ब्रेकिंग
LK Advani Hospitalized: बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी अपोलो अस्पताल में भर्ती, रूटीन चेकअप क... Jailer 2 Box Office Collection Day 2: रजनीकांत की फिल्म 'जेलर 2' का बॉक्स ऑफिस पर तूफान, दो दिनों मे... India GDP Growth Rate 2026: IMF और विश्व बैंक के बाद सांख्यिकी मंत्रालय ने जताई उम्मीद, अगले 20 साल ... Always Keep Phone WiFi Off: घर से बाहर निकलते ही क्यों बंद कर देना चाहिए फोन का वाई-फाई? जानिए इसके ... Sharad Purnima 2026 Date: कब है शरद पूर्णिमा 2026? जानिए शुभ तिथि और इसका धार्मिक महत्व Delhi Police Neha Bora Case: संसद मार्ग थाने के बाहर पहुंचा लेफ्ट नेताओं और कार्यकर्ताओं का प्रतिनिध... Begusarai Ganga Erosion News: बेगूसराय में गंगा नदी के भीषण कटाव से 20 आशियाने नदी में समाए, लोगों प... Kupwara Infiltration Bid Foiled: जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा में घुसपैठ की बड़ी कोशिश नाकाम, केरन सेक्ट... Delhi High Court Voter List Case: मतदाता सूची से नाम हटने पर दिल्ली हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, फॉर्म-6 ... Rekha Arya Domestic Violence Case: उत्तराखंड की मंत्री रेखा आर्या के पारिवारिक विवाद में एसआईटी गठित...

Donald Trump Russia Sanctions: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा फैसला, रूस से जुड़े प्रतिबंधों और टैरिफ में दी बड़ी छूट

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस से जुड़े कई प्रतिबंधों, पाबंदियों और भारी-भरकम टैरिफ में बड़ी छूट देने का एक अहम फैसला किया है। राष्ट्रपति ट्रंप ने हाल ही में एक आदेश जारी कर इस बात की जानकारी दी है। ये सभी प्रतिबंध और शुल्क मूल रूप से उस कानून के तहत लागू होने वाले थे, जिस पर ट्रंप ने खुद पिछले महीने ही अपने हस्ताक्षर किए थे। हालांकि, इन नियमों के पूरी तरह प्रभावी होने से कुछ दिन पहले ही ट्रंप ने कई प्रावधानों में छूट दे दी है। ट्रंप का यह निर्णय ऐसे समय में सामने आया है, जब अंतरराष्ट्रीय मंच पर रूस को लेकर उनका रुख काफी नरम होता हुआ दिखाई दे रहा है, जबकि दूसरी ओर वे यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की की सार्वजनिक रूप से आलोचना करते नजर आ रहे हैं। इतना ही नहीं, ट्रंप ने यहाँ तक कह दिया है कि यूक्रेन को अब एक नया नेता चुनने की जरूरत है।

🛢️ रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर लग सकता था 100% तक का भारी टैरिफ

इस कड़े कानून को अमेरिकी संसद में आगे बढ़ाने वाले प्रमुख और जाने-माने नेता सीनेटर लिंडसे ग्राहम थे, जिनका अब निधन हो चुका है। राष्ट्रपति ट्रंप ने सितंबर के महीने में ‘लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट ऑफ 2026’ नामक कानून पर हस्ताक्षर किए थे। इस कानून के तहत मुख्य रूप से रूस से कच्चा तेल और प्राकृतिक गैस खरीदने वाले देशों पर बड़ा आर्थिक दबाव बनाने की पूरी तैयारी थी। इसके प्रावधानों के मुताबिक, रूस से तेल या गैस खरीदने वाले दुनिया के पांच सबसे बड़े देशों से अमेरिका में आयात होने वाले सामान पर मात्र 30 दिनों के भीतर 100% तक का भारी टैरिफ लगाया जा सकता था।

यह कड़ा नियम उन देशों पर भी लागू होने की संभावना थी, जो इस कानून के बनने के 30 दिन बाद भी जानबूझकर रूस से ऊर्जा संसाधन खरीदते रहते। इसके अतिरिक्त, रूस को अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों से बचने में मदद करने वाले पाँच प्रमुख देशों पर भी इस कार्रवाई की गाज गिर सकती थी।

🇮🇳 भारत समेत दुनिया के कई देशों ने जताई थी गहरी चिंता

चूंकि भारत दुनिया में रूस से सबसे बड़े पैमाने पर कच्चा तेल खरीदने वाले प्रमुख देशों में शुमार है, इसलिए भारत और चीन सहित कई अन्य विकासशील देशों ने इस अमेरिकी कानून को लेकर अपनी गहरी चिंता जाहिर की थी। यदि इन देशों से अमेरिका आने वाले निर्यात पर 100% तक का भारी-भरकम शुल्क लगा दिया जाता, तो अमेरिकी बाजार में उनके व्यापार और कारोबार पर बेहद प्रतिकूल असर पड़ सकता था। वर्तमान में रूस से सबसे ज्यादा तेल आयात करने वाले शीर्ष देशों में चीन, भारत, अजरबैजान, हंगरी और स्लोवाकिया के नाम शामिल हैं।

🛡️ ट्रंप ने दिया अमेरिका के राष्ट्रीय हित का हवाला

व्हाइट हाउस की तरफ से जारी आधिकारिक आदेश में राष्ट्रपति ट्रंप ने स्पष्ट किया कि उन्होंने अमेरिकी संसद को सूचित कर दिया है कि वर्तमान परिस्थिति में इस तरह की छूट देना सीधे तौर पर अमेरिका के राष्ट्रीय हित में है। इस प्रकार, ट्रंप ने इस नए कानून के तहत लागू होने वाले कई सख्त प्रतिबंधों और शुल्कों को प्रभावी होने से पहले ही राहत के दायरे में ला दिया है। हालांकि, व्हाइट हाउस द्वारा जारी शुरुआती बयानों में यह पूरी तरह स्पष्ट नहीं किया गया है कि किन-किन विशिष्ट प्रतिबंधों और शुल्कों को यह छूट प्रदान की गई है।