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सीधी में आबकारी टीम का अजब कारनामा: ग्रामीणों के विरोध पर बोले— ‘जब उमा भारती नहीं रोक सकीं शराब तो हम क्या रोकेंगे’

सीधी (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश के सीधी जिले के बहरी थाना क्षेत्र अंतर्गत नगझर गांव में आबकारी विभाग (Excise Department) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

अवैध शराब की गुप्त सूचना पर गांव में दबिश देने पहुंची आबकारी टीम को ग्रामीणों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों ने टीम पर शराब न पकड़ने के बदले लेन-देन और रिश्वतखोरी के गंभीर आरोप लगाए। ग्रामीणों का दावा है कि पुलिस व आबकारी अमले की मिलीभगत से ही गांव-गांव में अवैध शराब का कारोबार फल-फूल रहा है। बहस के दौरान आबकारी कर्मचारियों की यह गैर-जिम्मेदाराना टिप्पणी भी सामने आई कि “जब पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती शराब बिक्री नहीं रोक सकीं, तो हम कौन होते हैं रोकने वाले?”

🍷 बिना जब्ती और पंचनामा बनाए उल्टे पांव लौटी टीम, सरपंच प्रतिनिधि ने नेमप्लेट न होने पर उठाए सवाल

नगझर गांव के दद्दू केवट के मकान में अवैध देशी शराब बेचे जाने की शिकायत पर आबकारी विभाग का दस्ता पहुंचा था।

ग्रामीणों का आरोप है कि टीम को मौके पर अवैध शराब बरामद भी हुई, किंतु वैधानिक कार्रवाई या जब्ती (Seizure) करने के बजाय कर्मचारी ग्रामीणों से बहस में उलझ गए और अंततः बिना कोई प्रकरण दर्ज किए वहां से रवाना हो गए। ग्राम पंचायत के सरपंच प्रतिनिधि उपेंद्र पांडे ने आरोप लगाया कि दल में 3 पुलिस आरक्षक और 2 सादे कपड़ों में कर्मचारी आए थे, जिनमें से किसी ने भी अपनी आधिकारिक नेमप्लेट नहीं लगाई थी।

🏫 स्कूल के पास खुलेआम बिक रही देशी-विदेशी शराब, ग्रामीणों में फैला भारी आक्रोश

सरपंच प्रतिनिधि एवं ग्रामीणों ने जब आबकारी अमले से उनका परिचय पूछा, तो कोई संतोषजनक उत्तर नहीं मिला।

ग्रामीणों ने आक्रोश जताते हुए कहा कि आबकारी विभाग केवल गरीब और छोटे स्तर पर महुआ/शराब बनाने वालों पर ही दंडात्मक कार्रवाई करता है, जबकि गांव के शासकीय माध्यमिक विद्यालय से महज 100 मीटर की दूरी पर बेखौफ होकर देशी व विदेशी शराब बेची जा रही है। आरोप है कि लाइसेंसधारी शराब ठेकेदार स्वयं गांव-गांव अवैध सप्लाई पहुंचाते हैं, जिसकी लिखित शिकायतें ग्राम पंचायत द्वारा बार-बार दी जा चुकी हैं, किंतु आज तक कोई ठोस प्रशासनिक कार्रवाई नहीं हुई।

☎️ “यहां तो ऐसे ही शराब बिकेगी”, आबकारी अधिकारी ने मीडिया के सवाल पर काटा फोन

ग्रामीणों से वाद-विवाद के दौरान आबकारी टीम के एक आरक्षक ने खुले तौर पर कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने भी शराबबंदी और अवैध बिक्री रोकने का भरपूर प्रयास किया था, जब वे असफल रहीं तो यह सिलसिला ऐसे ही चलता रहेगा।

इस संवेदनशील मामले पर जब आबकारी विभाग के जिला अधिकारी एस.के. सिंह से उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया, तो उन्होंने “मैं आपको कोई जानकारी नहीं दूंगा” कहकर सीधा फोन काट दिया, जिससे विभाग की भूमिका और संदिग्ध हो गई है।

🚓 पुलिस अधीक्षक बोले— “अवैध शराब के खिलाफ अभियान जारी, विशेष जानकारी आबकारी विभाग ही दे सकता है”

मामले में सीधी के पुलिस अधीक्षक (SP) संतोष कोरी ने स्पष्ट किया कि जिला पुलिस प्रशासन द्वारा सभी थाना क्षेत्रों में अवैध शराब के निर्माण, परिवहन और बिक्री के विरुद्ध निरंतर प्रभावी अभियान चलाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि यह विशेष प्रकरण आबकारी विभाग की विभागीय कार्रवाई से संबंधित है, इसलिए उस दिन की विस्तृत जानकारी व अग्रिम कार्रवाई के विषय में केवल आबकारी विभाग ही अधिकारिक बयान दे सकता है।