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Anganwadi Nutrition Scam: आंगनवाड़ी के लड्डू प्रीमिक्स में निकला सांप का बच्चा; जानें बच्चों को कैसे मिलता है पोषण आहार

पांढुर्णा: मध्य प्रदेश के पांढुर्णा जिले में आंगनवाड़ी केंद्र से बांटे गए बेसन लड्डू के प्रीमिक्स पैकेट में सांप का बच्चा मिलने की घटना ने पूरे प्रदेश में हड़कंप मचा दिया है। बच्चों और गर्भवती महिलाओं के पोषण आहार की गुणवत्ता पर उठ रहे इस सवाल के बाद प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं।

🍲 कैसे बांटा जाता है पोषण आहार?

आंगनवाड़ी कार्यकर्ता अनिता सातनकर और चंद्रभागा इंगले के अनुसार, गर्भवती महिलाओं और 6 महीने से 3 साल तक के बच्चों के लिए पोषण आहार पैकेट ‘कंप्लीट पैक’ होकर आते हैं। इन्हें स्व-सहायता समूहों द्वारा तैयार किया जाता है और आंगनवाड़ी केंद्रों पर वितरित किया जाता है। इसके अलावा, आंगनवाड़ी में आने वाले बच्चों के लिए हर दिन फिक्स मेन्यू के अनुसार स्व-सहायता समूह पका हुआ भोजन लाकर देते हैं, जिसे बच्चों को केंद्र पर ही खिलाया जाता है।

📅 आंगनवाड़ी केंद्रों का साप्ताहिक मेन्यू

आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए सुबह के नाश्ते और दोपहर के भोजन का फिक्स चार्ट निर्धारित है:

  • सोमवार: नाश्ते में फल और लप्सी; भोजन में रोटी, सब्जी और दाल खिचड़ी।

  • मंगलवार: नाश्ते में साग पराठा और पोहा; भोजन में खीर, पूरी और सब्जी।

  • बुधवार: नाश्ते में मूंगफली-गुड़; भोजन में रोटी, दाल और वेजिटेबल पुलाव।

  • गुरुवार: नाश्ते में उबले चने और दलिया; भोजन में कढ़ी, चावल और सब्जी।

  • शुक्रवार: नाश्ते में फल और लप्सी; भोजन में रोटी, सब्जी, दाल और चावल।

  • शनिवार: नाश्ते में पोहा/उपमा; भोजन में दाल-चावल, पुलाव या सब्जी।

🔍 पोषण आहार की गुणवत्ता की जांच कैसे होती है?

जिला कार्यक्रम अधिकारी बृजेश शिवहरे ने बताया कि आहार की निगरानी के लिए त्रि-स्तरीय व्यवस्था है:

  1. स्थानीय निगरानी: ग्राम सभा स्वस्थ ग्राम तदर्थ समिति द्वारा।

  2. विकासखंड स्तरीय समीक्षा: SDM की अध्यक्षता वाली समिति द्वारा हर महीने।

  3. प्रयोगशाला जांच: भारत सरकार के खाद्य एवं पोषाहार बोर्ड (नई दिल्ली) की प्रयोगशाला में हर महीने नमूनों की जांच की जाती है।

📊 प्रदेश में पोषण आहार का दायरा

मध्य प्रदेश में 84,465 आंगनवाड़ी केंद्रों और 12,670 मिनी केंद्रों के माध्यम से लगभग 80 लाख हितग्राहियों को पूरक पोषण आहार प्रदान किया जाता है। यह व्यवस्था ‘लोक सेवा गारंटी’ के अंतर्गत आती है, जिसका उद्देश्य हर बच्चे तक निर्धारित पोषक तत्व पहुंचाना है।