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Congress Infighting: जीतू पटवारी के समर्थन में उतरीं निधि चतुर्वेदी, दिग्विजय सिंह पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग

मध्य प्रदेश कांग्रेस में अंदरूनी खींचतान एक बार फिर खुलकर सामने आ गई है। पूर्व राज्यसभा सांसद सत्यव्रत चतुर्वेदी की बेटी और पार्टी महासचिव निधि चतुर्वेदी ने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। दिग्विजय सिंह द्वारा प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी पर की गई टिप्पणी से नाराज निधि ने सोशल मीडिया पर ‘दिग्विजय का नागपाश, कांग्रेस पर प्रहार’ शीर्षक से एक लेख लिखकर पार्टी के वरिष्ठ नेतृत्व पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

🚫 ‘पुत्र मोह’ में पार्टी को कर रहे कमजोर

निधि चतुर्वेदी का आरोप है कि दिग्विजय सिंह का यह व्यवहार ‘पुत्र मोह’ के कारण है। उन्होंने कहा कि दिग्विजय सिंह अपने बेटे जयवर्धन सिंह को प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठाने की महत्वाकांक्षा में पार्टी अनुशासन की धज्जियां उड़ा रहे हैं। निधि ने लिखा, “जब राहुल गांधी देशभर में भाजपा की विचारधारा के खिलाफ संघर्ष कर रहे हैं, तब एक शीर्ष नेता द्वारा प्रदेश अध्यक्ष को सार्वजनिक मंचों पर अपमानित करना कार्यकर्ताओं के लिए एक करारा तमाचा है।”

🗣️ आंतरिक मंच छोड़ मीडिया में क्यों आए?

कांग्रेस नेत्री ने सवाल उठाया कि यदि जीतू पटवारी के कामकाज को लेकर कोई असहमति थी, तो उसे दिल्ली या भोपाल में पार्टी के आंतरिक मंचों पर सुलझाया जा सकता था। उन्होंने आरोप लगाया कि हाथ में फाइल लेकर उज्जैन में प्रेस कॉन्फ्रेंस करना और प्रदेश अध्यक्ष के बयानों को सरेआम खारिज करना पार्टी की मर्यादाओं के खिलाफ है। उन्होंने इसे विपक्षी दल को फायदा पहुंचाने वाली कवायद करार दिया है।

⚖️ हाईकमान से कार्रवाई की मांग

निधि चतुर्वेदी ने कांग्रेस हाईकमान से मांग की है कि इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए दिग्विजय सिंह के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए। उनका मानना है कि व्यक्तिगत राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं के चलते जिस तरह का ‘रायता’ फैलाया जा रहा है, वह आगामी चुनावों में कांग्रेस के लिए घातक सिद्ध हो सकता है। यह बयानबाजी अब प्रदेश कांग्रेस की राजनीति में नई बहस का कारण बन गई है।