ब्रेकिंग
Amit Shah on Congress: "राहुल गांधी के साथ रहकर खड़गे की भाषा बिगड़ी", अमित शाह का कांग्रेस अध्यक्ष ... Murder In Delhi: दिल्ली में IRS अधिकारी की बेटी की घर में हत्या, रेप की भी आशंका; फरार नौकर पर पुलिस... Ravi Kishan at Mahakal: उज्जैन में बाबा महाकाल की भक्ति में डूबे सांसद रवि किशन, भस्म आरती में भाव व... Bandhavgarh Tiger Reserve: बांधवगढ़ में बाघ शावक की मौत, आपसी संघर्ष या शिकार? वन विभाग ने शुरू की ह... MP Patwari Suicide: भाई की शादी के लिए नहीं मिली छुट्टी तो पटवारी ने की खुदकुशी, मध्य प्रदेश में बड़... Lucknow-Indore Economic Corridor: लखनऊ से इंदौर तक बनेगा नया इकोनॉमिक कॉरिडोर, बुंदेलखंड से पलायन रो... Collector's Initiative: भीषण गर्मी में कलेक्टर के फैसले ने दी ठंडक, जनसुनवाई में आए लोगों को पिलाया ... MP High Court: "दिव्यांग बच्चों को स्कूल से कैसे निकाला?" मध्य प्रदेश हाई कोर्ट सख्त, शिक्षा विभाग स... Bhopal Gas Agency News: भोपाल की दो गैस एजेंसियों से 3000 सिलेंडर गायब, खाद्य विभाग FIR और लाइसेंस र... Chhindwara Coal Mine: छिंदवाड़ा का कोयला 'सोना' से कम नहीं! मोआरी खदान फिर से शुरू, WCL को मिली जिम्...

Air India Crash Tragedy: अहमदाबाद विमान हादसे में परिवार खोने वाले मोहम्मद शेठवाला को झटका, ब्रिटेन ने दिया ‘देश छोड़ो’ का आदेश

ब्रिटेन में रह रहे एक भारतीय नागरिक को उस वक्त बड़ा झटका लगा, जब उसे 22 अप्रैल तक देश छोड़ने का आदेश दे दिया गया. पीड़ित का नाम मोहम्मद शेखवाला है. ये वहीं शेखवाला हैं जिन्होंने पिछले साल (2025) में हुए अहमदाबाद एयर इंडिया विमान हादसे में अपनी पत्नी और दो साल की मासूम बेटी को खोया था. ब्रिटिश सरकार के इस कदम की चारों तरफ निंदा हो रही है.

जानकारी के मुताबिक ब्रिटेन के गृह मंत्रालय ने मोहम्मद शेखवाला को देश छोड़ने के लिए बुधवार (22 अप्रैल) तक का समय दिया है. साथ ही ये भी कहा गया है कि अगर उन्होंने आदेश का पालन नहीं किया तो गिरफ्तार कर लिया जाएगा. शेखवाला अपनी पत्नी के स्टूडेंट वीजा पर एक डिपेंडेंट के तौर पर ब्रिटेन में रह रहे थे.

वीज़ा को बढ़ाने की अपील खारिज

ब्रिटेन के मीडिया आउटलेट मेट्रो की रिपोर्ट के मुताबिक, मोहम्मद शेखवाला ने यूके के गृह मंत्रालय से ‘दयालुता’ और ‘मानवीय’ आधार पर अपने वीज़ा को बढ़ाने के लिए Further Leave to Remain (FLR) के तहत आवेदन किया था. हालांकि, गृह मंत्रालय ने उनकी अपील को खारिज कर दिया और उन्हें इमिग्रेशन बेल पर रखते हुए देश छोड़ने का निर्देश दिया. वहीं इस फैसले पर शेखवाला ने कहा ‘मैं सरकार के इस फैसले को स्वीकार नहीं करूंगा, इस वजह से मेरी तबीयत ठीक नहीं है, मैं इसके नहीं मान सकता’.

विमान हादसे में पत्नी और बच्ची की मौत

साल 2025 में अहमदाबाद एयर इंडिया विमान हादसे में शेखवाला की पत्नी सादिकाबानू तापेलीवाला और उनकी दो साल की बेटी फातिमा की मौत हो गई थी. अहमदाबाद से लंदन जा रही इस फ्लाइट के टेक-ऑफ के कुछ ही सेकंड बाद दुर्घटनाग्रस्त हो जाने से 260 लोगों की जान चली गई थी. इस हादसे से शेखवाला की पूरी जिंदगी उजड़ गई. हादसे में उनका पूरा परिवार खत्म हो गया.

डिपेंडेंट के रूप में ब्रिटेन में रह रहे थे शेखवाला

शेखवाला मार्च 2022 में अपनी पत्नी के स्टूडेंट वीजा पर एक डिपेंडेंट के रूप में ब्रिटेन चले गए थे, जब उनकी पत्नी सादिकाबानू लंदन के अल्स्टर विश्वविद्यालय के परिसर में पढ़ाई कर रही थीं. बाद में इस दंपति की एक ब्रिटिश मूल की बेटी हुई. भविष्य में सादिकाबानू ‘स्किल्ड वर्कर’ के तौर पर वहीं बसने की योजना बना रही थीं.

