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ऑनलाइन गेम में जीतते कम-हारते ज्यादा, डेढ़ करोड़ गंवा दिए… फिर बनाया ऐसा प्लान, एप चलाने वाले को किया किडनैप

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से एक युवक को बदमाशों ने किडनैप कर लिया था, जिसे पुलिस ने मथुरा के जंगल से बरामद कर लिया है. पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि वारदात में शामिल दो अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है. इनके अन्य दो साथियों की भी तलाश की जा रही है. पुलिस गिरफ्तार अपराधियों से पूछताछ कर रही है.

जिस युवक को बदमाशों ने किडनैप किया था, उसका नाम प्रवीण है. अपहरण के बाद बदमाशों ने प्रवीण को छोड़ने के लिए उसके परिवार से 50 लाख की फिरौती की मांग की थी. प्रवीण गाजियाबाद के विजयनगर का रहने वाला है. युवक एक यूट्यूबर भी है. जिस यूट्यूबर का अपहरण हुआ था, वह एक गेमिंग एप्लीकेशन को भी मैनेज करता है.

ऑनलाइन गेम में 1.5 करोड़ रुपया हारा

गेमिंग एप के जरिए लोग ऑनलाइन गेम खेलते थे. अधिकतर लोगों का रुपया इस ऑनलाइन गेम में डूब गया था. अपहरणकर्ताओं में से एक आरोपी सुरेंद्र ने इस गेमिंग एप पर डेढ़ करोड़ रुपये गंवा दिए थे, जिन्हें वापस पाने के लिए उसने प्रवीण का अपहरण किया था. इसके लिए उसने अपने दोस्तों की मदद की.

पुलिस को सूचना मिली थी कि नोएडा के बिसरख थाना क्षेत्र में रहने वाले एक बुजुर्ग व्यक्ति ने अपने 35 वर्षीय बेटे प्रवीण सिंह के अपहरण होने की सूचना गाजियाबाद के विजयनगर की पुलिस को दी थी. इस पर पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज किया और आरोपियों की तलाश के लिए अलग-अलग पुलिस की टीमें बनाईं.

दो आरोपी अरेस्ट

पुलिस ने 24 घंटे के अंदर प्रवीण को मथुरा के जंगल से कुशल बरामद कर लिया. साथ ही दो अपहर्ताओं को गिरफ्तार किया है, जबकि इसके बाकी 2 साथी फरार है. पुलिस ने बताया कि सुरेंद्र नाम का आरोपी एक गेमिंग एप के जरिए डेढ़ करोड़ रुपए गंवा बैठा था. इस गेमिंग एप का नाम तिरंगा गेमिंग एप था. इस गेमिंग एप के लगभग 3 लाख सब्सक्राइबर थे, जिसको प्रवीण हैंडल कर रहा था. प्रवीण इस गेमिंग एप का एड इंस्ट्राग्राम पर भी करता था.

आरोपियों ने पुलिस को बताया कि बहुत से लोगों का इस ऐप में मोटा रुपया डूब गया था. नुकसान होने के बाद अपने रुपए की वापसी के लिए उन्होंने तिरंगा गेमिंग एप संचालक प्रवीण के अपहरण का प्लान बनाया.प्लान के मुताबिक राहुल गुप्ता सुरेंद्रमणि, रितेश चौधरी ने प्रवीण सिंह को गाजियाबाद इंडियन ऑयल हाईवे पर जाते वक्त उसकी फॉर्च्यूनर गाड़ी सहित रोक लिया और फिर उसका अपहरण कर मथुरा की तरफ ले गए.

अपहरण कर्ताओं में आरोपी मनीष के खिलाफ गाजियाबाद और नोएडा के थानों में सात मुकदमे दर्ज बताए जा रहे हैं. साथ ही दूसरे आरोपी सुरेंद्र पर भी मथुरा जिले के अलग-अलग थानों में चार आपराधिक मामले दर्ज हैं. जबकि इसके बाकी साथी अभी फरार हैं.

क्या बोले पुलिस अधिकारी?

डीसीपी राजेश कुमार सिंह ने बताया कि नोएडा के बिसरख थाना क्षेत्र के एक बुजुर्ग झगड़ु सिंह ने अपने बेटे प्रवीण सिंह के अपहरण होने की सूचना विजयनगर थाने की पुलिस को दी थी. इसके बाद पुलिस आरोपियों की तलाश में जुट गई थी. डीसीपी ने बताया कि घटना के बाद से कोई भी मोबाइल काम नहीं कर रहा था. लेकिन प्रवीण के हाथ में एक इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस वाली घड़ी बंधी हुई थी, जिससे उसकी लोकेशन मथुरा में ट्रेस हुई.

लोकेशन मथुरा के फरहा थाना क्षेत्र के जंगलों का था. पुलिस वहां पहुंची और प्रवीण को अपहरणकर्ताओं के चंगुल से छुड़ाया. अपहरण करने वाले दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. पकड़े गए आरोपियों के नाम मनीष और सुरेंद्र हैं.

प्रवीण के अपहरण की साजिश रचने वाले आरोपियों ने एक दिन पहले गाजियाबाद में आकर एक होटल में कमरा लेकर रात गुजारी थी. अपहरण की योजना के मुताबिक, अगले दिन 5 सितंबर को आरोपी सुरेंद्र की कार से प्रवीण का पीछा किया गया. फिर सुरेंद्र की कार से प्रवीण की गाड़ी को टक्कर मार दी. टक्कर लगने के बाद प्रवीण जैसे ही गाड़ी से नीचे उतरा. अपहरणकर्ताओं ने उसका अपहरण कर लिया और फिर उसे गाड़ी में डालकर मथुरा के जंगल में ले गए. यहां पहले उसके साथ जमकर मारपीट की गई और उसके परिवार वालों से 50 लाख की फिरौती मांगी गई.