रांची में दिल्ली के जंतर-मंतर जैसा छात्र आंदोलन! JPSC-JSSC धांधली के खिलाफ सड़कों पर उतरे हजारों अभ्यर्थी, CBI जांच की मांग
रांची (झारखंड): झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित धांधली, पेपर लीक और अनियमितताओं के खिलाफ राज्य के युवाओं का आक्रोश दिन-प्रतिदिन उग्र रूप धारण करता जा रहा है।
राजधानी दिल्ली के ऐतिहासिक जंतर-मंतर पर हुए विशाल छात्र आंदोलनों की तर्ज पर अब झारखंड की राजधानी रांची में भी प्रदेश भर के छात्र एक साझा मंच पर गोलबंद होने लगे हैं। इसी क्रम में बुधवार को कचहरी चौक स्थित जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में राज्य के कोने-कोने और विभिन्न जिलों से पहुंचे हजारों छात्रों ने एकजुट होकर विशाल विरोध प्रदर्शन किया और राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
⚖️ “दोषियों पर नहीं हुई कोई ठोस कार्रवाई”, भर्ती प्रक्रिया की साख पर अभ्यर्थियों ने उठाए गंभीर सवाल
आंदोलन में शामिल अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि जेपीएससी और जेएसएससी द्वारा आयोजित की जाने वाली विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पिछले लंबे समय से बड़े पैमाने पर धांधली और गड़बड़ियों की शिकायतें सामने आती रही हैं, लेकिन इसके बावजूद जिम्मेदार दोषियों पर कोई प्रभावी दंडात्मक कार्रवाई नहीं की गई।
छात्रों का कहना है कि पूरी भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर लगातार गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं, जिसके कारण दिन-रात लगन से पढ़ाई करने वाले योग्य और मेहनती अभ्यर्थियों का भविष्य अंधकारमय हो रहा है।
🔍 सीआईडी जांच खारिज, निष्पक्षता के लिए सीबीआई (CBI) से जांच कराने पर अड़े प्रदर्शनकारी
विरोध-प्रदर्शन कर रहे आक्रोशित छात्रों ने राज्य सरकार से इन सभी विवादित भर्ती मामलों की जांच राज्य पुलिस की सीआईडी (CID) के बजाय केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से कराने की पुरजोर मांग की है।
उनका स्पष्ट तर्क है कि इस पूरे अंतरराज्यीय नेटवर्क और घोटालों की निष्पक्ष, स्वतंत्र और पारदर्शी जांच तभी संभव है, जब इसकी कमान किसी स्वायत्त केंद्रीय एजेंसी के हाथों में हो। इसके साथ ही छात्रों ने कथित तौर पर धांधली के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और मध्यस्थों को अविलंब उनके पदों से हटाते हुए उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग दोहराई।
📢 “सरकार ने समय रहते नहीं सुनी बात”: ज्ञापन और शांतिपूर्ण धरने के बाद सड़कों पर उतरने को मजबूर हुए युवा
प्रदर्शनकारी छात्रों ने दुख व्यक्त करते हुए कहा कि वे लंबे समय से अपनी जायज मांगों को अत्यंत शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीकों से सरकार तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं।
ज्ञापनों के आदान-प्रदान से लेकर शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शनों तक हर संभव माध्यम अपनाया गया, परंतु सरकार की ओर से समस्याओं का कोई स्थाई और संतोषजनक समाधान नहीं निकाला गया। छात्रों का आरोप है कि राज्य सरकार और संबंधित आयोगों ने समय रहते इन गंभीर शिकायतों को प्राथमिकता पर नहीं लिया, जिसकी परिणति आज यह हुई कि हजारों युवाओं को अपनी पढ़ाई छोड़ सड़कों पर उतरना पड़ा है।
🕊️ “राजनीतिक एजेंडा नहीं, पारदर्शी और निष्पक्ष भर्ती व्यवस्था हमारी एकमात्र मांग”
आंदोलनकारी युवाओं ने साफ किया कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले अभ्यर्थी अपने जीवन के कई मूल्यवान वर्ष कड़ी मेहनत और आर्थिक तंगी में बिताते हैं। ऐसे में यदि चयन प्रक्रिया पर ही भ्रष्टाचार का साया मंडराने लगे, तो युवाओं का व्यवस्था से भरोसा उठने लगता है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका यह प्रदर्शन किसी भी राजनीतिक दल से प्रेरित नहीं है, बल्कि यह विशुद्ध रूप से पारदर्शी, सुचितापूर्ण और निष्पक्ष भर्ती व्यवस्था स्थापित करने के लिए चलाया जा रहा अभियान है।
✊ निष्पक्ष जांच और पारदर्शी प्रक्रिया तक जारी रहेगा संघर्ष, आंदोलन को और व्यापक बनाने की चेतावनी
महाआंदोलन के दौरान हजारों छात्रों ने एक स्वर में निष्पक्ष सीबीआई जांच कराने, दोषी अधिकारियों व माफियाओं पर कठोर कार्रवाई करने और भविष्य में शत-प्रतिशत पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित करने की मांग बुलंद की।
आंदोलनकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि राज्य सरकार ने उनकी न्यायसंगत मांगों पर त्वरित और सकारात्मक फैसला नहीं लिया, तो आने वाले दिनों में इस आंदोलन को पूरे राज्य में और अधिक उग्र व व्यापक बनाया जाएगा। फिलहाल जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में उमड़े छात्रों के जनसैलाब ने यह साबित कर दिया है कि भर्ती परीक्षाओं में धांधली का यह मुद्दा अब झारखंड के युवाओं के लिए सबसे बड़ा जन-सरोकार बन चुका है।