ब्रेकिंग
PM Modi on Congress: कांग्रेस की खतरनाक चाल! पश्चिम एशिया के देशों से भारत के रिश्ते बिगाड़ना चाहती ... National Security: 'सरकारी इमारतों में अब भी चीनी CCTV क्यों?' बैन के बाद राहुल गांधी का केंद्र से त... Assam Election: असम चुनाव का 'यूपी कनेक्शन'! यूपी से रिवर्स माइग्रेशन शुरू, झुग्गियों में पसरा सन्ना... Rajasthan Health System: एंबुलेंस नहीं मिली तो साइकिल बनी सहारा! डीग में बुजुर्ग की मजबूरी देख पसीजा... Delhi Crime: दिल्ली में फैक्ट्री के बाहर लावारिस बैग में मिली सड़ी-गली लाश! इलाके में फैला हड़कंप Bihar Tourism: अजगैवीनाथ धाम में बनेगा बिहार का एक और ग्लास ब्रिज! 20 करोड़ की लागत से सुल्तानगंज की... Rajasthan SI Recruitment: राजस्थान में 859 सब इंस्पेक्टरों से छिनेगी खाकी! हाई कोर्ट ने रद्द की SI भ... Greater Noida Petrol Pump: पेट्रोल की जगह भरा 'पानी'! ग्रेटर नोएडा में 20 गाड़ियां रास्ते में हुईं बं... Delhi News: दिल्ली में LPG की कालाबाजारी पर बड़ा एक्शन! 22 ठिकानों पर रेड, कई पर FIR दर्ज कानपुर में तेज आंधी-तूफान का तांडव! ऑटो पर गिरा बरगद का पेड़, 2 की मौत

दिमाग घुस गया नाक में… लड़की को हुई ऐसी बीमारी, सर्जरी करने वाले डॉक्टर्स के भी छूट गए पसीने

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में 14 साल की लड़की के दिमाग का एक हिस्सा नाक में घुस गया था. उसकी जान बचाने के लिए बीआरडी मेडिकल कॉलेज के ईएनटी विभाग के चिकित्सकों ने जटिल सर्जरी की है. इस सर्जरी के बाद किशोरी की हालत खतरे से बाहर है. इस दुर्लभ बीमारी को जल मैनिंगो इंसीफेलोसील कहते हैं.

5 फरवरी को हुई यह सर्जरी करीब तीन घंटे तक चली, जो सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. आरएन यादव द्वारा की गई. उनके साथ एनेस्थीसिया के प्रोफेसर डॉ. शाहबाज अहमद की टीम मौजूद रही. डॉ. यादव के मुताबिक, सर्जरी के लिए दूरबीन विधि का प्रयोग किया गया। नाक के जरिए सिर के स्कैल्प से जुड़ी हड्डी तक पहुंचे. सर्जरी कर दिमाग के ऊतक (टिशू) को काटकर निकाल दिया गया. इसके बाद हड्डी के सुराख की मरम्मत की गई.

दुर्लभ है बीमारी

किशोरी अत्यंत दुर्लभ बीमारी नेजल मैनिंगो इंसीफेलोसील से जूझ रही है. इससे किशोरी को बार- बार मेनिन्जाइटिस हो जा रहा था. उसके दिमाग में संक्रमण हो जाता और तेज बुखार के साथ झटके आने लगते थे, जिससे वह अचेत हो जाती थी. करीब एक महीने पहले परिवारीजन उसे लेकर बीआरडी मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग पहुंचे, जहां से ईएनटी विभाग रेफर कर दिया.

डॉक्टरों ने की सर्जरी

विभागाध्यक्ष ने बताया कि सर्जरी के लिए सिर के ऊपर की हड्डी को काटकर निकाला जाता है. इसके बाद दिमाग के अतिरिक्त टिशू को काटा जाता है. किशोरी की सर्जरी में पहली बार दूरबीन विधि का प्रयोग किया गया. जिसमें नाक के जरिए टिशू तक पहुंच गया. यहां देखा, गया की नाक को सिर से जोड़ने वाली हड्डी (किनीफार्म प्लेट) में बने सुराख से दिमाग के टिशू की एंट्री हुई. यह नाक की मुख्य हड्डी एथमॉइड का ही एक हिस्सा होता है. यह धीरे-धीरे नाक में विकसित होने लगा.