Ranchi News Update: ‘राहुल गांधी का सच्चा सिपाही हूं’; योगेंद्र साव ने सीएम हेमंत सोरेन और गठबंधन पर उठाए सवाल
रांची। झारखंड के पूर्व मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता योगेंद्र साव ने एक बार फिर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और अपनी ही गठबंधन सरकार के खिलाफ तीखा हमला बोला है। उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए सवाल उठाया कि ‘इंडिया’ (INDIA) गठबंधन के पास पर्याप्त संख्या बल होने के बावजूद राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी की हार कैसे हो गई? योगेंद्र साव ने कहा कि इससे साफ जाहिर होता है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भीतरखाने से कांग्रेस को सीधा नुकसान पहुँचा रहे हैं। उन्होंने असम और पश्चिम बंगाल चुनावों का हवाला देते हुए राज्य सरकार की मंशा पर सवाल उठाए।
📜 JSSC-CGL में 500 करोड़ के घोटाले का दावा: निष्पक्ष जांच के लिए CBI को सौंपने की मांग
पत्रकारों से बात करते हुए योगेंद्र साव ने कहा कि राज्य के युवा छात्र JSSC-CGL और JPSC की भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर लंबे समय से मानसिक परेशानी झेल रहे हैं और यह मामला अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुँच चुका है।
उन्होंने सनसनीखेज दावा करते हुए कहा कि JSSC-CGL परीक्षा में करीब 500 करोड़ रुपये का भारी-भरकम घोटाला हुआ है, जिसके पुख्ता सबूत उनके पास मौजूद हैं। कई लोग उन्हें फोन पर दस्तावेज उपलब्ध करा रहे हैं। पूर्व मंत्री ने आरोप लगाया कि राज्य की वर्तमान जांच एजेंसियों से निष्पक्ष जांच संभव नहीं है, इसलिए इस पूरे फर्जीवाड़े की जांच सीधे सीबीआई (CBI) से कराई जानी चाहिए।
🗳️ ‘संख्या बल के बावजूद कैसे हारे कांग्रेस प्रत्याशी?’: राज्यसभा चुनाव के वोटों पर सीएम को घेरा
योगेंद्र साव ने राज्यसभा चुनाव के नतीजों को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को कटघरे में खड़ा किया।
उन्होंने कहा कि जब गठबंधन के पास 58 विधायकों का पर्याप्त बहुमत था, तो फिर कांग्रेस उम्मीदवार को हार का सामना क्यों करना पड़ा? यह जानना बेहद जरूरी है कि किस विधायक ने क्रास वोटिंग की या वोट किसे दिया। पूर्व मंत्री ने तंज कसते हुए कहा कि उद्योगपति परिमल नाथवानी चार्टर्ड प्लेन से रांची आते हैं और सीधे सीएम आवास पहुँच जाते हैं, जबकि दूसरी तरफ कांग्रेस और गठबंधन विधायकों को डिनर देकर महज औपचारिकता और ड्रामेबाजी की जाती है।
🚩 ‘असम और बंगाल में भी पहुंचाया नुकसान’: खुद को बताया राहुल गांधी का सच्चा सिपाही
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की रणनीतियों से पड़ोसी राज्यों में भी कांग्रेस को नुकसान पहुँचा है।
असम और पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों का जिक्र करते हुए उन्होंने दावा किया कि वहाँ भी कांग्रेस के खिलाफ राजनीतिक माहौल तैयार करने की कोशिश की गई। हालांकि, योगेंद्र साव ने स्पष्ट किया कि वे कांग्रेस पार्टी के खिलाफ नहीं हैं, बल्कि खुद को कांग्रेस नेता राहुल गांधी का सच्चा और वफादार सिपाही मानते हैं और सच उजागर करते रहेंगे।
🔍 मंत्री सुदिव्य कुमार के असमय निधन पर उठाए सवाल: जांच कराने की रखी मांग
अपनी बातचीत के दौरान पूर्व मंत्री योगेंद्र साव ने हाल ही में हुए राज्य के मंत्री सुदिव्य कुमार के असमय और अचानक हुए निधन का भी जिक्र किया।
उन्होंने कहा कि जिस तरह से अचानक उनका निधन हुआ है, वह भी एक गंभीर और संवेदनशील विषय है। इस पूरे मामले की भी निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराई जानी चाहिए ताकि सच्चाई जनता के सामने आ सके।