Chhattisgarh Naxal Update 2026: सुरक्षा बलों की सर्चिंग में खुलासा, जंगल के अंदर प्रिंटिंग मशीन के जरिए पर्चे छापते थे नक्सली
छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित कांकेर जिले में सुरक्षा बलों को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। एंटी नक्सल और डिमाइनिंग ऑपरेशन के तहत सर्चिंग पर निकली सीमा सुरक्षा बल (BSF 94वीं बटालियन) के जवानों ने कांकेर-गढ़चिरौली (महाराष्ट्र) सीमा से लगे ग्राम दागुनटोला-पुसगट्टा के बीच घने जंगल और पहाड़ी इलाके में नक्सलियों के एक बड़े डंप का पर्दाफाश किया है। सुरक्षा बलों की इस त्वरित कार्रवाई से क्षेत्र में सक्रिय माओवादियों के मंसूबों को एक बार फिर तगड़ा झटका लगा है।
🖨️ छोटेबेठिया इलाके में पहाड़ की खोह से मिले हथियार और 2 प्रिंटर, पर्चे छापने में होता था इस्तेमाल
पहाड़ की एक प्राकृतिक खोह में छिपाकर रखे गए इस नक्सली डंप से जवानों ने 2 बारह बोर की राइफल और कई जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। सबसे खास बात यह है कि हथियारों के साथ-साथ मौके से दो प्रिंटर भी जप्त किए गए हैं, जिससे इस बात का खुलासा होता है कि नक्सली इस प्रिंटिंग मशीन का इस्तेमाल जंगल के भीतर अपने नापाक पर्चे और साहित्य छापने के लिए करते थे। इस पूरे मामले की पुष्टि करते हुए कांकेर के पुलिस अधीक्षक (SP) निखिल राखेचा ने बताया कि सर्चिंग पार्टी को मौके से 12 बोर की बंदूक, 11 जिंदा कारतूस और 2 प्रिंटर सुरक्षित मिले हैं। जवान माओवाद उन्मूलन अभियान के तहत लगातार इन दुर्गम इलाकों में कॉम्बिंग गश्त कर रहे हैं।
🔍 छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में लगातार मिल रहे नक्सली डंप, सुरक्षा बलों की बड़ी कार्रवाई जारी
पिछले कुछ समय में राज्य के अलग-अलग हिस्सों में सुरक्षा बलों ने नक्सलियों के कई ठिकानों को ध्वस्त किया है:
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15 जुलाई 2026: कांकेर-नारायणपुर सीमा पर टिफिन आईईडी, पाइप बम और बीजीएल सेल बरामद कर बीडीएस टीम ने उन्हें मौके पर ही नष्ट किया।
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7 सितंबर 2026: सुकमा के चिंतलनार क्षेत्र के चिन्नाबोड़केल जंगल से भारी मात्रा में विस्फोटक, हथियार और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद हुए।
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16 और 20 सितंबर 2026: भैरमगढ़ और फरसेगढ़ के जंगलों में एके-47, .315 बोर राइफल, जिलेटिन रॉड और भारी मात्रा में जिंदा कारतूस पकड़े गए।
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1 और 10 सितंबर 2026: मिरतुर और भोपालपटनम के जंगलों में डेटोनेटर, ग्रेनेड, देशी कट्टा और बीजीएल लॉन्चर बरामद किए गए।