ब्रेकिंग
Bhadrapad Purnima 2026: कमजोर चंद्रमा के संकेत और भाद्रपद पूर्णिमा पर चंद्रमा को मजबूत करने के अचूक ... World Lung Day Health Tips: फेफड़ों को रखना है स्वस्थ तो एसी में बैठते वक्त इन बातों का रखें विशेष ध... PM Modi Memento Auction: पीएम मोदी को मिले उपहारों की नीलामी पर सुहेल सेठ का लेख, कहा- यह सेवा और त्... Bihar Crime News: जमुई और समस्तीपुर के बाद बांका में नाबालिग से छेड़छाड़, तेजस्वी यादव ने सरकार को घ... जमुई नाबालिग छात्रा से बदसलूकी मामला: दो महिला अधिकारियों को कमान, पीड़िता को जल्द न्याय दिलाने की त... भारत और वेस्टइंडीज के बीच 1st ODI: विराट-रोहित की मैदान पर वापसी, फैंस में भारी उत्साह 2026 बॉक्स ऑफिस का चौंकाने वाला सच: बड़े बजट और स्टारडम के बावजूद क्यों लड़खड़ाई बड़ी फिल्में? Iran Supreme Leader Health Rumors: मुज्तबा खामेनेई के स्वास्थ्य पर ईरान के राष्ट्रपति का बड़ा बयान, ... UPI New Rules 2026: 15 अक्टूबर से लागू होगा नया MDR सिस्टम, जानिए किन ट्रांजैक्शन पर लगेगा शुल्क और ... गूगल और यूट्यूब फ्री हैं तो फिर कैसे होती है अरबों की कमाई? जानिए गूगल का बिजनेस मॉडल

CEC Gyanesh Kumar Row: मुख्य चुनाव आयुक्त के बचाव में उतरी बीजेपी, सामिक भट्टाचार्य बोले- मिलना चाहिए ‘पद्म भूषण’

नई दिल्ली/कोलकाता: मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जहां एक तरफ कांग्रेस समेत पूरा विपक्ष देशव्यापी विरोध-प्रदर्शन कर रहा है और उनके इस्तीफे पर अड़ा है, वहीं भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) उनके समर्थन में पूरी मजबूती से उतर आई है। पश्चिम बंगाल बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष सामिक भट्टाचार्य ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी खुद राहुल गांधी के बयानों को गंभीरता से नहीं लेती है और उनकी बातों पर ध्यान नहीं देती।

सामिक भट्टाचार्य ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता का बचाव करते हुए कहा कि ज्ञानेश कुमार ने पश्चिम बंगाल में जिस तरह बिना किसी खून-खराबे और हिंसा के शांतिपूर्ण मतदान संपन्न कराया, उसके लिए वे कम से कम ‘पद्म भूषण’ सम्मान के हकदार हैं।

🕊️ बंगाल में शांतिपूर्ण मतदान का दावा: वोटर लिस्ट से घुसपैठियों के नाम हटाने की सराहना

बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष के प्रमुख तर्क:

  • हिंसा मुक्त चुनाव: भट्टाचार्य ने कहा कि पश्चिम बंगाल की जनता इस बात से बेहद राहत महसूस कर रही है कि लंबे समय बाद राज्य में भय, आतंक और डराने-धमकाने की राजनीति पर लगाम लगी। चुनाव प्रक्रिया के दौरान किसी भी प्रकार की हत्या या हिंसा की बड़ी घटना नहीं हुई और आम नागरिकों को वास्तव में स्वतंत्र होकर वोट डालने का अधिकार मिला।

  • घुसपैठियों पर कार्रवाई: उन्होंने रेखांकित किया कि सीमावर्ती राज्य होने के बावजूद ज्ञानेश कुमार ने मतदाता सूची से अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों के नाम हटाने की साहसिक पहल की। बंगाल के लोगों ने लंबे अर्से बाद ऐसा सुरक्षित और पारदर्शी चुनाव देखा है।

  • जनता का समर्थन: उन्होंने दोहराया कि पश्चिम बंगाल की आम जनता शांतिपूर्ण और रक्तपात-रहित चुनाव संपन्न कराने के लिए पूरी तरह से ज्ञानेश कुमार के साथ खड़ी है।

⚖️ सुप्रीम कोर्ट में पहुंची ज्ञानेश कुमार के खिलाफ याचिका: एसआईटी जांच की मांग

कानूनी विवाद और अदालत में याचिका:

  • आपराधिक कार्रवाई का अनुरोध: दूसरी ओर, सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर कर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित तौर पर वैधानिक दायित्वों का उल्लंघन करने को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की मांग की गई है।

  • याचिका के मुख्य बिंदु: एडवोकेट चांद कुरैशी के माध्यम से एडवोकेट शैलेंद्र मणि त्रिपाठी द्वारा दायर याचिका में कहा गया है कि दोनों अन्य चुनाव आयुक्तों की औपचारिक सहमति के बिना लिए गए फैसलों, दिशा-निर्देशों और सॉफ्टवेयर बदलावों को असंवैधानिक व अमान्य घोषित किया जाए।

  • 13 करोड़ नामों का मुद्दा: याचिका में एसआईआर संबंधी सभी विवादित निर्णयों को रद्द करने, मूल फॉर्म-6 को बहाल करने तथा कथित रूप से 13 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए जाने के आरोपों की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित करने की गुहार लगाई गई है।

📢 राहुल और प्रियंका गांधी का तीखा हमला: देशद्रोह का मुकदमा चलाने की मांग

विपक्ष का कड़ा रुख और सियासी बयानबाजी:

  • प्रियंका गांधी का आरोप: मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस दिल्ली, बिहार और जम्मू-कश्मीर सहित देश के कई राज्यों में लगातार विरोध मार्च निकाल रही है। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची से करोड़ों वोटरों के नाम हटाकर जानबूझकर निष्पक्ष चुनाव बाधित करने के आरोप में ज्ञानेश कुमार पर देशद्रोह का केस दर्ज होना चाहिए।

  • राहुल गांधी की मांग: नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि ज्ञानेश कुमार को अपने पद से तुरंत त्यागपत्र देकर सरकारी गवाह बन जाना चाहिए, क्योंकि सच सामने लाना ही राष्ट्रवाद का असली कार्य होगा। उन्होंने दो टूक कहा कि चुनावी तंत्र और नागरिकों के संवैधानिक मताधिकार के साथ जो छेड़छाड़ हुई है, उसे कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेंगे।