ब्रेकिंग
Harshit Rana Returns: चोट से उबरकर हर्षित राणा की धमाकेदार वापसी; चेन्नई वनडे में अफगानिस्तान के खिल... Karnataka MLC Election Results: डी.के. शिवकुमार की पहली बड़ी जीत; विधान परिषद चुनाव में कांग्रेस का द... Andhra Pradesh News: चित्तूर में मेले के दौरान रोकी गई भैंस की बलि; प्रशासन और पुलिस की सतर्कता से ब... PM Modi G-7 Summit 2026: फ्रांस और स्लोवाकिया की सफल यात्रा के बाद स्वदेश लौटे पीएम मोदी; मजबूत हुई ... Rahul Gandhi Birthday: राहुल गांधी के 56वें जन्मदिन पर पीएम मोदी ने दी बधाई; जानें उनके राजनीतिक सफर... Jaisamand Lake Crisis: एशिया की दूसरी सबसे बड़ी झील में मत्स्य उत्पादन ठप; 2500 परिवारों की रोजी-रोटी... Dimple Chaudhary Controversy: फैन ने मांगी फोटो तो हरियाणवी डांसर ने दी गालियां, बीटा-2 क्षेत्र का व... Delhi Monsoon Update: दिल्ली में मानसून का इंतजार बढ़ेगा; जुलाई के पहले हफ्ते तक हो सकती है दस्तक, जा... Delayed Monsoon in Delhi: इस बार समय पर नहीं आएगा मानसून? मौसम विभाग ने गर्मी से राहत पर दिया बड़ा अप... Ram Mandir Donation Scam: करोड़ों के दान गबन का खुलासा; अयोध्या में दानपात्रों से नकदी चोरी का पूरा '...

सर्कुलेशन से चल रही दिल्ली कैबिनेट! इस साल हुई केवल 6 फिजिकल मीटिंग

दिल्ली के ओल्ड राजेन्द्र नगर स्थित आईएएस कोचिंग के बेसमेंट में पानी घुसने से तीन छात्रों की मौत का मामला अदालत में पहुंचा. दिल्ली हाई कोर्ट ने पूछा कि पिछले छह महीने में दिल्ली में कितनी कैबिनेट की बैठकें हुई हैं और उसमें से कौन-कौन से निर्णय लिए गए हैं. इतना ही नहीं आने वाले दिनों में कैबिनेट की बैठक कब होने वाली है?

मिली जानकारी के मुताबिक दिल्ली सरकार में अधिकतर कैबिनेट सर्कुलर से हुई, जबकि फिजिकल कैबिनेट मीटिंग साल में केवल पांच हुई.

आंकड़े बताते हैं कि साल 2022 में सर्कुलेशन से 21 में से 17 निर्णय हुए, जबकि पांच फिजिकल हुआ. इसी तरह साल 2023 की बात करें तो 29 कैबिनेट की बैठकें हुई, जिसमें कि केवल पांच फिजिकल बैठक हुई. साल 2024 की बात करें तो 31.07.2024 तक सर्कुलेशन माध्यम से 15 और फिजिकल माध्यम से केवल 6 बैठकें हुई हैं.

क्या होता है कैबिनेट बैठक में?

कैबिनेट बैठकों में विस्तार से विचार-विमर्श होता है और विभाग द्वारा प्रस्तुतिकरण के साथ प्रत्येक मंत्री के विचारों को लिया जाता है. संबंधित विभाग कैबिनेट और उसके बाद प्रत्येक प्रस्तुति के माध्यम से प्रस्ताव का संचालन करता है. कैबिनेट द्वारा अंतिम निर्णय देने से पहले इस पर विचार-विमर्श किया जाता है. निर्णय से पहले कैबिनेट की बैठक में पेश किए गए प्रस्ताव पर चर्चा होती है और फिर उस प्रस्ताव को कैबिनेट की मीटिंग में मुहर लगाई जाती है.

सर्कुलेशन माध्यम से केवल आपातकालीन निर्णय!

दिल्ली सरकार के पूर्व राजनयिकों के अनुसार आमतौर पर केवल आपातकालीन स्थिति में ही मंत्रिमंडल के निर्णय प्रचलन द्वारा लिये जाते हैं. इसमें कैबिनेट के फैसले ऊपर से दिए जा रहे हैं और कोई विचार-विमर्श नहीं होता है.