ब्रेकिंग
JPSC परीक्षा धांधली: सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल; सेवानिवृत्त जज की अध्यक्षता में SIT और CBI जांच... JPSC-JSSC धांधली के खिलाफ रांची में छात्रों का हुंकार: मंत्री प्रतिनिधिमंडल संग बैठक विफल, TDPL कंपन... कांवड़ सेवा से समाज में सेवा, संस्कार और सहयोग की भावना मजबूत होती है : Mukesh Sharma राहुल गांधी की पोस्ट पर किरेन रिजिजू का पलटवार, कहा— "राहुल की सोच बदली, उम्मीद है महिला आरक्षण बिल ... पेट्रोल-डीजल के ताज़ा रेट जारी: दिल्ली, मुंबई से पटना तक जानें 8 अगस्त के दाम; क्रूड ऑयल पर ईरान-ओमा... जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ CIK का बड़ा एक्शन, सिम कार्ड दुरुपयोग और UAPA मामलों में कई जिलों ... कर्नाटक के कलबुर्गी में बाढ़ से बिगड़े हालात, उफनती कमलावती नदी में ट्रैक्टर पर शव ले जाकर हुआ अंतिम... बरेली में गजब कारनामा: संदिग्ध परिस्थितियों में गायब महिला दूसरे समुदाय के युवक के घर डबल बेड के नीच... कानपुर देहात में प्रेमी जोड़े को तालिबानी सजा: रस्सी से बांधकर लाठी-डंडों से पीटा, वीडियो वायरल होने ... यूपी में सियासी घमासान: "सपा गिरगिट की तरह रंग बदलती है"— मायावती और बृजेश पाठक का अखिलेश यादव पर ती...

PBM Hospital Bikaner News: बीकानेर के अस्पताल में बड़ी लापरवाही; सिजेरियन के बाद 6 प्रसूताओं की किडनी फेल, मची खलबली

बीकानेर: राजस्थान के बीकानेर स्थित पीबीएम (PBM) अस्पताल से स्वास्थ्य सेवाओं पर गंभीर सवाल खड़ा करने वाला मामला सामने आया है। अस्पताल की जनाना विंग में सिजेरियन (C-Section) ऑपरेशन के बाद 6 प्रसूताओं की अचानक तबीयत बिगड़ गई। सभी महिलाओं की किडनी ने अचानक काम करना बंद कर दिया, जिससे पूरे अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया है।

👩‍⚕️ आईसीयू में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहीं प्रसूताएं

जानकारी के अनुसार, प्रभावित महिलाओं की उम्र 20 से 27 वर्ष के बीच है। फलोदी की रहने वाली 20 वर्षीय प्रसूता प्रीति की स्थिति सबसे नाजुक है, जिसे गंभीर संक्रमण के कारण वेंटिलेटर पर रखा गया है। बाकी पांचों महिलाओं को भी आईसीयू में शिफ्ट किया गया है, जहाँ विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में उनकी डायलिसिस की प्रक्रिया चल रही है।

🦠 संक्रमण (इन्फेक्शन) की है आशंका

इस गंभीर मामले पर एसपी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सुरेंद्र वर्मा ने कहा कि एक्यूट किडनी इंजरी के पीछे कई तकनीकी कारण हो सकते हैं, लेकिन ऑपरेशन थिएटर या वार्ड में फैले घातक बैक्टीरियल संक्रमण (Infection) की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है। अस्पताल प्रशासन अब सुरक्षा मानकों को बढ़ाने के लिए वार्डों में 90 सेकंड में संक्रमण की पहचान करने वाली अत्याधुनिक डिटेक्टर मशीनें लगाने की तैयारी कर रहा है।

⚖️ स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर खड़े हुए सवाल

कोटा के बाद बीकानेर के इस बड़े सरकारी अस्पताल में हुई घटना ने प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं की लचर व्यवस्था और ऑपरेशन थिएटरों की सफाई (Sanitization) पर कड़े सवाल खड़ा कर दिए हैं। वर्तमान में, मामले की तह तक जाने के लिए उच्च स्तरीय जांच टीम गठित कर दी गई है। परिजनों में भारी आक्रोश है और अस्पताल की सुरक्षा मानकों की कड़ी समीक्षा की मांग की जा रही है।