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Tula Sankranti 2026 Date: जानिए कब है तुला संक्रांति, सही तिथि और सूर्य गोचर का समय

ज्योतिष शास्त्र में सूर्य देव का राशि परिवर्तन बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। जब सूर्य एक राशि से निकलकर दूसरी राशि में प्रवेश करते हैं, तो उस अवधि को संक्रांति कहा जाता है। साल भर में कुल 12 संक्रांतियां होती हैं, और इनमें तुला संक्रांति का विशेष स्थान है जब सूर्य कन्या राशि से निकलकर तुला राशि में प्रवेश करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस पावन दिन सूर्य देव की उपासना, पवित्र नदियों में स्नान और जरूरतमंदों को दान-पुण्य करने का विशेष महत्व होता है। साल 2026 में तुला संक्रांति शनिवार, 17 अक्टूबर को मनाई जाएगी। इस दिन शाम के समय सूर्य देव तुला राशि में गोचर करेंगे।

⏰ तुला संक्रांति 2026: पुण्य काल और महा पुण्य काल का शुभ मुहूर्त

पंचांग के अनुसार, साल 2026 में 17 अक्टूबर को शाम 7 बजकर 57 मिनट पर सूर्य देव तुला राशि में प्रवेश करेंगे। संक्रांति के इस विशेष अवसर पर स्नान और दान के लिए कुछ खास मुहूर्त बेहद शुभ माने गए हैं:

  • पुण्य काल मुहूर्त: दोपहर 12 बजकर 6 मिनट से शाम 5 बजकर 50 मिनट तक रहेगा (कुल अवधि लगभग 5 घंटे 43 मिनट)।

  • महा पुण्य काल मुहूर्त: दोपहर 3 बजकर 55 मिनट से शाम 5 बजकर 50 मिनट तक रहेगा (कुल अवधि लगभग 1 घंटा 54 मिनट)।

🤲 स्नान, दान और सूर्य पूजा का महत्व

हिंदू धर्म में संक्रांति के पर्व को दान-पुण्य से जोड़कर देखा जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन पवित्र नदी में स्नान करने या मानसिक रूप से तीर्थों का स्मरण करने तथा जरूरतमंदों की सहायता करने से असीम पुण्य की प्राप्ति होती है।

  • पूजा विधि: इस दिन सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें और तांबे के पात्र से सूर्य देव को जल अर्पित करें। पूजा के दौरान सूर्य देव का स्मरण करें और परिवार की सुख-समृद्धि की प्रार्थना करें।

  • दान का महत्व: अपनी सामर्थ्य के अनुसार चावल, गेहूं, दाल, फल, वस्त्र या भोजन का दान करें। दान करते समय दिखावे के बजाय सच्ची भावना से जरूरतमंद व्यक्ति की मदद करना ही सबसे उत्तम माना जाता है।