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Congress Strategy MP CG: कनेक्ट सेंटर से होगी पदाधिकारियों के काम की समीक्षा, छत्तीसगढ़ में कांग्रेस ने तेज की राजनीतिक गतिविधियां

रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित कांग्रेस प्रदेश कार्यालय राजीव भवन में कांग्रेस प्रदेश कार्यकारिणी की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में संगठन की दशा और आने वाले दिनों की राजनीतिक रणनीति पर विस्तार से मंथन किया गया। प्रदेश प्रभारी सुखदेव भगत की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में पीसीसी (PCC) अध्यक्ष दीपक बैज, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। बैठक के बाद प्रभारी भगत के सख्त तेवर और उनके बयानों से साफ संकेत मिल गए हैं कि पार्टी अब अनुशासन के साथ-साथ जनता से जुड़े मुद्दों पर आक्रामक रूप से सक्रिय होने जा रही है।

⚡ विचारों की पूरी आजादी, लेकिन अनुशासनहीनता पर होगी सख्त कार्रवाई

प्रदेश प्रभारी सुखदेव भगत ने संगठन के भीतर अनुशासन को लेकर बहुत ही स्पष्ट संदेश दिया। उन्होंने दो टूक कहा कि पार्टी के भीतर विचारों की भिन्नता और अपने सुझाव रखना पूरी तरह स्वीकार्य है, लेकिन किसी भी स्तर पर अनुशासनहीनता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में सीधे तौर पर संगठन स्तर पर कड़ी कार्रवाई की बात भी उन्होंने कही। नए प्रभारी के इस रुख को संगठन में जिम्मेदारी और जवाबदेही तय करने की दिशा में एक बहुत ही अहम संदेश के तौर पर देखा जा रहा है।

💡 स्मार्ट मीटर और बढ़े हुए बिजली बिल पर सरकार को घेरने की तैयारी

बैठक के दौरान स्मार्ट मीटर और लगातार बढ़ रहे बिजली बिल का मुद्दा बेहद प्रमुखता से उठाया गया। सुखदेव भगत ने स्मार्ट मीटर के जरिए आ रहे महंगे बिजली बिलों को लेकर राज्य सरकार पर तीखे सवाल उठाए। कांग्रेस ने इसी मुद्दे को आधार बनाते हुए आने वाले दिनों में प्रदेश के अलग-अलग जिलों में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन और आंदोलन करने की पुख्ता रणनीति पर चर्चा की है। माना जा रहा है कि आने वाले समय में स्मार्ट मीटर का यह मुद्दा कांग्रेस के सड़क से लेकर सदन तक के आंदोलनों का मुख्य आधार बनेगा।

🗳️ SIR और ‘वोट चोरी’ के गंभीर मुद्दों पर प्रदेशभर में होगा उग्र प्रदर्शन

बैठक में SIR और कथित वोट चोरी के गंभीर मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। प्रदेश प्रभारी ने दोटूक शब्दों में कहा कि कांग्रेस इन जनविरोधी विषयों को लेकर चुप नहीं बैठेगी और प्रदेशभर में जोरदार प्रदर्शन किए जाएंगे। इसके अलावा, जल-जंगल-जमीन और आम जनता के अन्य सरोकारों से जुड़े स्थानीय मुद्दों को भी पार्टी की आगामी राजनीतिक रणनीति में प्रमुखता से शामिल किया गया है।

📊 कनेक्ट सेंटर के माध्यम से होगी सभी पदाधिकारियों के कामकाज की समीक्षा

संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक मजबूत करने के लिए अब पदाधिकारियों की जिम्मेदारी और उनके कामकाज की नियमित समीक्षा की जाएगी। इसके लिए ‘कनेक्ट सेंटर’ के जरिए संगठन के सभी पदाधिकारियों के कार्य और प्रदर्शन का सटीक आकलन किए जाने की बात कही गई है। यानी अब पार्टी में सिर्फ कागजी जिम्मेदारी देना ही नहीं, बल्कि उस जिम्मेदारी के मुताबिक धरातल पर किए गए काम की गुणवत्ता और परिणाम की समीक्षा पर भी सबसे ज्यादा जोर रहेगा।

🎯 संगठन और आंदोलन—दोनों मोर्चों पर एक साथ फोकस

राजीव भवन की इस मैराथन बैठक में कांग्रेस ने एक तरफ जहां अपने अंदरूनी संगठन को चुस्त-दुरुस्त करने और पदाधिकारियों की जवाबदेही तय करने पर पूरा जोर दिया, वहीं दूसरी तरफ स्मार्ट मीटर, बिजली बिल, SIR जैसे तमाम बड़े जन मुद्दों को लेकर आक्रामक आंदोलन की पूरी रूपरेखा भी तैयार कर ली है। साफ है कि नए प्रदेश प्रभारी के कड़े तेवरों के साथ अब कांग्रेस संगठनात्मक अनुशासन और जमीनी सक्रियता—इन दोनों ही मोर्चों पर मजबूती के साथ आगे बढ़ने की तैयारी में जुट गई है।