Raipur Municipal Action: भाठागांव में बाजार खाली कराने के दौरान भारी हंगामा; निगम कर्मचारियों और पुलिस जवान से मारपीट
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के भाठागांव स्थित सब्जी बाजार में नगर निगम की कार्रवाई के दौरान अचानक भारी हंगामा और बवाल हो गया। अवैध रूप से लगे बाजार को हटाने पहुंची नगर निगम की टीम और स्थानीय व्यापारियों के बीच तीखी बहस के बाद मारपीट शुरू हो गई। निगम पक्ष का दावा है कि इस झड़प में 4 से 5 कर्मचारियों समेत एक पुलिस जवान घायल हुआ है। हालांकि, घायलों की सटीक संख्या और चोटों की स्थिति पर आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है। इस सनसनीखेज घटना के बाद पूरे भाठागांव इलाके में तनाव का माहौल व्याप्त है।
🚓 पुलिस बल के साथ पहुंची थी निगम की टीम: देखते ही देखते बिगड़े हालात
प्राप्त जानकारी के अनुसार, नगर निगम का उड़नदस्ता अमला पर्याप्त पुलिस बल के साथ भाठागांव सब्जी बाजार को खाली कराने पहुंचा था।
जैसे ही निगम कर्मचारियों ने बाजार हटाने की प्रक्रिया शुरू की, स्थानीय व्यापारियों ने इसका पुरजोर विरोध करना शुरू कर दिया। देखते ही देखते विरोध ने उग्र रूप ले लिया और दोनों पक्षों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि स्थिति हाथापाई और मारपीट तक जा पहुंची।
📝 पुरानी बस्ती थाने पहुंचा निगम अमला: आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज कराने की तैयारी
घटना के तुरंत बाद आक्रोशित नगर निगम के कर्मचारी और अधिकारी पुरानी बस्ती थाने पहुंचे।
निगम प्रशासन की ओर से पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज करवाई गई है। पुरानी बस्ती थाना पुलिस का कहना है कि शिकायत और मौके के साक्ष्यों की जांच के बाद दोषियों की पहचान की जाएगी और संबंधित कानूनी धाराओं के तहत निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी।
🪧 एक दिन पहले ही निगम मुख्यालय में हुआ था प्रदर्शन: नेता प्रतिपक्ष ने किया था नेतृत्व
उल्लेखनीय है कि इस हिंसक घटना से ठीक एक दिन पहले भाठागांव सब्जी बाजार के व्यापारियों ने नगर निगम मुख्यालय (व्हाइट हाउस) में सांकेतिक धरना-प्रदर्शन किया था।
व्यापारी बाजार से बेदखली और नए चबूतरों के लॉटरी के जरिए आवंटन में गड़बड़ी के आरोप लगा रहे थे। इस प्रदर्शन का नेतृत्व नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने किया था। प्रदर्शन के बाद व्यापारियों के प्रतिनिधिमंडल ने निगम आयुक्त समित मिश्रा से मुलाकात कर अपनी समस्याएं रखी थीं।
📄 7 दिनों में दस्तावेज देने का मिला था आश्वासन: कार्रवाई से भड़का व्यापारियों का गुस्सा
व्यापारी प्रतिनिधिमंडल के अनुसार, निगम आयुक्त समित मिश्रा ने लॉटरी आवंटन से जुड़े तमाम दस्तावेज और वीडियोग्राफी 7 दिनों के भीतर उपलब्ध कराने तथा खुद स्थल निरीक्षण करने का आश्वासन दिया था।
व्यापारियों का आरोप है कि आश्वासन मिलने के अगले ही दिन निगम की टीम अचानक बाजार हटाने पहुंच गई, जिससे व्यापारियों का गुस्सा फूट पड़ा।
🔍 पुलिस की जांच पर टिकी सभी की नजरें: निष्पक्ष जांच से सामने आएगा सच
फिलहाल घटना को लेकर व्यापारियों और निगम प्रशासन के अपने-अपने दावे हैं।
मारपीट में किसकी क्या भूमिका रही, हमले की शुरुआत किसने की और घायलों की वास्तविक स्थिति क्या है—इन सभी सवालों का सटीक जवाब पुलिस की विस्तृत जांच, सीसीटीवी फुटेज और आधिकारिक बयान जारी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।