ब्रेकिंग
PM Modi on Congress: कांग्रेस की खतरनाक चाल! पश्चिम एशिया के देशों से भारत के रिश्ते बिगाड़ना चाहती ... National Security: 'सरकारी इमारतों में अब भी चीनी CCTV क्यों?' बैन के बाद राहुल गांधी का केंद्र से त... Assam Election: असम चुनाव का 'यूपी कनेक्शन'! यूपी से रिवर्स माइग्रेशन शुरू, झुग्गियों में पसरा सन्ना... Rajasthan Health System: एंबुलेंस नहीं मिली तो साइकिल बनी सहारा! डीग में बुजुर्ग की मजबूरी देख पसीजा... Delhi Crime: दिल्ली में फैक्ट्री के बाहर लावारिस बैग में मिली सड़ी-गली लाश! इलाके में फैला हड़कंप Bihar Tourism: अजगैवीनाथ धाम में बनेगा बिहार का एक और ग्लास ब्रिज! 20 करोड़ की लागत से सुल्तानगंज की... Rajasthan SI Recruitment: राजस्थान में 859 सब इंस्पेक्टरों से छिनेगी खाकी! हाई कोर्ट ने रद्द की SI भ... Greater Noida Petrol Pump: पेट्रोल की जगह भरा 'पानी'! ग्रेटर नोएडा में 20 गाड़ियां रास्ते में हुईं बं... Delhi News: दिल्ली में LPG की कालाबाजारी पर बड़ा एक्शन! 22 ठिकानों पर रेड, कई पर FIR दर्ज कानपुर में तेज आंधी-तूफान का तांडव! ऑटो पर गिरा बरगद का पेड़, 2 की मौत

RTE Reimbursement News: 14 साल से नहीं बढ़ी RTE प्रतिपूर्ति राशि! निजी स्कूलों ने दी नए सत्र में प्रवेश नहीं देने की चेतावनी

रायपुर : छत्तीसगढ़ प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन ने RTE के तहत प्रवेश पाने वाले बच्चों की प्रतिपूर्ति राशि में वृद्धि की मांग की है. एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव गुप्ता के मुताबिक 14 साल से RTE के बच्चों की प्रतिपूर्ति राशि में किसी तरह की कोई वृद्धि नहीं की गई है. साल 2011 से सरकार से RTE के बच्चों की प्रतिपूर्ति राशि मात्र 7000 रुपए मिल रही है जो बहुत कम है. दूसरे राज्यों में यह राशि ज्यादा है. ऐसे में छत्तीसगढ़ प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन ने 1 मार्च 2026 से असहयोग आंदोलन शुरू किया है. इसके तहत सरकार के किसी भी पत्र या नोटिस का जवाब नहीं दिया जा रहा है. अब आने वाले दिनों में लॉटरियों के माध्यम से बच्चों का स्कूलों में प्रवेश दिया जाना भी बंद कर दिया जाएगा.

हाईकोर्ट ने भी प्रतिपूर्ति राशि बढ़ाने को कहा

छत्तीसगढ़ प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव गुप्ता ने बताया कि पिछले 14 साल से शिक्षा के अधिकार कानून के तहत दी जाने वाली राशि में किसी तरह की कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है. इसका विरोध प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट कर रहा है. साल 2011 में जितने भी प्राइवेट स्कूल में आरटीई के बच्चे एडमिशन लिए उन्हें कक्षा पहली से लेकर पांचवी तक 7 हजार रुपए दिए गए. छठवीं से आठवीं तक साढ़े सात हजार रुपए तय किए गए थे. इसी प्रतिपूर्ति राशि को बढ़ाने के लिए हम 14 साल से संघर्ष कर रहे हैं. जुलाई 2025 में हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी. याचिका की सुनवाई 19 सितंबर 2025 को आई जिसमें कोर्ट ने कहा कि 6 महीने के अंदर प्राइवेट स्कूल के आवेदन पर विचार किया जाए और इनकी प्रतिपूर्ति राशि बढ़ाई जाए.

हाईकोर्ट के निर्णय के बाद भी शासन प्रशासन ने कोई निर्णय नहीं लिया. इसलिए मजबूरन छत्तीसगढ़ प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन ने 1 मार्च 2026 से असहयोग आंदोलन की शुरुआत की है. इस आंदोलन के तहत शासन प्रशासन के द्वारा किसी भी तरह के पत्र और नोटिस का जवाब नहीं दिया जा रहा है. इसके साथ ही किसी भी कार्यक्रम में स्कूल बस की मांग की जाती है तो हम बस देने से इनकार कर रहे हैं. लिहाजा शासन अब दबाव बना रहा है- राजीव गुप्ता,अध्यक्ष,प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन

गरीब बच्चों के प्रवेश पर मंडराया खतरा

राजीव गुप्ता ने बताया कि 1 महीने के असहयोग आंदोलन के बाद भी सरकार के कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है. जिसकी वजह से प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन अब स्कूलों में लाटरियों के माध्यम से जिन बच्चों का चयन होगा उन्हें प्रवेश नहीं दिया जाएगा. यह एक कठोर निर्णय है जिसको हमने बड़ी मुश्किल उठाया है. हम नहीं चाहते कि गरीब और वंचित वर्ग के बच्चे प्रवेश से वंचित हो. हमारे पास कोई विकल्प नहीं बचा है और हम मजबूर हैं. जिसकी वजह से इस तरह का कदम हमें उठाना पड़ रहा है. स्कूल शिक्षा विभाग हमारी बातें भी नहीं सुन रहा है. छत्तीसगढ़ प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन की मांग है कि कक्षा पहली से लेकर पांचवी तक 18000 रुपए की मांग की है. इसी तरह कक्षा छठवीं से लेकर आठवीं तक के बच्चों के लिए 25000 हजार की मांग की है.