रांचीः जेल में बंद कैदियों के हुनर को बाजार तक पहुंचाने और जेल में निर्मित उत्पादों की बिक्री बढ़ाने के उद्देश्य से जेल प्रशासन ने पहल तेज कर दी है। इसी कड़ी में जेल आईजी सुदर्शन मंडल ने गुरुवार को रांची के होटवार स्थित बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार स्थित विभिन्न लघु उद्योगों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जेल परिसर में संचालित विभिन्न फैक्ट्रियों का जायजा लिया और उत्पादन की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने जेल में तैयार होने वाले उत्पादों की गुणवत्ता बेहतर बनाने के साथ-साथ उनकी व्यापक स्तर पर मार्केटिंग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
निरीक्षण के दौरान जेल आईजी ने कहा कि जेल में बनने वाले उत्पादों की पहुंच अभी कई स्थानों तक नहीं है। ऐसे में इन उत्पादों को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए प्रभावी मार्केटिंग रणनीति तैयार करने की जरूरत है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिला प्रशासन और झरेडा सहित संबंधित संस्थाओं से संपर्क स्थापित कर उत्पादों के प्रचार-प्रसार की संभावनाएं तलाशें, ताकि इनकी बाजार में पहचान बने और मांग में वृद्धि हो सके।
🎨 जेल के बाहरी हिस्से का भी होगा सौंदर्यीकरण
निरीक्षण के दौरान जेल परिसर के बाहरी स्वरूप को बेहतर बनाने पर भी चर्चा हुई। जेल आईजी ने बाउंड्रीवॉल की स्थिति में सुधार करने और बाहरी हिस्से के सौंदर्यीकरण पर ध्यान देने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जेल के बाहरी हिस्से की पेंटिंग, डिजाइन और पहचान को बेहतर बनाने की जरूरत है। इसके लिए तैयार मॉडल के अनुरूप आवश्यक सुधार किए जाएं, ताकि परिसर का बाहरी स्वरूप अधिक व्यवस्थित और आकर्षक दिखे।
🌳 जेल परिसर में किया पौधरोपण
निरीक्षण के दौरान जेल आईजी सुदर्शन मंडल ने जेल परिसर में पौधरोपण भी किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जेल आईजी ने बताया कि इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य जेल में संचालित उत्पादन इकाइयों की कार्यप्रणाली की समीक्षा करना, उत्पादों की गुणवत्ता और बिक्री बढ़ाने के उपाय तलाशना व जेल परिसर की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाना है।
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