तरीकों और कंटेंट में भी क्रांतिकारी बदलाव करने जा रही है। अब भाषणों और जटिल सरकारी आंकड़ों की बजाय रील्स, शॉर्ट्स, मीम्स और प्लेकार्ड्स जैसे रोचक, मनोरंजक और क्रिस्प तरीकों का उपयोग कर केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और नीतियों को युवा वर्ग तक पहुंचाया जाएगा।
🤳 पीएम मोदी के ‘सेल्फी मोड’ वीडियो से मिला संदेश, नैरेटिव की जंग में आगे रहने का मास्टरप्लान
सोशल मीडिया पर इस नए दृष्टिकोण का उदाहरण खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेश किया था, जब उन्होंने देर रात इंस्टाग्राम पर ‘सेल्फी मोड’ में एक आत्मीय वीडियो पोस्ट कर युवाओं के ही अंदाज में उनसे संवाद साधा था।
इसके अलावा हालिया कैबिनेट बैठक में भी प्रधानमंत्री ने अपने केंद्रीय मंत्रियों को सोशल मीडिया पर अधिक सक्रिय और जन-सुलभ रहने की स्पष्ट हिदायत दी थी।
दरअसल, नीट (NEET) मामले में समय पर प्रभावी संवाद न हो पाने के कारण जो भ्रम का माहौल बना था, उससे सबक लेते हुए पार्टी नेतृत्व अब युवाओं के साथ एक ‘फूलप्रूफ’ और बेहद मजबूत संवाद ढांचा खड़ा करने जा रहा है, ताकि डिजिटल स्पेस में नैरेटिव (Narrative) की जंग में बीजेपी किसी भी स्थिति में पीछे न रहे।