Banke Bihari Temple News: क्या जर्जर हो रहा है बांके बिहारी मंदिर? दरारों की चर्चाओं के बीच हाई पावर कमेटी का बड़ा खुलासा
वृंदावन: लाखों-करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र ठाकुर बांके बिहारी मंदिर इन दिनों अपनी सुरक्षा और संरचना को लेकर चर्चाओं में है। सोशल मीडिया और बाजारों में यह चर्चा जोरों पर है कि क्या 150 वर्ष पुराना यह मंदिर जर्जर हो रहा है और इसकी दीवारों में दरारें आ गई हैं? इन सवालों के बीच अब हाई पावर कमेटी ने स्पष्टीकरण दिया है।
🛠️ हाई पावर कमेटी का आधिकारिक बयान
हाई पावर कमेटी के अध्यक्ष और हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज अशोक कुमार ने बताया कि दिसंबर 2025 में IIT रुड़की और ASI (भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण) द्वारा मंदिर का व्यापक सर्वे किया गया था। उन्होंने कहा, “सर्वे रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक सुधार कार्य किए गए हैं। दीवारों के पत्थर और दरारों को वैज्ञानिक तकनीकों (क्राउटिंग) से भरा गया है और मंदिर की नियमित देख-रेख की जा रही है।”
🏛️ जर्जर अवस्था पर गंभीर चिंताएं
वहीं, सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित हाई पावर कमेटी के सदस्य हिमांशु गोस्वामी ने इस विषय को अत्यंत गंभीर बताया है। उन्होंने चिंता जाहिर की है कि यदि मंदिर वास्तव में जर्जर स्थिति में है, तो इसे नजरअंदाज करना घातक हो सकता है। उन्होंने यह भी आशंका जताई कि प्रस्तावित कॉरिडोर निर्माण के दौरान होने वाली संभावित तोड़फोड़ से मंदिर को और अधिक क्षति न पहुंचे।
✨ क्या है नया प्रस्ताव?
हिमाशु गोस्वामी ने एक नया प्रस्ताव रखते हुए कहा, “मंदिर की सुरक्षा और भव्यता को बनाए रखने के लिए हमें 30 एकड़ भूमि आवंटित की जाए, जिसका खर्च हम स्वयं वहन करेंगे और मंदिर का निर्माण और अधिक भव्यता के साथ करेंगे।” यह मांग अब चर्चा का नया विषय बन गई है, क्योंकि 150 वर्ष पुराने इस ऐतिहासिक मंदिर की विरासत को संरक्षित करना हर श्रद्धालु की प्राथमिकता है।