JPSC परीक्षा में कथित गड़बड़ी पर गहराया शिकंजा! CID ने पूर्व अध्यक्ष को भेजा समन, जानें किन सवालों का देना होगा जवाब
रांची (झारखंड): झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की 14वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा में कथित धांधली और अनियमितताओं की गहन जांच कर रही झारखंड पुलिस की अपराध अनुसंधान विभाग (CID) ने एक बड़ा कदम उठाया है। सीआईडी ने मामले में आयोग के पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांग्ते को पूछताछ के लिए आधिकारिक समन जारी किया है।
सीआईडी मुख्यालय की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, पूर्व अध्यक्ष को 28 जुलाई को सीआईडी मुख्यालय में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर जांच में पूर्ण सहयोग करने का कड़ा निर्देश दिया गया है।
📋 आउटसोर्स एजेंसी के चयन और परिणाम तैयार करने की प्रक्रिया पर होंगे तीखे सवाल
सीआईडी अधिकारियों के अनुसार, 14वीं जेपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के संचालन में कथित धांधली, पर्चा लीक व प्रशासनिक गड़बड़ियों से जुड़े विभिन्न पहलुओं की विस्तृत जांच जारी है।
इसी कड़ी में जांच एजेंसी पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांग्ते से परीक्षा संचालन के नियमों, पूरी परीक्षा प्रक्रिया, ओएमआर/परिणाम तैयार करने के मापदंडों, आउटसोर्स एजेंसी के चयन की प्रक्रिया और तत्कालीन समय में आयोग द्वारा लिए गए महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णयों पर सीधे सवाल पूछेगी।
🔎 निर्णय लेने की प्रक्रिया और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका खंगालेगी CID
जांच एजेंसी यह भी गहराई से जानने का प्रयास करेगी कि परीक्षा प्रक्रिया के विभिन्न चरणों के दौरान किस स्तर पर किस प्रकार के प्रशासनिक निर्णय लिए गए थे और उन फैसलों का वैधानिक आधार क्या था।
इसके अतिरिक्त, परीक्षा के पारदर्शी संचालन में शामिल सभी विभागीय अधिकारियों, निजी एजेंसियों और संबंधित कर्मचारियों की व्यक्तिगत भूमिका को लेकर भी आवश्यक साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
⚖️ निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित हो रही जांच, दस्तावेजों की चल रही फोरेंसिक पड़ताल
सीआईडी ने आधिकारिक बयान में स्पष्ट किया है कि पूरे मामले की जांच पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और ठोस भौतिक तथ्यों के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है।
इसी उद्देश्य से मामले से जुड़े सभी प्रासंगिक पक्षों, पूर्व पदाधिकारियों और तकनीकी कर्मचारियों से चरणबद्ध पूछताछ की जा रही है तथा जब्त किए गए महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेजों व फाइलों की भी सूक्ष्मता से जांच की जा रही है। सीआईडी का कहना है कि जांच के दौरान मिलने वाले नए तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर ही आगे की सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
🎓 अभ्यर्थियों के लंबे विरोध के बाद CID को सौंपी गई थी जांच, पूर्व अध्यक्ष का समन अहम मोड़
उल्लेखनीय है कि 14वीं जेपीएससी संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा का परिणाम जारी होने के बाद से ही अभ्यर्थियों और छात्र संगठनों की ओर से बड़े पैमाने पर अनियमितताओं, धांधली और अपारदर्शिता के गंभीर आरोप लगाए जाते रहे हैं।
सड़क से लेकर कोर्ट तक छात्रों के लगातार विरोध-प्रदर्शन और भारी जन-दबाव के बाद राज्य सरकार ने इस पूरे मामले की विस्तृत जांच सीआईडी को सौंपी थी। अब आयोग के पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांग्ते को पूछताछ के लिए तलब किए जाने को इस चर्चित जांच का सबसे अहम और निर्णायक मोड़ माना जा रहा है।
🏛️ सभी साक्ष्यों के आधार पर होगी आगे की वैधानिक कार्रवाई
जांच एजेंसी का कहना है कि परीक्षा से जुड़े हर छोटे-बड़े पहलू और कड़ी की बारीकी से पड़ताल की जा रही है। सीआईडी मुख्यालय में होने वाली इस उच्चस्तरीय पूछताछ के बाद उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कानून के मुताबिक आगे की दंडात्मक या वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।