Bihar Crime News: जमुई और समस्तीपुर के बाद बांका में नाबालिग से छेड़छाड़, तेजस्वी यादव ने सरकार को घेरा
पटना/बांका: बिहार में नाबालिग लड़कियों के साथ शोषण, अभद्र व्यवहार और मारपीट की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। राज्य के विभिन्न जिलों से लगातार इस तरह के वीडियो सामने आ रहे हैं, जिसने समाज और प्रशासनिक व्यवस्था को झकझोर कर रख दिया है। जमुई और समस्तीपुर की घटनाओं के बाद अब बांका जिले के प्रसिद्ध ऐतिहासिक पर्यटन स्थल मंदार पर्वत पर एक नाबालिग लड़की के साथ छेड़छाड़ और अभद्रता का मामला सामने आया है, जिसके बाद सियासी गलियारों में हड़कंप मच गया है।
वायरल हो रहे इस वीडियो में कुछ युवक एक नाबालिग लड़की को घेरकर डराते-धमकाते और अभद्र व्यवहार करते नजर आ रहे हैं। इस गंभीर मुद्दे पर राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर विपक्षी दलों ने सरकार पर तीखे हमले शुरू कर दिए हैं।
🗣️ तेजस्वी यादव का सरकार पर करारा हमला: “कानून व्यवस्था मरणसेज पर है”
राजद नेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर राज्य सरकार और मुख्यमंत्री पर तीखा कटाक्ष किया है। उन्होंने कड़े शब्दों में सवाल उठाते हुए कहा:
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सवालों की बौछार: तेजस्वी ने पूछा, “जमुई कांड के शेष 5 आरोपियों का क्या हुआ? समस्तीपुर कांड के आरोपियों को क्या सजा मिली या समीकरण के आधार पर छोड़ दिया गया? बांका के इन दरिंदों को कब पकड़ा जाएगा?”
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मुख्यमंत्री पर तंज: उन्होंने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए लिखा कि कठपुतली मुख्यमंत्री अपनी अपरिपक्वता और पुलिस कार्यप्रणाली में गैर-जरूरी हस्तक्षेप के जरिए न्याय और सभ्य समाज की नींव को प्रतिदिन खोखला कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अपराधियों की जातीय पृष्ठभूमि देखकर न्याय और सजा की प्राथमिकता तय की जा रही है।
📢 चिराग पासवान की दो टूक: “गिरफ्तारी से नहीं, अधिकारियों पर कार्रवाई से रुकेंगी घटनाएं”
केंद्रीय मंत्री और एलजेपी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने इन घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की है।
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अधिकारियों पर गाज गिरे: चिराग पासवान ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि केवल आरोपियों की गिरफ्तारी या एनकाउंटर से ऐसी घटनाएं नहीं रुकेंगी। उन लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई होनी चाहिए जिनकी नाक के नीचे इस तरह की शर्मनाक हरकतें हो रही हैं।
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ज़ीरो-टॉलरेंस की नीति: उन्होंने कहा कि उन्होंने इस विषय पर मुख्यमंत्री से भी चर्चा की है और स्पष्ट किया है कि ऐसे मामलों में सरकार को ‘ज़ीरो-टॉलरेंस’ की नीति अपनानी चाहिए। यदि किसी के कार्यकाल में ऐसी घटनाएं दोबारा होती हैं, तो यह डूब मरने जैसी बात है और आंखें मूंदने वाले अधिकारियों को भी बख्शा नहीं जाना चाहिए।
📊 बिहार में हाल ही में सामने आए तीन संवेदनशील मामले
क्रमवार घटनाएं और पुलिस की कार्रवाई:
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जमुई मामला: मड़वा पहाड़ी पर एक छात्रा से बदसलूकी का वीडियो सामने आया था, जिसमें पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी नंदन यादव को मुठभेड़ (एनकाउंटर) के दौरान पैर में गोली मारकर गिरफ्तार किया। इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।
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समस्तीपुर मामला: कर्पूरी ग्राम क्षेत्र में एक लड़की से छेड़खानी का मामला सामने आया, जिसमें पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए 4 मनचलों को तुरंत जेल भेज दिया।
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बांका मामला: अब बांका के मंदार पर्वत का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन पर दबाव और बढ़ गया है। वायरल वीडियो में 3 से 4 युवक लड़की को परेशान करते दिख रहे हैं। स्थानीय पुलिस अब वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उनकी धरपकड़ में जुटी है।