ब्रेकिंग
Gwalior News: ग्वालियर में लिफ्ट में फंसे मध्य प्रदेश के पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा, 10-15 म... Madhya Pradesh Local News: छिंदवाड़ा को सूखाग्रस्त घोषित करने और मुआवजे की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट प... MP Education Department Update: वर्ष 2001 से पहले नियुक्त शिक्षाकर्मियों को बड़ा फायदा, हाईकोर्ट ने ... Kanker Patwari Strike: कांकेर में पटवारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल से धान खरीदी और फसल सर्वे का काम... Bilaspur Political News: बिलासपुर में कांग्रेस का उग्र प्रदर्शन, कांग्रेस भवन में हंगामे को लेकर पुल... Kawardha Police Action: सरेआम धारदार हथियार लेकर घूम रहे थे बदमाश, सिटी कोतवाली पुलिस ने दबोचा Chhattisgarh News: कोरबा में पटवारी संघ ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, 13 अक्टूबर से उग्र आंदोलन का ऐला... Latehar News: चंदवा के ब्रजमोहन राम बने ओडिशा के राज्यपाल, झारखंड और पलामू में जश्न का माहौल SIR Voter List Jharkhand: 30 नवंबर तक होगा अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन, एक दस्तावेज देकर दर्ज कराएं... Jharkhand Mishap News: छत्तीसगढ़ से जमशेदपुर जा रहे परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़, हाटगम्हरिया में द...

Durg District Hospital News: एक्स-रे फिल्म खत्म होने से मरीजों की बढ़ी मुश्किलें, रोजाना 300 से 400 लोग हो रहे परेशान

छत्तीसगढ़ के संभाग स्तरीय और प्रदेश में नंबर वन का तमगा हासिल करने वाले दुर्ग जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं पर इन दिनों गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। अस्पताल में पिछले कई दिनों से एक्स-रे फिल्म का स्टॉक पूरी तरह खत्म हो चुका है, जिसके कारण रोजाना करीब 300 से 400 मरीजों को बिना एक्स-रे कराए ही बैरंग वापस लौटना पड़ रहा है। दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों और गांवों से बेहतर इलाज की उम्मीद लेकर आने वाले गरीब मरीजों के सामने अब मजबूरीवश निजी पैथोलॉजी सेंटर्स और डायग्नोस्टिक सेंटर में महंगे दामों पर एक्स-रे कराने का आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।

💸 निजी सेंटर्स में महंगा एक्स-रे कराने की मजबूरी: कागजी प्रक्रिया और एनओसी के बीच पिस रहे मरीज

अस्पताल प्रबंधन के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, इस संभाग स्तरीय अस्पताल में सालाना करीब डेढ़ से दो लाख एक्स-रे किए जाते हैं। इसके बावजूद आवश्यक फिल्मों का स्टॉक खत्म होना अस्पताल प्रशासन की लचर तैयारी को उजागर करता है। उदाहरण के तौर पर, दुर्ग निवासी कलीम कुरैशी अपने 8 साल के बेटे के गले में दर्द की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंचे थे, जहां डॉक्टर ने एक्स-रे कराने की सलाह दी, लेकिन एक्स-रे कक्ष में फिल्म न होने का हवाला देकर उन्हें वापस लौटा दिया गया। इस अव्यवस्था के खिलाफ ऑल इंडिया फेडरेशन ने दुर्ग कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर तुरंत व्यवस्था सुधारने की मांग की है।

🩺 प्रशासन का पक्ष: मांग भेजी गई है, जल्द दूर होगी समस्या

मामले में सिविल सर्जन डॉ. आशीष मिंज ने सफाई देते हुए कहा है कि एक्स-रे फिल्मों की आपूर्ति के लिए उच्च स्तर पर मांग भेज दी गई है। उन्होंने स्वीकार किया कि अस्पताल में बड़ी संख्या में एक्सीडेंटल और गंभीर मरीज पहुंचते हैं, लेकिन उच्च स्तर से एनओसी (NOC) नहीं मिलने के कारण नई टेंडर प्रक्रिया अटकी हुई है। इसके अलावा, कई बार डॉक्टरों द्वारा अनावश्यक एक्स-रे लिखे जाने से भी खपत तेजी से बढ़ जाती है। बहरहाल, कागजी कार्रवाई और प्रशासनिक देरी के बीच सबसे ज्यादा मार उस गरीब मरीज को झेलनी पड़ रही है, जिसके लिए निजी जांच का खर्च उठाना बेहद मुश्किल साबित हो रहा है।