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आईएएस तुकाराम मुंढे की कार्रवाई से होटल संचालकों में हड़कंप, 2 महीने में 1100 छापे और 50 से ज्यादा लाइसेंस रद्द

मुंबई (महाराष्ट्र): महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई और आसपास के क्षेत्रों में रेस्टोरेंट व होटल संचालकों के बीच एक वरिष्ठ आईएएस (IAS) अधिकारी की कार्रवाई का जबरदस्त खौफ देखा जा रहा है।

अधिकारी का नाम तुकाराम मुंढे है, जो वर्तमान में फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) के कमिश्नर पद पर तैनात हैं। एफडीए (FDA) की टीम ने बीते दो महीनों के भीतर पूरे राज्य में 1100 से अधिक स्थानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की। इस दौरान नियमों का उल्लंघन करने पर 50 से अधिक प्रमुख रेस्टोरेंट के फूड लाइसेंस तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिए गए।

📜 29 कर्मचारियों ने मंत्री नरहरी झिरवाल से की शिकायत, तुकाराम मुंढे की कार्यप्रणाली पर उठाए गंभीर सवाल

एक तरफ जहां तुकाराम मुंढे की सख्ती की चर्चा है, वहीं दूसरी तरफ उनके ही विभाग के अधीनस्थ कर्मचारियों ने उनकी कार्यशैली के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

छत्रपति संभाजीनगर स्थित राज्य अन्न एवं औषध प्रशासन (FDA) प्रयोगशाला के 29 अधिकारियों और कर्मचारियों ने 15 जुलाई को महाराष्ट्र सरकार के मंत्री नरहरी झिरवाल को एक शिकायती ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में कमिश्नर तुकाराम मुंढे के फैसलों पर कड़ा एतराज जताया गया है। कर्मचारियों का आरोप है कि पर्याप्त मानव संसाधन और आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराए बिना ही प्रयोगशाला में अचानक दो शिफ्टों में काम करने का तुगलकी फरमान जारी कर दिया गया है।

📌 एफडीए कर्मचारियों द्वारा कमिश्नर तुकाराम मुंढे पर लगाए गए प्रमुख आरोप

  • कर्मचारियों की भारी कमी: प्रयोगशाला में बड़ी संख्या में पद पहले से खाली हैं, जिससे मौजूदा स्टाफ पर काम का अत्यधिक दबाव बन रहा है।

  • अचानक दो शिफ्ट लागू करना: आवश्यक जनशक्ति और तकनीकी सहायकों की उपलब्धता के बिना सुबह 9 बजे से रात 12 बजे तक की दो शिफ्ट लागू कर दी गई हैं।

  • छुट्टियों में काम का दबाव: शनिवार, रविवार और सार्वजनिक अवकाश के दिनों में भी काम करने के कड़े आदेश दिए गए हैं।

  • जांच की गुणवत्ता से खिलवाड़: खाद्य सामग्री, दवाओं और प्रसाधनों के लंबित नमूनों का निपटारा जल्दबाजी में कराने का दबाव है, जिससे भारतीय औषध संहिता (IP), BP और USP जैसे तय मानकों के अनुसार जांच प्रभावित होने की आशंका है।

  • असंगत लक्ष्य: एक विश्लेषक (Analyst) की मासिक क्षमता से काफी अधिक नमूनों की जांच करने का अनैतिक दबाव बनाया जा रहा है।

  • कर्मचारियों की मांग: दो शिफ्ट का फैसला तुरंत रद्द किया जाए, पुरानी कार्यालयीन समय-सारणी बहाल हो और अतिरिक्त काम के लिए उचित भत्ते व सुविधाएं दी जाएं।

⚖️ मुंबई हाईकोर्ट से तुकाराम मुंढे को झटका: “केवल निजी संस्थानों पर कार्रवाई क्यों? सरकारी कैंटीन की भी हो जांच”

अपने ही कर्मचारियों के विरोध के बीच आईएएस तुकाराम मुंढे को मुंबई हाईकोर्ट से भी बड़ा झटका लगा है।

अन्न व औषध प्रशासन (FDA) की कार्रवाई पर सुनवाई करते हुए अदालत ने तीखे सवाल खड़े किए। हाईकोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि केवल निजी होटलों और संस्थानों पर ही कड़े एक्शन लेने के बजाय मंत्रालयों, हाईकोर्ट कैंटीन, सरकारी और मंत्रियों के स्वामित्व वाले संस्थानों की भी निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए। अदालत ने मंत्रालय व सरकारी परिसरों की कैंटीन की तुरंत जांच कर शुक्रवार तक विस्तृत रिपोर्ट पेश करने के सख्त निर्देश दिए हैं।

🪳 “एक-दो कॉकरोच मिलने पर लाइसेंस रद्द करना अनुचित”, पंचतारा होटल की याचिका पर सुनवाई

नवी मुंबई के एक नामचीन पंचतारा (5-Star) होटल का फूड लाइसेंस रद्द किए जाने के फैसले के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने यह कड़ी टिप्पणी की।

अदालत ने एफडीए की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि जांच के दौरान महज एक या दो कॉकरोच मिलने के आधार पर किसी व्यावसायिक प्रतिष्ठान का लाइसेंस सीधे रद्द कर देना कहीं से भी न्यायसंगत या उचित कार्रवाई नहीं है।