IELTS/TOEFL Exam Scam: गुजरात में बड़ा फर्जीवाड़ा; दीवार में छेद कर डमी छात्रों से पास कराई जाती थी परीक्षा
आणंद: गुजरात पुलिस की साइबर क्राइम टीम ने एक बेहद शातिर और हाई-टेक परीक्षा फर्जीवाड़े का पर्दाफाश किया है। आणंद जिले में IELTS और TOEFL की परीक्षा में विदेश जाने के इच्छुक छात्रों को पास कराने के लिए एक गिरोह ने बेहद अनोखा ‘फॉर्मूला’ अपनाया था। पुलिस ने एक आर्ट्स कॉलेज में छापेमारी कर इस पूरे गिरोह की पोल खोल दी है।
🧱 कैसे होता था यह अनोखा फर्जीवाड़ा?
आरोपियों ने परीक्षा केंद्र के बगल वाले कमरे की दीवार में एक छोटा सा छेद कर रखा था। एचडीएमआई (HDMI) स्प्लिटर और एडेप्टर का उपयोग कर परीक्षा दे रहे छात्र के कंप्यूटर स्क्रीन को दूसरे कमरे में रखे कंप्यूटर से जोड़ दिया गया था।
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प्रक्रिया: असली छात्र अपनी जगह बैठा रहता था, लेकिन बगल वाले कमरे में बैठा ‘प्रॉक्सी’ (डमी छात्र) उसकी स्क्रीन पर चल रहे सवालों को देख लेता था।
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समाधान: डमी छात्र दूर से ही बैठकर सारे सवालों के जवाब हल कर देता था, जिससे असली छात्र आसानी से पास हो जाता था।
⚖️ पुलिस कार्रवाई और गिरफ्तारी
छापेमारी के दौरान पुलिस ने 3.78 लाख रुपये के इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स (CPU और मोबाइल फोन) जब्त किए हैं।
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गिरफ्तारी: अहमदाबाद के रहने वाले तरुणकांत शर्मा को गिरफ्तार किया गया है।
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फरार आरोपी: गिरोह का मास्टरमाइंड और एक अन्य सहयोगी अभी भी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) की धारा 66डी के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
🔍 जांच का दायरा बढ़ा
पुलिस अब जब्त किए गए उपकरणों का डेटा खंगाल रही है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि पिछले डेढ़ महीने में कितने छात्रों ने इस तरीके से परीक्षा दी और इस पूरे गोरखधंधे के लिए कितनी रकम वसूली गई। इस घटना ने विदेश जाने वाले छात्रों की परीक्षाओं की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।