RCA Election Results Stayed: सुप्रीम कोर्ट ने आरसीए चुनाव परिणाम पर लगाई अंतरिम रोक, सीलबंद लिफाफे में कैद हुए नतीजे
राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (RCA) के बहुचर्चित चुनाव पर देश की शीर्ष अदालत ने बड़ा हस्तक्षेप किया है। सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने मंगलवार को आरसीए चुनाव के नतीजे घोषित करने पर अंतरिम रोक लगाने का आदेश जारी किया।
सर्वोच्च अदालत ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि मतदान के परिणाम सीलबंद लिफाफे में ही सुरक्षित रखे जाएंगे और राजस्थान हाईकोर्ट द्वारा इस संपूर्ण मामले का अंतिम निपटारा किए जाने तक परिणाम सार्वजनिक नहीं किए जाएंगे।
शीर्ष अदालत ने चुनाव प्रक्रिया में तीन नए जिलों को शामिल किए जाने, महिलाओं के समुचित प्रतिनिधित्व के अभाव तथा खेल नियमावली के कथित उल्लंघन को अत्यंत गंभीर माना है। दूसरी तरफ, जयपुर के सवाई मानसिंह (SMS) स्टेडियम में निर्धारित प्रक्रिया के तहत 38 में से 35 जिला संघों की भागीदारी के साथ वोटिंग संपन्न हुई। चुनाव अधिकारी ए.के. पांडे ने आधिकारिक पुष्टि की है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का अनुपालन करते हुए परिणाम रोक दिए गए हैं और मतपेटियों को कलेक्ट्रेट के सुरक्षित स्ट्रॉन्ग रूम में सील करवा दिया गया है।
🏛️ समानांतर चला कानूनी और सियासी ड्रामा: वरिष्ठ वकीलों ने रखा पक्ष
अदालती कार्यवाही और कानूनी घटनाक्रम:
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याचिकाकर्ताओं की दलील: सवाई माधोपुर जिला संघ के अध्यक्ष डीडी कुमावत तथा राजस्थान महिला क्रिकेट टीम की पूर्व कप्तान मेघा गौड़ की ओर से सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका (SLP) दायर की गई थी।
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वरिष्ठ अधिवक्ताओं की पैरवी: अदालत में वरिष्ठ अधिवक्ता मेनका गुरुस्वामी और अरुंधति काटजू ने याचिकाकर्ताओं का पक्ष मजबूती से रखा।
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प्रशासक को निर्देश: सुनवाई के पश्चात अदालत ने अतिरिक्त महाधिवक्ता को आदेशित किया कि वे इस अंतरिम आदेश की सूचना अविलंब आरसीए प्रशासक भास्कर ए. सावंत को प्रेषित करें।
🗳️ 35 जिला संघों ने किया मतदान: 3 नए जिलों के सचिवों ने किया बहिष्कार
मतदान प्रक्रिया और बहिष्कार का विवरण:
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मतदान की स्थिति: सवाई मानसिंह स्टेडियम में संपन्न हुए मतदान में कुल 38 जिला संघों में से 35 संघों के प्रतिनिधियों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
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स्वेच्छा से बहिष्कार: विवाद के केंद्र में रहे तीन नए जिलों—डीडवाना-कुचामन, खैरथल-तिजारा और बालोतरा के सचिवों ने चुनाव की वैधानिकता पर सवाल न उठे, इसका हवाला देते हुए मतदान से खुद को दूर रखा।
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मतपेटियों की सीलिंग: मतदान समाप्त होते ही चुनाव अधिकारी की निगरानी में सभी मतपेटियों को विधिवत सील कर कड़े सुरक्षा घेरे में सुरक्षित रखवाने की कार्रवाई पूरी की गई।
⚠️ व्यवस्था पर गंभीर आरोप: मतदान कक्ष में बाहरी लोगों की मौजूदगी पर शिकायत
प्रत्याशियों के आरोप और व्यवस्था पर सवाल:
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अध्यक्ष पद प्रत्याशी के आरोप: मतदान के उपरांत बाहर आए अध्यक्ष पद के प्रमुख दावेदार धनंजय सिंह खींवसर और कोषाध्यक्ष पद प्रत्याशी आशीष तिवाड़ी ने संयुक्त रूप से चुनाव प्रबंधन पर कड़े सवाल खड़े किए।
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पहचान पत्र जांच पर सवाल: धनंजय सिंह खींवसर ने आरोप लगाया कि कड़ी सुरक्षा और आईडी जांच के बावजूद मतदान केंद्र के भीतर 11 से 12 अनाधिकृत बाहरी लोग तथा एक कैबिनेट रैंक के व्यक्ति उपस्थित थे, जिनका क्रिकेट से कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं था। इस संबंध में चुनाव अधिकारी को औपचारिक लिखित शिकायत दर्ज कराई गई है।
🏏 ‘क्रिकेट कम, कानूनी विवादों का अड्डा ज्यादा’: नेताओं ने कसा तीखा तंज
प्रत्याशियों की प्रतिक्रिया और कटाक्ष:
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आरसीए भवन पर तंज: पूरे घटनाक्रम पर चुटकी लेते हुए पराक्रम सिंह और धनंजय सिंह ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है मानो आरसीए भवन पर कोई भारी वास्तु दोष या ग्रहण लगा हुआ है।
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हवन-पूजन की जरूरत: उन्होंने तंजिया लहजे में कहा कि किसी विख्यात पंडित से इस दफ्तर की कुंडली दिखवाकर विशेष पूजा-पाठ और हवन कराना पड़ेगा, क्योंकि जब से यह नया दफ्तर बना है, यहां खेल और क्रिकेट की कम तथा कानूनी पचड़ों और मुकदमों की चर्चा ज्यादा होती है।
🔒 हाईकोर्ट के पाले में पहुंची गेंद: सीलबंद लिफाफे में कैद रहेगा आरसीए की सत्ता का ताज
भविष्य की प्रशासनिक स्थिति:
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हाईकोर्ट के फैसले पर नजर: सुप्रीम कोर्ट के कड़े रुख के बाद अब आरसीए चुनाव का भविष्य पूरी तरह से राजस्थान हाईकोर्ट के आगामी निर्णय पर निर्भर करेगा।
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प्रशासनिक अनिश्चितता: जब तक उच्च न्यायालय सभी लंबित आपत्तियों और याचिकाओं का निस्तारण नहीं कर देता, तब तक राजस्थान क्रिकेट की बागडोर किसके हाथ में जाएगी, इसका फैसला सीलबंद लिफाफे में ही कैद रहेगा और राज्य क्रिकेट का प्रशासनिक ढांचा अधर में रहेगा।