पड़ोसियों ने की आर्थिक मदद

इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए शेखवाला ने कहा ‘सादिका और मैं आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि से आते हैं. हमारे पड़ोसियों ने हमारे ब्रिटेन में रहने के सपनों को पूरा करने के लिए पैसे जमा किए थे’. दुर्घटना के बाद अपनी वापसी का पर उन्होंने कहा ‘मैं जून के अंत में ब्रिटेन लौटा, लेकिन जब मैं यहां अपने घर लौटा, तो मुझे मानसिक आघात लगा’.

आज भी सदमे में हैं शेखवाला

उन्होंने कहा, ‘कुछ महीने पहले तक अपार्टमेंट शोरगुल से भरा रहता था, मेरी पत्नी और बेटी की खुशबू से महकता रहता था, बच्चों के गीतों की आवाज़ें गूंजती रहती थीं, उनके कपड़े और सामान हर जगह बिखरे रहते थे. मैं अवसाद के कारण रात को सो नहीं पाता था’. उन्होंने आगे बताया कि दोस्तों के कहने पर उन्होंने एक निजी मनोचिकित्सक से सलाह ली और लंदन चले गए, जहां अब तक उनके दोस्त उनकी देखभाल कर रहे हैं. उन्होंने कहा ‘भारत लौटने पर मुझे सादिका और फातिमा की लगातार याद आती रहेगी’.

एयर इंडिया ने की नौकरी की पेशकश

डिलीवरी ड्राइवर के रूप में काम करने वाले शेखवाला ने बताया कि एयर इंडिया ने उन्हें लंदन में ताज ग्रुप में नौकरी की पेशकश की थी, लेकिन वीजा की समय सीमा समाप्त होने के कारण उन्हें इसे ठुकराना पड़ा. उनके दोस्तों ने बताया कि शेखवाला की जिंदगी रातों रात तबाह हो गई. मुसाब ताहेरवाला ने मेट्रो को बताया, ‘उन्होंने सब कुछ खो दिया है. सब कुछ बर्बाद हो गया है. वह ठीक से बात भी नहीं कर पा रहे हैं. उनका दिमाग ठीक से काम नहीं कर रहा है’.

गृह मंत्रालय पर उठाए सवाल

वीजा की स्थिति समझाते हुए उन्होंने आगे कहा, ‘अगर शेखवाला की पत्नी जीवित होतीं, तो उन्हें अभी भी ब्रिटेन में रहने की अनुमति मिल जाती. अगर उनकी बेटी जीवित होती तो उन्हें अनिश्चित काल तक रहने की अनुमति मिल जाती, लेकिन उनकी भी मृत्यु हो गई’. इस फैसले की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा, ‘गृह मंत्रालय निष्पक्ष नहीं है. हम इस फैसले की समीक्षा चाहते हैं.उनके पास कुछ भी नहीं बचा है. उन्होंने समय बढ़ाने के लिए आवेदन किया क्योंकि उनके पास कुछ भी नहीं बचा है’.

ब्रिटेन का आश्रित वीज़ा प्राथमिक वीज़ा धारक के जीवनसाथी और बच्चों को देश में रहने की अनुमति देता है, लेकिन शेखवाला का वीज़ा उनकी पत्नी की मृत्यु के सात महीने बाद समाप्त हो गया था.उन्होंने पिछले साल दिसंबर में मानवीय आधार पर FLR (विदेशी निवास) के लिए आवेदन किया था, लेकिन कोई लाभ नहीं हुआ. उन्होंने द सन को बताया, ‘वकील ने मुझे बताया कि मैं शोक संतप्त जीवनसाथी की श्रेणी में नहीं आता और यह एक दुर्लभ घटना है जहां विमान दुर्घटना में ब्रिटेन के निवासी वीज़ा धारक की मृत्यु हुई है’.

गृह मंत्रालय ने दिया ये तर्क

पिछले सप्ताह शेखवाला के वकील को भेजे गए एक पत्र में गृह मंत्रालय ने कहा कि मोहम्मद शेखवाला का परिवार भारत में रहता है. वो अपनी मातृभाषा बोलना जानते हैं, इसलिए उन्हें वहां दोबारा बसने में कोई दिक्कत नहीं होगी. इसी आधार पर उन्हें 22 अप्रैल तक देश छोड़ने का अल्टीमेटम दिया गया है, नहीं तो उन्हें हिरासत में लेकर निर्वासित कर दिया जाएगा.

सरकार के आदेश की आलोचना

एयर इंडिया विमान दुर्घटना के पीड़ित के रिश्तेदार को निर्वासित करने के प्रयास की चारो तरफ आलोचना हो रही है. कार्यकर्ताओं ने इस कदम की निंदा की और गृह मंत्रालय को क्रूर एवं अनैतिक करार दिया. ब्रिटिश सामाजिक न्याय नेता और प्रवासी अधिकार नेटवर्क की सीईओ, फिज़ा कुरैशी ने मेट्रो को बताया, ‘गृह मंत्रालय की इस संवेदनहीनता से हम स्तब्ध हैं कि उसने एक शोक संतप्त पिता और पति को उसके उन समर्थकों से अलग कर दिया है जो इस दुखद समय में उसकी देखभाल कर रहे हैं और उसके मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रख रहे हैं. गृह मंत्रालय शोक की घड़ी में भी सहानुभूति दिखाने से इनकार कर रहा है। उन्हें अपने फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए’. हालांकि ब्रिटेन का गृह मंत्रालय अपने रुख पर कायम है.