Iran Supreme Leader Health Rumors: मुज्तबा खामेनेई के स्वास्थ्य पर ईरान के राष्ट्रपति का बड़ा बयान, अमेरिकी मीडिया के दावों को नकारा
तेहरान/न्यूयार्क: ईरान के सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई के स्वास्थ्य और उनकी सार्वजनिक रूप से गैर-मौजूदगी को लेकर अंतरराष्ट्रीय मीडिया में लंबे समय से तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। अमेरिकी और इजरायली मीडिया में कई बार उनके अस्वस्थ होने या गंभीर रूप से घायल होने के दावे किए गए थे, यहां तक कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी उन्हें लेकर बयान दे चुके हैं। इसी बीच, न्यूयॉर्क पहुंचे ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने अमेरिकी पत्रकारों से विशेष बातचीत करते हुए इन तमाम दावों को खारिज कर दिया और मुज्तबा खामेनेई के पूरी तरह स्वस्थ होने का सुबूत दिया।
पत्रकारों से खुलकर बात करते हुए ईरानी राष्ट्रपति ने बताया कि करीब एक महीने पहले ही उनकी मुज्तबा खामेनेई से लंबी मुलाकात हुई थी, जो लगभग 7 घंटे तक चली थी। उन्होंने कहा कि उस दौरान वे पूरी तरह स्वस्थ नजर आए, हम दोनों ने बैठकर चर्चा की और वे सामान्य रूप से चल-फिर भी रहे थे।
💪 ‘शरीर के सारे अंग सही हैं, हाथ कटने जैसी खबरें झूठी’: ईरानी राष्ट्रपति
मुज्तबा की सेहत और युद्ध को लेकर बयान:
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फर्जी दावों का खंडन: ईरान के राष्ट्रपति ने मीडिया में चल रही उन खबरों को पूरी तरह बकवास बताया जिनमें कहा जा रहा था कि मुज्तबा के हाथ कट गए हैं या वे किसी गंभीर बीमारी से ग्रस्त हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने खुद उन्हें देखा है और उनके शरीर के सभी अंग बिल्कुल सही हैं।
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जबरन युद्ध में धकेलने का आरोप: राष्ट्रपति पेजेश्कियान ने कहा कि ईरान को जबरन युद्ध में झोंका गया है और उनके पिछले सुप्रीम लीडर की हत्या कर दी गई है।
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अमेरिका को दो टूक: जब उनसे पूछा गया कि क्या ईरान डोनाल्ड ट्रंप की हत्या करवा सकता है, तो उन्होंने इस बात से साफ इनकार किया और कहा कि ईरान कभी ऐसा नहीं सोचता, हालांकि अमेरिका ने ईरान को भारी नुकसान जरूर पहुंचाया है। उन्होंने चेतावनी दी कि चाहे अमेरिका आगे भी कितना नुकसान क्यों न पहुंचा दे, लेकिन ईरान के लोग वाशिंगटन के आगे कभी घुटने नहीं टेकेंगे।
🕵️♂️ मार्च से अंडरग्राउंड हैं मुज्तबा खामेनेई: सुरक्षा कारणों से सामने नहीं आ रहे सुप्रीम लीडर
उत्तराधिकार और सुरक्षा का परिदृश्य:
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सुप्रीम लीडर का चुनाव: ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की हत्या के बाद, इस साल 8 मार्च को 50 धार्मिक गुरुओं (जिन्हें वोट देने का अधिकार था) द्वारा मुज्तबा खामेनेई को ईरान का नया सुप्रीम लीडर चुना गया था।
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गुप्त ठिकाना (अंडरग्राउंड): सुप्रीम बनने के बाद से ही मुज्तबा सुरक्षा कारणों से पूरी तरह अंडरग्राउंड चल रहे हैं। उनकी सटीक लोकेशन या गतिविधियों की भनक अभी तक अमेरिकी और इजरायली खुफिया एजेंसियों तक को नहीं लग पाई है।
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प्रशासनिक कामकाज: हालांकि वे सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आ रहे हैं, लेकिन ईरान के सभी बड़े नीतिगत फैसलों में वे लगातार सक्रिय रूप से शामिल हैं और उनके नाम से ही सोशल मीडिया व आधिकारिक बयान जारी किए जा रहे हैं।