ब्रेकिंग
भारत-बांग्लादेश सीमा पर बढ़ा तनाव, जलपाईगुड़ी से भारतीय किसान दीपांकर गोप को जबरन उठा ले गए बांग्लाद... Apple Pay की भारत में एंट्री: शुरुआती चरण में केवल वीजा और मास्टरकार्ड सपोर्ट, यूपीआई यूजर्स को करना... एलन मस्क की xAI ने लॉन्च किया 'इमेजिन इमेज 2.0': AI से फोटो जनरेट और एडिट करना हुआ आसान, OpenAI को म... बुंदेलखंड की पावन धरा पर स्थित झांसी का केदारेश्वर मंदिर, सावन में उमड़ा आस्था का अगाध सैलाब दिमाग को कंप्यूटर जैसा तेज और एक्टिव बनाएंगे ये 7 सुपरफूड्स, आज ही डाइट में करें शामिल बिहार में अनोखी शवयात्रा: ढोल-नगाड़ों और आर्केस्ट्रा डांस के साथ निकली बुजुर्ग की अंतिम यात्रा, बेटे... बरेली में बड़ा रेल हादसा टला: बंद फाटक तोड़कर ट्रैक पर पहुंचा ट्रैक्टर, गोरखपुर-इज्जतनगर एक्सप्रेस स... आंध्र प्रदेश: शक के चलते बीटेक छात्रा की निर्मम हत्या, प्रेमी ने सुनसान नहर किनारे दिया वारदात को अं... पूर्णिया के रेणु नगर में दिल दहला देने वाली वारदात, घरेलू विवाद में बैंक मैनेजर ने शिक्षिका पत्नी की... अयोध्या राम मंदिर के CEO पद के लिए आए 5300 आवेदन: संत समाज की मांग— 'रामानंदी परंपरा और मठ-मंदिर की ...

Pune Metro Coach Leakage: सफर के दौरान कोच की छत से बरसा पानी; नाराज यात्रियों ने मेंटेनेंस पर जताई आपत्ति

पुणे: महाराष्ट्र के तेजी से विकसित होते हाई-टेक शहर पुणे में ट्रैफिक जाम की गंभीर समस्या से राहत दिलाने वाली ‘पुणे मेट्रो’ इन दिनों एक बेहद हैरान करने वाले और शर्मनाक मामले को लेकर देश भर में चर्चा का विषय बनी हुई है। शहर के सार्वजनिक परिवहन (Public Transport) को मजबूत और आधुनिक बनाने के लिए अरबों रुपये की लागत से शुरू की गई इस हाई-टेक मेट्रो प्रणाली की पोल मानसून की शुरुआती बारिश ने ही पूरी तरह से खोल कर रख दी है। सोशल मीडिया पर पुणे मेट्रो का एक वीडियो बड़ी तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने मेट्रो के नए कोचों की निर्माण गुणवत्ता (Construction Quality) और सुरक्षा दावों पर एक बहुत बड़ा गंभीर सवालिया निशान लगा दिया है।

इंटरनेट पर वायरल हो रहे इस वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि एक नई और खाली मेट्रो ट्रेन के कोच की आंतरिक छत से पानी लगातार नीचे की ओर रिस रहा है। ट्रेन के बंद डिब्बे के अंदर पानी इस रफ्तार से टपक रहा है जैसे बाहर खुले आसमान के नीचे मूसलाधार बारिश हो रही हो। इस दयनीय और बदहाल स्थिति को देखकर सफर करने वाले आम यात्रियों को मेट्रो के भीतर भी अपना-अपना छाता खोलने पर मजबूर होना पड़ रहा है। लाखों-करोड़ों की लागत से बनी इस प्रीमियम और हाई-टेक परिवहन सेवा की ऐसी दुर्दशा देखकर स्थानीय लोग दंग हैं।