मध्य प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक अच्छी खबर है। राज्य सरकार ने बिजली बिल में वसूले जाने वाले ‘फ्यूल कॉस्ट एंड पावर परचेज एग्रीमेंट सरचार्ज’ को काफी कम कर दिया है। इसे घटाकर अब मात्र 1.10 फीसदी कर दिया गया है। मध्य प्रदेश पावर मैनेजमेंट कंपनी ने इस संबंध में सर्कुलर जारी कर दिया है, जिससे उपभोक्ताओं को उनके मासिक बिलों में सीधे तौर पर राहत मिलेगी।
📉 कितनी होगी बचत? (यूनिट के आधार पर)
बिजली कंपनियों द्वारा फ्यूल कॉस्ट सरचार्ज में लगातार कमी की जा रही है। अप्रैल तक यह सरचार्ज 6 फीसदी था, जो अब घटकर 1.10 फीसदी पर आ गया है। इसके चलते बिल में होने वाली संभावित बचत का विवरण इस प्रकार है:
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200 यूनिट तक की खपत: लगभग 30 रुपये की बचत।
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300 यूनिट तक की खपत: लगभग 40 रुपये की बचत।
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400 यूनिट तक की खपत: लगभग 55 रुपये की बचत।
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500 यूनिट तक की खपत: लगभग 70 रुपये की बचत।
📋 बिजली बिल में जुड़ने वाले अन्य महत्वपूर्ण चार्ज
उपभोक्ताओं को अपने बिल की संरचना को समझना भी जरूरी है। बिजली बिल में मुख्य रूप से निम्नलिखित शुल्क शामिल होते हैं:
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एनर्जी चार्जेस: यह आपके द्वारा खर्च की गई कुल यूनिट के आधार पर तय होता है।
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फिक्स चार्ज: यह मीटर और कनेक्शन के लोड पर निर्भर करता है। उदाहरण के लिए, 3 किलोवाट लोड होने पर न्यूनतम 390 रुपये फिक्स चार्ज लगता है।
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इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी: 100 यूनिट तक खपत पर 9 फीसदी और उससे अधिक खपत पर 12 फीसदी तक एनर्जी चार्ज के साथ यह शुल्क लिया जाता है।
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अन्य छूट: ऑनलाइन पेमेंट पर टीओडी रिवेट (TOD Rebate) और अन्य सरचार्ज में छूट का प्रावधान भी बिल में दिया जाता है।