ब्रेकिंग
MP News Student Fast Track Court: सीएम मोहन यादव के ऐलान के बाद एक्शन में हाईकोर्ट; छात्रों के मामलो... Bhopal Temple Theft Gang Arrested: भोपाल देहात पुलिस का बड़ा खुलासा! मंदिरों में चोरी करने वाले 5 शा... Indore Crime News: जीतू पटवारी के भाइयों पर शिकंजा! नाना के बाद अब भरत पटवारी से 5 घंटे पूछताछ, रियल... Shahdol School Viral Video: शहडोल के सरकारी स्कूल में बच्चों से कचरा साफ कराने का वीडियो वायरल, बहस ... Katni News Update: उज्जैन सिंहस्थ से मुरादाबाद तक कटनी स्टोन का डंका! लमतरा व निमास मार्बल खदानों का... Morena Bagchini News: मुरैना के नंद गंगोली में सनसनी! चार बच्चों की मां और अविवाहित प्रेमी का खेत मे... Gwalior JAH Parking Scam: ग्वालियर के JAH में स्मार्ट पार्किंग के नाम पर अवैध वसूली, मरीज भुगत रहे ख... Khandwa School Principal Suspended: खंडवा में छात्रों से राजनीति पर बुलवाने का मामला: पटाजन स्कूल के... Indore NEET Protest Update: इंदौर के भंवरकुआं चौराहे पर उग्र हुआ नीट विरोध प्रदर्शन; छात्रों के साथ ... Rahul Gandhi On NEET Protest: 'सब बंद कर दिया, लेकिन पेपर लीक नहीं रोक पाए', दिल्ली में 18 मेट्रो स्...

Bilaspur News: 7 साल से लंबित मांगों को लेकर छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य कर्मचारियों का प्रदर्शन, 33 जिलों में सौंपा ज्ञापन

बिलासपुर : छत्तीसगढ़ में पिछले 7 साल से लंबित पड़ी मांगों को लेकर स्वास्थ्य कर्मचारियों ने जोरदार प्रदर्शन किया है। छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने निजीकरण के विरोध में आवाज उठाते हुए कहा कि उन्हें अब तक सिर्फ कोरे आश्वासन ही मिले हैं, लेकिन समस्याओं का कोई ठोस समाधान नहीं निकला है।

🏛️ प्रदेश के सभी 33 जिलों में हुआ प्रदर्शन, मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

आपको बता दें कि अपनी पुरानी मांगों को लेकर लंबे समय से संघर्ष कर रहे स्वास्थ्य कर्मचारियों ने एक बार फिर सरकार का ध्यान अपनी समस्याओं की ओर आकर्षित किया है। इसके तहत प्रदेश के सभी 33 जिलों में स्वास्थ्य कर्मचारियों ने जिलाधीशों के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर लंबित मांगों पर जल्द से जल्द सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की है।

⚠️ निजीकरण और आउटसोर्सिंग का विरोध, भविष्य को लेकर जताई चिंता

संघ ने स्वास्थ्य विभाग के भीतर निजीकरण, ठेका प्रथा और आउटसोर्सिंग का पुरजोर विरोध करते हुए कहा कि इससे कर्मचारियों का भविष्य पूरी तरह असुरक्षित हो जाएगा और साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर भी बुरा असर पड़ेगा। इसके अलावा, प्रदेश में जल्द स्वास्थ्य आयोग के गठन, हेल्थ सेक्टर में अनिवार्य पंजीयन व्यवस्था लागू करने और रिक्त पड़े पदों पर तत्काल नई भर्तियों की मांग भी जोर-शोर से उठाई गई है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं की गईं, तो वे आने वाले दिनों में अपने आंदोलन को और अधिक उग्र करेंगे।