ब्रेकिंग
Ashish Agarwal BJP: राष्ट्रीय मीडिया संयोजक आशीष अग्रवाल की नई पहल, ग्वालियर में 'नो होर्डिंग-बैनर' ... Katni News: कटनी जिला अस्पताल की तीसरी मंजिल से महिला ने लगाई छलांग, हालत गंभीर Morena Crime News: थाने से 100 मीटर दूर बदमाशों का आतंक, FIR कराकर लौट रहे 3 लोगों पर जानलेवा हमला MP News: भोपाल मास्टर प्लान 2047 में मकान-दुकान होंगे साथ, CM मोहन यादव ने मांगे सुझाव, जानें बड़ी ब... Ganesh Visarjan Tragedy: महाराष्ट्र के पालम में विसर्जन के दौरान 2 युवक नदी में डूबे, रेस्क्यू ऑपरेश... Farmers Relief Maharashtra: फडणवीस सरकार का बड़ा फैसला, 75% राज्य सूखाग्रस्त, बिजली बिल और कर्ज में ... Hooghly News: श्रीरामपुर में TMC विधायक कुणाल घोष की कार पर हमला, ममता बनर्जी ने BJP को घेरा Rajasthan Politics: अयोध्या के बाद अब खाटूश्यामजी में भी हारी भाजपा, कांग्रेस ने दर्ज की रोमांचक जीत Kanpur Crime News: कर्ज और सट्टे में डूबे बेटे ने नौकर को दिए थे 6 लाख रुपये, पुलिस खुलासे में चौंका... Tauqeer Raza Bail Rejected: हाईकोर्ट से नहीं मिली राहत, आईएमसी प्रमुख मौलाना तौकीर रजा की जमानत याचि...

अयोध्या राम मंदिर के CEO पद के लिए आए 5300 आवेदन: संत समाज की मांग— ‘रामानंदी परंपरा और मठ-मंदिर की समझ रखने वाले को मिले कमान’

अयोध्या (उत्तर प्रदेश): अयोध्या स्थित भव्य श्री राम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावा चोरी का मामला प्रकाश में आने के उपरांत प्रशासनिक स्तर पर व्यापक सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं।

इसी क्रम में मंदिर प्रबंधन व प्रशासनिक व्यवस्थाओं के सुचारू संचालन हेतु मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति प्रक्रिया में तेजी आई है। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा निकाली गई भर्ती के लिए लगभग 5,300 अभ्यर्थियों ने आवेदन प्रस्तुत किए हैं। हालांकि, नियुक्ति प्रक्रिया के बीच संत समाज एवं धार्मिक समिति ने स्पष्ट मांग रखी है कि केवल प्रशासनिक अनुभव ही नहीं, बल्कि मठ-मंदिरों तथा रामानंदी परंपराओं की व्यावहारिक समझ रखने वाले निष्ठावान व्यक्ति को ही CEO नियुक्त किया जाए।

🛕 “प्रशासनिक दक्षता के साथ धार्मिक निष्ठा अनिवार्य”: आचार्य मिथिलेशनन्दिनीशरण ने रखी अपनी राय

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा नवगठित ‘धार्मिक समिति’ के सदस्य एवं सिद्धपीठ हनुमन्निवास के महंत आचार्य मिथिलेशनन्दिनीशरण ने CEO चयन पर अपने विचार साझा किए।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि मूल रूप से मंदिरों का संचालन विशुद्ध कॉर्पोरेट या प्रशासनिक अधिकारी के माध्यम से नहीं होना चाहिए। मंदिर की व्यवस्थाएं और अधिकार ऐसे साधक या व्यक्ति के हाथों में होने चाहिए, जिसकी पूर्ण आस्था और निष्ठा भगवान श्री राम के प्रति समर्पित हो।

⚖️ केवल प्रशासनिक अनुभव न बने आधार, धार्मिक परंपरा और पूजा-पद्धति की जानकारी जरूरी

आचार्य मिथिलेशनन्दिनीशरण ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि CEO पद के लिए ऐसे अभ्यर्थी को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, जिसने अपना संपूर्ण जीवन मठ-मंदिर, आश्रम और धार्मिक परंपराओं के बीच व्यतीत किया हो।

संत समाज का तर्क है कि यदि केवल प्रशासनिक अनुभव को ही आधार बनाया गया तो अधिकारी की प्राथमिकता धार्मिक आस्था व परंपराओं के स्थान पर प्रशासनिक नियमों तक ही सीमित रह जाने की आशंका रहेगी। इसलिए धार्मिक परंपरा, पूजा-पद्धति और मर्यादा की गहरी समझ रखने वाले व्यक्ति का चयन ही राम मंदिर प्रबंधन के हित में होगा।

📜 देश के कई मंदिरों में व्यवस्था संभाल रहे हैं CEO, अधिकार और भूमिका स्पष्ट होनी चाहिए

उल्लेखनीय है कि गत 22 जुलाई को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा गठित धार्मिक समिति में आचार्य मिथिलेशनन्दिनीशरण को सदस्य के रूप में सम्मिलित किया गया था।

उन्होंने रेखांकित किया कि देश के कई प्रमुख प्रसिद्ध मंदिरों (जैसे वैष्णो देवी, तिरुपति आदि) में प्रशासनिक अधिकारियों (CEO) के माध्यम से व्यवस्थाएं संचालित हो रही हैं। यदि राम मंदिर में भी व्यवस्थाओं के सुदृढ़ीकरण हेतु CEO की नियुक्ति होती है, तो संत समाज इसका विरोध नहीं करेगा; किंतु संबंधित अधिकारी की भूमिका, अधिकार और धार्मिक सीमाएं पूरी तरह स्पष्ट होनी चाहिए।

🛕 धार्मिक समिति की प्रथम बैठक में बड़ा निर्णय: 15 अगस्त को निकलेगी भगवान राम की गाजे-बाजे के साथ पालकी यात्रा

अयोध्या के श्री रामवल्लभा कुंज मंदिर में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की नवगठित धार्मिक समिति की प्रथम आधिकारिक बैठक सफलतापूर्वक संपन्न हुई।

लगभग तीन घंटे तक चली इस उच्चस्तरीय बैठक में ट्रस्ट के अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन, समिति सदस्य मिथिलेश नंदिनी शरण, महंत रामानंद दास, महंत राजकुमार दास सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे, जबकि समिति के अध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी जी महाराज ऑनलाइन माध्यम से जुड़े। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि आगामी 15 अगस्त को सायं 5:00 बजे राम मंदिर के गर्भगृह से भव्य गाजे-बाजे और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भगवान श्री राम की पारंपरिक ‘पालकी यात्रा’ निकाली जाएगी।