गड्ढे के कारण TDRF जवान की मौत पर राजनीति गरम, विजय वडेट्टीवार का तंज— ‘परिजनों से पुलिस का रवैया असंवेदनशील’
मुंबई/ठाणे (महाराष्ट्र): मुंबई-नासिक राष्ट्रीय राजमार्ग पर सड़क के जानलेवा गड्ढे की वजह से एक अत्यंत दुखद सड़क हादसा घटित हुआ है। ठाणे अग्निशमन विभाग के अंतर्गत TDRF (ठाणे डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स) में तैनात जांबाज जवान विकास गोरे की बाइक सड़क के गहरे गड्ढे से अनियंत्रित होकर उछल जाने के कारण अकाल मृत्यु हो गई। इस भीषण हादसे ने एक बार फिर राष्ट्रीय राजमार्गों की जर्जर स्थिति और सड़क सुरक्षा पर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। हादसे के उपरांत मृतक के शोकाकुल परिजनों ने सड़क निर्माण और रखरखाव करने वाले ठेकेदार के विरुद्ध आपराधिक प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने की पुरजोर मांग की है।
⚖️ परिजनों का गंभीर आरोप: “शाहपुर पुलिस ने ठेकेदार पर FIR दर्ज करने के बजाय मृतक पर ही मढ़ दी गलती”
मृतक जवान के परिजनों का आरोप है कि जब वे शाहपुर पुलिस थाने में संबंधित ठेकेदार और अधिकारियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने पहुँचे, तो पुलिस ने शिकायत लेने के बजाय उन पर ही सवालों की बौछार कर दी।
परिजनों के अनुसार, पुलिस अधिकारियों ने संवेदनहीनता दिखाते हुए उनसे पूछा— “क्या आपके बेटे को सड़क का इतना बड़ा गड्ढा दिखाई नहीं दिया?” परिजनों ने आरोप लगाया कि वे दोषी ठेकेदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे थे, परंतु पुलिस उल्टे हादसे के लिए उनके दिवंगत बेटे को ही दोषी ठहराने का प्रयास कर रही थी।
🌧️ बारिश और जलभराव के कारण अदृश्य था गड्ढा, जिम्मेदार अधिकारियों व ठेकेदार पर हो कार्रवाई: परिजन
मृतक के चाचा ने घटना की स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि हादसे के समय तेज बारिश हो रही थी और सड़क पर भारी जलभराव था।
ऐसी स्थिति में किसी भी वाहन चालक के लिए यह भांपना असंभव था कि जलभराव के नीचे इतना गहरा गड्ढा मौजूद है। उन्होंने आरोप लगाया कि वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक ने आरंभ में शिकायत दर्ज करने से स्पष्ट मना कर दिया। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते हाईवे के गड्ढों की मरम्मत की गई होती, तो एक होनहार जवान की जान न जाती; अतः इस मामले में दोषी ठेकेदार और संबंधित विभागीय इंजीनियरों पर सख्त विधिक कार्रवाई होनी चाहिए।
🎖️ कई आपदा राहत अभियानों में लोगों की जान बचा चुके थे TDRF जवान विकास गोरे
परिजनों ने भारी मन से बताया कि विकास गोरे मात्र एक सरकारी कर्मचारी नहीं थे, बल्कि वे एक समर्पित और जांबाज राहतकर्मी थे।
उन्होंने पूर्व में हुए भिवंडी इमारत हादसे सहित कई जटिल आपदा राहत अभियानों में अपनी जान जोखिम में डालकर अनगिनत लोगों की जिंदगियां बचाई थीं। ऐसे बहादुर जवान की सड़क के प्रशासनिक गड्ढे की वजह से जान चले जाना बेहद दर्दनाक और दुर्भाग्यपूर्ण है।
👮 पुलिस ने दर्ज की ADR, DSP विशाल नागरगोजे बोले— “जांच में दोष सिद्ध होने पर ठेकेदार पर होगी कार्रवाई”
शाहपुर के पुलिस उपाधीक्षक (DSP) विशाल नागरगोजे ने पुलिस का पक्ष रखते हुए बताया कि मृतक के भाई की शिकायत पर फिलहाल एडीआर (ADR) दर्ज कर ली गई है।
पुलिस संपूर्ण मामले की निष्पक्षता से जांच कर रही है। यदि जांच में यह प्रमाणित होता है कि हादसा सड़क के गड्ढे की लापरवाही से हुआ है, तो संबंधित ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने बताया कि एमएसआरडीसी (MSRDC) और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के इंजीनियरों के साथ आपातकालीन बैठक कर गड्ढों को तत्काल भरने के निर्देश दिए गए हैं तथा घटनास्थल के डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित कर लिए गए हैं।
💬 “परिजनों से ऐसा सवाल पूछना बेहद असंवेदनशील”: कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार का सरकार पर हमला
इस दुखद घटना पर राज्य में राजनीतिक सरगर्मी भी तेज हो गई है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विजय वडेट्टीवार ने घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि भिवंडी हादसे में दर्जनों जानें बचाने वाले TDRF जवान की हाईवे के गड्ढे के कारण मौत होना अत्यंत चिंताजनक है। उन्होंने पुलिस प्रशासन को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि न्याय मांगने थाने पहुँचे पीड़ित परिवार से “गड्ढा क्यों नहीं दिखा” जैसे संवेदनहीन प्रश्न पूछना पुलिस की अमानवीय कार्यशैली को उजागर करता है।