बृजभूषण सिंह के बरी होने पर भड़कीं विनेश फोगाट: ऊपरी अदालत में अपील की घोषणा, बोलीं— ‘लड़ाई जारी रहेगी’
हरियाणा/दिल्ली: हरियाणा से इस वक्त खेल जगत और महिला पहलवानों के आंदोलन से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आ रही है। महिला पहलवानों और भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष के बीच का विवाद एक बार फिर गरमा गया है। दिल्ली की राउज एवेन्यू अदालत द्वारा 3 अगस्त 2026 को बृजभूषण शरण सिंह को यौन उत्पीड़न के आरोपों से बरी किए जाने के फैसले पर स्टार महिला पहलवान विनेश फोगाट ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। पहलवानों के ऐतिहासिक आंदोलन का प्रमुख चेहरा रहीं विनेश फोगाट ने स्पष्ट किया कि यह न्याय की लड़ाई खत्म नहीं हुई है और वे इस फैसले को ऊपरी अदालत में चुनौती देंगे।
📝 विनेश फोगाट का सोशल मीडिया पर भावुक नोट: “पूरा सिस्टम बृजभूषण को बचाने में लगा रहा”
अदालत का फैसला आने के पश्चात विनेश फोगाट ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया (X) हैंडल पर एक विस्तृत नोट साझा करते हुए अपनी पीड़ा व्यक्त की।
उन्होंने लिखा कि, “हमें सड़क पर उतरने और सत्ताधारी दल के एक प्रभावशाली बाहुबली नेता के विरुद्ध FIR दर्ज कराने में अपार साहस जुटाना पड़ा था। अपने प्रभाव और बाहुबल के दम पर बृजभूषण ने कई पीड़ित लड़कियों को डरा-धमकाकर उनके बयान व नाम वापस करवाए। इसके बावजूद कई साहसी महिला पहलवान मजबूती से खड़ी रहीं और अदालत में कानूनी लड़ाई लड़ती रहीं।”
⚖️ “अदालत के फैसले से गहरा दुख, वकीलों को अपील करने के दे दिए गए हैं निर्देश”
विनेश फोगाट ने अपने नोट में आगे लिखा कि, “हमें इस बात का अत्यंत दुख और आघात है कि अदालत ने बृजभूषण शरण सिंह को यौन उत्पीड़न जैसे गंभीर आरोपों में दोषी नहीं माना। शुरुआत से ही पूरा प्रशासनिक तंत्र, सरकार और यह सिस्टम आरोपी को संरक्षण देने में लगा हुआ था। महिला पहलवानों ने अपने विधिक सलाहकारों (वकीलों) को इस निर्णय के विरुद्ध तत्काल अपील याचिका दाखिल करने का स्पष्ट निर्देश दे दिया है। हमने उम्मीद का दामन नहीं छोड़ा है और यह लड़ाई अनवरत जारी रहेगी।”
💬 “यह न्याय की लड़ाई में केवल एक पड़ाव भर है”: कांग्रेस नेता बृजेंद्र सिंह का समर्थन
इस संवेदनशील मुद्दे पर कांग्रेस नेता बृजेंद्र सिंह ने भी बयान जारी कर पहलवानों का समर्थन किया है।
उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि, “महिला पहलवानों के यौन शोषण मामले में अदालत के इस निर्णय से दिल भारी अवश्य है, किंतु मेरा मानना है कि न्याय की इस यात्रा में यह केवल एक पड़ाव मात्र है। हमारी वीरांगना पहलवानों के संघर्ष और देश के लिए उनके ऐतिहासिक योगदान का गवाह पूरा राष्ट्र है। देश की आम जनता आपके साथ मजबूती से खड़ी है और पूर्ण विश्वास है कि ऊपरी अदालत से न्याय अवश्य प्राप्त होगा।”

