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Indian Navy Power: भारतीय नौसेना में एक साथ शामिल हुए INS दूनागिरी, INS अग्रे और INS संशोधक; पीएम मोदी ने राष्ट्र को समर्पित किए

कोलकाता: भारतीय नौसेना ने इस हफ्ते एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। कोलकाता में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीन आधुनिक और स्वदेशी युद्धपोतों—INS दूनागिरी, INS अग्रे और INS संशोधक—को भारतीय नौसेना में शामिल किया। यह नौसेना के इतिहास में एक दुर्लभ अवसर है जब तीन बड़े युद्धपोत एक साथ देश की सेवा में समर्पित किए गए हैं। ये तीनों पोत मिलकर भारतीय समुद्री सीमाओं के लिए एक अभेद्य सुरक्षा कवच तैयार करेंगे।

⚔️ INS दूनागिरी — ‘दुश्मन के जहाजों का काल’

यह एक स्टील्थ गाइडेड मिसाइल फ्रिगेट है, जिसे रडार पर पकड़ना दुश्मनों के लिए बेहद मुश्किल है। इसकी प्रमुख विशेषताएं इस प्रकार हैं:

  • घातक प्रहार: इसमें ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलें तैनात हैं, जो दुश्मन के रक्षा तंत्र को भेदने में सक्षम हैं।

  • हवाई सुरक्षा: सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें (SAM) इसे किसी भी हवाई हमले से सुरक्षित रखती हैं।

  • तकनीकी दक्षता: इसमें CODOG सिस्टम लगा है, जो इसे लंबी दूरी की यात्रा के साथ-साथ जरूरत पड़ने पर अचानक तेज रफ्तार पकड़ने की शक्ति देता है।

🌊 INS अग्रे — ‘पनडुब्बियों का साइलेंट किलर’

यह एंटी-सबमरीन शैलो वाटर क्राफ्ट (ASW-SWC) है, जिसे तटीय इलाकों में दुश्मन की पनडुब्बियों को ढूंढने और खत्म करने के लिए बनाया गया है।

  • छिपे दुश्मनों का सफाया: यह आधुनिक सोनार सिस्टम से लैस है, जो दुश्मन की पनडुब्बी की हल्की सी हलचल को भी पकड़ लेता है।

  • आक्रामक क्षमता: इसमें एंटी-सबमरीन रॉकेट लॉन्चर और टॉरपीडो लगे हैं, जो दुश्मन की पनडुब्बियों को गहरे पानी में ही नेस्तनाबूद कर सकते हैं।

👁️ INS संशोधक — ‘समंदर की तीसरी आंख’

भले ही यह सीधे हमले वाला जहाज नहीं है, लेकिन युद्ध के दौरान यह नौसेना की सबसे बड़ी ताकत साबित होगा।

  • समुद्री मैपिंग: यह पानी के नीचे का ‘गूगल मैप’ तैयार करता है, जिससे युद्धपोतों और पनडुब्बियों के लिए सुरक्षित रास्ते सुनिश्चित होते हैं।

  • रोबोटिक ड्रोन तकनीक: यह AUVs और ROVs से लैस है, जो समुद्र की तलहटी की हाई-रिज़ॉल्यूशन मैपिंग करते हैं। इसके सटीक चार्ट्स की मदद से भारतीय नौसेना बिना लोकेशन लीक किए दुश्मन के इलाके में सर्जिकल स्ट्राइक करने में सक्षम होती है।

🌐 भारतीय समुद्री सीमाओं के लिए गेम-चेंजर

इन तीनों युद्धपोतों के एक साथ आने से भारतीय नौसेना की सरफेस वारफेयर, पनडुब्बी रोधी अभियानों और समुद्री सर्वेक्षण की क्षमता कई गुना बढ़ गई है। हिंद महासागर में चीन और अन्य देशों की बढ़ती चुनौतियों के बीच, यह कदम भारत को समुद्री शक्ति के रूप में और अधिक आक्रामक और सुरक्षित बनाता है। यह स्वदेशी तकनीक का एक शानदार उदाहरण है जो ‘आत्मनिर्भर भारत’ की संकल्पना को मजबूत करता है।