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केंद्र का बड़ा फैसला: IAS रश्मि कमल को मिली बंगाल जनगणना की जिम्मेदारी, 3 साल के लिए सेंट्रल डेपुटेशन पर नियुक्ति

पश्चिम बंगाल में जनगणना कराने की कमान चर्चित भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) की अफसर रश्मि कमल को सौंपी गई है. डॉक्टरी से प्रशासनिक सेवा में आने वाली रश्मि तब चर्चा में आई थीं जब 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान भारतीय जनता पार्टी (BJP) की शिकायत पर उन्हें कोलकाता साउथ में रिटर्निंग ऑफिसर के रूप से हटा दिया गया था.

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने IAS रश्मि कमल को पश्चिम बंगाल के लिए जनगणना संचालन निदेशक (Director of Census Operations) और नागरिक पंजीकरण निदेशक (Director of Citizen Registration) के रूप में नियुक्त करने की मंजूरी दे दी है. गृह मंत्रालय की ओर से कल बुधवार देर रात जारी एक आदेश में कहा गया कि पश्चिम बंगाल कैडर की 2006 बैच की IAS अफसर रश्मि 14 जनवरी, 2026 की तारीख से कार्यभार संभालेंगी. उन्हें केंद्रीय स्टाफिंग योजना के तहत 3 साल की अवधि के लिए या अगले आदेश तक, जो भी पहले हो, सेंट्रल डेपुटेशन पर नियुक्त किया गया है.

MBBS की डिग्री, IGNOU से PG

रश्मि का मुख्यालय कोलकाता होगा. करीब 2 दशकों के प्रशासनिक अनुभव वाली रश्मि राज्य में जनगणना से संबंधित सभी गतिविधियों और नागरिक पंजीकरण प्रक्रियाओं की देखरेख करेंगी. जनगणना संचालन निदेशक का ऑफिस दशकीय जनगणना करवाने और पंजीकरण से संबंधित नागरिकता अधिनियम के प्रावधानों को लागू करने में अहम भूमिका निभाता है.

पश्चिम बंगाल कैडर की 2006 बैच की IAS अधिकारी रश्मि कमल का जन्म 1 जुलाई 1977 को हुआ था. उन्होंने पटना यूनिवर्सिटी से MBBS की डिग्री हासिल की और फिर IGNOU दिल्ली से पोस्ट ग्रेजुएट (PG) किया. वह हिंदी और अंग्रेजी के साथ-साथ बंगाली भाषा में भी माहिर हैं. उन्होंने पश्चिमांचल उन्नयन मामलों के विभाग (Paschimanchal Unnayan Affairs Department) में सचिव के रूप में काम किया है.

2024 में BJP ने क्यों की थी शिकायत

रश्मि तब चर्चा में आई थीं, बीजेपी ने 2024 के लोकसभा चुनाव में उनको हटाने की मांग चुनाव आयोग से कर दी थी. मई 2024 में चुनाव आयोग ने बीजेपी की शिकायत पर रश्मि समेत 2 अफसरों को हटा दिया था. बीजेपी ने कोलकाता दक्षिण की तत्कालीन रिटर्निंग ऑफिसर रश्मि कमल के साथ-साथ बसीरहाट की ADM रिटर्निंग ऑफिसर धिव्या लोगनाथन का ट्रांसफर कर दिया.

बीजेपी ने अपनी शिकायत में कहा था कि कोलकाता दक्षिण लोकसभा सीट से तृणमूल कांग्रेस पार्टी की उम्मीदवार माला रॉय ने नामांकन दाखिल करते समय KMC चेयरपर्सन के पद से इस्तीफा नहीं दिया था, जो कि “लाभ का पद” था. पार्टी ने अफसर से माला रॉय की उम्मीदवारी रद्द करने की मांग की थी, लेकिन रश्मि ने नामांकन स्वीकार कर लिया था क्योंकि उम्मीदवार की ओर से दावा किया गया था कि उन्होंने 2019 से KMC से कोई सैलरी नहीं ली है.

जनगणना प्रक्रिया कब से होगी शुरू

गृह मंत्रालय के तहत रजिस्ट्रार जनरल ऑफिस की ओर से यह आदेश ऐसे समय आया है जब मंत्रालय के 7 जनवरी के नोटिफिकेशन के तहत तैयारियां जोरों पर चल रही हैं. जनगणना 2027 रजिस्ट्रार जनरल (Registrar General of India) की ओर से 2 चरणों में कराई जाएगी, जिसमें पहला चरण, हाउसलिस्टिंग ऑपरेशन (HLO), 1 अप्रैल से शुरू होगा. हर राज्य और केंद्र शासित प्रदेश 1 अप्रैल से 30 सितंबर के बीच इस काम को पूरा करने के लिए 30 दिनों की अवधि तय करेगा.

पहले चरण में, HLO में हर घर की आवास स्थितियों, संपत्ति, सुविधाओं आदि से संबंधित जानकारी जुटाई जाएगी. जबकि दूसरे चरण में जनसंख्या गणना (PE) में, हर व्यक्ति की जनसांख्यिकीय, सामाजिक-आर्थिक, सांस्कृतिक और अन्य जानकारी एकत्र की जाएगी. दूसरा चरण अगले साल फरवरी में हो सकता है.