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National Security: ‘सरकारी इमारतों में अब भी चीनी CCTV क्यों?’ बैन के बाद राहुल गांधी का केंद्र से तीखा सवाल

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर केंद्र सरकार को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं, उन्होंने कहा कि भले ही सरकार ने आम लोगों के लिए चीनी CCTV कैमरों के इस्तेमाल पर रोक लगा दी है, लेकिन सरकारी इमारतों में अभी भी ऐसे कैमरे लगे हुए हैं. उन्होंने कहा, “विदेशी AI प्लेटफॉर्म संवेदनशील डेटा को प्रोसेस कर रहे हैं और सरकार के पास इस बारे में कहने के लिए कुछ भी नहीं है. मैंने संसद में इलेक्ट्रॉनिक्स और IT मंत्रालय से सवाल पूछे थे. जवाब में बहुत कुछ कहा गया, लेकिन जो पूछा गया था, उसका कोई जवाब नहीं दिया गया…”

राहुल गांधी ने बताया कि उन्होंने सरकार से पूछा था कि हमारे कैमरे किन देशों से आए? उनमें से कितने सुरक्षा की दृष्टि से प्रमाणित हैं? कौन से विदेशी AI प्लेटफॉर्म सरकारी डेटा प्रोसेस कर रहे हैं? कौन से प्रतिबंधित ऐप्स बदले नामों के साथ अब भी चल रहे हैं? राहुल ने कहा कि मंत्रालय के जवाब में न कोई संख्या, न कोई जवाब, एक भी प्लेटफार्म का नाम तक नहीं.

राहुल गांधी ने लगाए गंभीर आरोप

राहुल गांधी ने सरकार के जवाब का पत्र सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए लिखा, “पांच साल पहले यह मानने के बाद कि सरकार द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे 10 लाख चीनी कैमरे डेटा ट्रांसफर के जोखिम पैदा करते हैं, आज भी सरकार ने ये नहीं बताया कि आज जो कैमरे हम पर नजर रख रहे हैं, वे सुरक्षित हैं या नहीं. यह जानबूझकर भारत को अंधेरे में रखने की साजिश है. मोदी सरकार अपनी नाकामी पर पर्दा डाल विदेशी निगरानी की सच्चाई छिपा कर हर नागरिक की सुरक्षा को जोखिम में डाल रही है.”

दिल्ली की सड़कों से CCTV हटा रही सरकार

दिल्ली के CCTV सर्विलांस नेटवर्क का आधे से ज़्यादा हिस्सा चीन में बने कैमरों का है, जिसके चलते राज्य सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं को देखते हुए इन्हें चरणबद्ध तरीके से बदलने का काम शुरू कर दिया है. लोक निर्माण विभाग (PWD) के मंत्री प्रवेश वर्मा ने बुधवार को कहा कि चीनी कंपनी Hikvision से लिए गए कैमरों को पूरे शहर से धीरे-धीरे हटाया जाएगा और उनकी जगह दूसरे कैमरे लगाए जाएंगे.

दिल्ली में PWD ने 2.7 लाख से ज़्यादा CCTV कैमरे लगाए हैं. इनमें से पहले चरण (सितंबर 2020 से नवंबर 2022) के दौरान लगाए गए लगभग 1.4 लाख कैमरे चीन में बने हैं, जबकि दूसरे चरण (जून 2025 से मार्च 2026) में लगाए जाने वाले बाकी कैमरे चीन के अलावा दूसरे देशों से लिए जाएंगे. लेकिन सरकारी इमारतों के अंदर चीनी कैमरों को लेकर सरकार ने कोई एक्शन नहीं लिया है, जिसपर सवाल खड़े हो रहे हैं.