मुंबई के मुलुंड में पूरी सड़क ही हो गई ‘गायब’! BJP विधायक मिहिर कोटेचा ने दर्ज कराई शिकायत, BMC से मांगा गया जवाब
मुंबई (महाराष्ट्र): सामान्यतः मुंबई पुलिस के पास सोने-चांदी, नकदी अथवा लग्जरी वाहनों की चोरी की शिकायतें आती हैं, परंतु इस बार मामला बिल्कुल अनूठा व चौंकाने वाला है। शहर के उपनगरीय क्षेत्र मुलुंड में एक पूरी सार्वजनिक सड़क के ही ‘गायब’ हो जाने की शिकायत पुलिस थाने पहुंची है। यह शिकायत किसी आम नागरिक ने नहीं, अपितु भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के स्थानीय विधायक मिहिर कोटेचा तथा बीजेपी नगरसेविका दीपिका घाग ने संयुक्त रूप से मुलुंड पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई है। शिकायत मिलते ही पुलिस विभाग हरकत में आ गया है और बीएमसी (BMC) प्रशासन से आधिकारिक रिकॉर्ड तलब किया है।
🏗️ “निजी बिल्डर के प्रोजेक्ट में शामिल की गई 9 मीटर चौड़ी DP रोड”: विधायक मिहिर कोटेचा का आरोप
बीजेपी विधायक मिहिर कोटेचा का सीधा आरोप है कि नगर निगम के डेवलपमेंट प्लान (DP Plan) में दर्ज एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक सड़क को किसी निजी बिल्डर द्वारा अपने कमर्शियल/रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट में अवैध रूप से शामिल कर लिया गया है।
उन्होंने बताया कि बीएमसी के आधिकारिक मास्टर प्लान में यह लगभग 9 मीटर चौड़ी सड़क आज भी दर्ज है और इसे पीले रंग की पट्टी (Yellow Belt) के रूप में चिह्नित किया गया है। विधायक का कहना है कि यदि जमीन पर इस सड़क का अस्तित्व समाप्त किया गया है, तो यह किस प्रशासनिक आदेश और नियम के तहत हुआ, इसकी उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए।
⚖️ बीएमसी अधिकारियों की मिलीभगत का अंदेशा, निष्पक्ष जांच व सख्त कार्रवाई की मांग
विधायक मिहिर कोटेचा ने इस गंभीर घटनाक्रम को केवल सड़क गायब होने का मामला न मानकर सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे और नगर नियोजन (Urban Planning) के नियमों के उल्लंघन का बड़ा घोटाला बताया है।
उन्होंने अंदेशा जताया कि बीएमसी के संबंधित अधिकारियों की प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष मिलीभगत के बिना इतनी बड़ी अनियमितता संभव ही नहीं है। उन्होंने पुलिस प्रशासन तथा बीएमसी आयुक्त से मांग की है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों एवं भू-माफियाओं के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।
🚗 30 हजार नागरिकों पर पड़ रही दोहरी मार, एलबीएस रोड पर रोजाना लग रहा ट्रैफिक जाम
मामले में बीजेपी नगरसेविका दीपिका घाग ने क्षेत्रवासियों की समस्याएं उजागर करते हुए कहा कि यदि यह प्रस्तावित डीपी रोड बन जाती, तो इलाके की विकराल ट्रैफिक समस्या का स्थायी समाधान हो जाता।
इस सड़क के निर्माण से मुलुंड के लगभग 25 से 30 हजार नागरिकों को सीधा लाभ पहुंचता। इसके जरिए लोग लाल बहादुर शास्त्री (LBS) मार्ग से सीधे अपने घरों तक सुगमता से पहुंच सकते थे, परंतु सड़क अनुपलब्ध होने के कारण नागरिकों को लंबा चक्कर लगाना पड़ रहा है और रोजाना घंटों जाम में फंसना पड़ता है।
📑 मुलुंड पुलिस ने बीएमसी के T-वार्ड से मांगा रिकॉर्ड, जांच के आधार पर दर्ज होगी प्राथमिकी
शिकायत दर्ज होने के उपरांत मुलुंड पुलिस ने औपचारिक जांच प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है।
पुलिस ने बीएमसी के टी-वार्ड (T-Ward) को पत्र प्रेषित कर मामले की समस्त आधिकारिक जानकारी, नक्शे और फाइल रिकॉर्ड्स मांगे हैं। मुलुंड पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक संतोष घाटेकर ने स्पष्ट किया कि बीएमसी से आधिकारिक जवाब एवं दस्तावेज प्राप्त होने के उपरांत आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यदि जांच में सार्वजनिक भूमि पर अतिक्रमण या धोखाधड़ी की पुष्टि होती है, तो संबंधितों के विरुद्ध नामजद एफआईआर दर्ज की जाएगी।