LK Advani Hospitalized: बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी अपोलो अस्पताल में भर्ती, रूटीन चेकअप के लिए पल्मोनरी वार्ड में कराया गया एडमिट
बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी को रूटीन चेकअप के लिए शुक्रवार शाम को नई दिल्ली के अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया. उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है. 98 वर्षीय आडवाणी को शाम करीब 7.30 बजे अस्पताल लाया गया. उनका पल्मोनरी विभाग में इलाज चल रहा है. बीजेपी के इस दिग्गज नेता को उम्र संबंधी बीमारियों के कारण इसी साल मई में भी उसी अस्पताल में भर्ती कराया गया था और कुछ दिनों बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई थी.
लालकृष्ण आडवाणी के अस्पताल में भर्ती होने की यह घटना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 7 अक्टूबर को नई दिल्ली स्थित आडवाणी के आवास पर जाकर उनसे मुलाकात करने और सरकार प्रमुख के रूप में 25 साल पूरे होने पर उनका आशीर्वाद लेने के ठीक एक हफ्ते बाद हुई है.
🏛️ अटल सरकार में संभाल चुके हैं गृह मंत्री और उप प्रधानमंत्री की जिम्मेदारी
बीजेपी के इस दिग्गज नेता ने तीन कार्यकालों 1986 से 1990, 1993 से 1998 और 2004 से 2005 के दौरान पार्टी अध्यक्ष के रूप में काम किया है. उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार में 1998 से 2004 तक केंद्रीय गृह मंत्री और 2002 से 2004 तक उप प्रधानमंत्री के रूप में भी काम किया है.
🎖️ भारत रत्न से सम्मानित हैं लालकृष्ण आडवाणी, आरएसएस के आजीवन सदस्य
साल 2024 में उन्हें राष्ट्र के प्रति उनके अमूल्य योगदान के लिए भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किया गया था. वह भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सह-संस्थापकों में से एक हैं और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ यानी आरएसएस (RSS) के आजीवन सदस्य हैं. वह लोकसभा में सबसे लंबे समय तक विपक्ष के नेता और बीजेपी के सबसे लंबे समय तक अध्यक्ष भी रहे हैं.
📜 1973 में बने थे जनसंघ के अध्यक्ष, लंबा रहा है राजनीतिक सफर
साल 1951 में आडवाणी श्यामा प्रसाद मुखर्जी द्वारा स्थापित भारतीय जनसंघ पार्टी के सदस्य बने थे और संसदीय मामलों के पर्यवेक्षक, महासचिव और दिल्ली इकाई के अध्यक्ष सहित विभिन्न भूमिकाएं निभाईं. उसके बाद 1967 में वह दिल्ली महानगर परिषद के पहले अध्यक्ष चुने गए और 1970 तक आरएसएस की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य के रूप में काम करते रहे. फिर 1970 में आडवाणी पहली बार राज्यसभा के सदस्य बने और 1989 तक चार कार्यकाल तक इस पद पर रहे. वह 1973 में जनसंघ के अध्यक्ष बने थे.